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Siddharthnagar News: अब आबादी की जमीन पर प्लाटिंग और मकान निर्माण के लिए लेना होगा नक्शा
Wed, 06 Dec 2023 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 06 Dec 2023 01:23 AM IST
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सिद्धार्थनगर। ग्रामीण क्षेत्र में सड़क के किनारे और आबादी से दूर प्लाटिंग करके लाखों की जमीन करोड़ों में बेचने वाले भू-माफियों पर प्रशासन की नजर है। अब ग्रामीण क्षेत्र में जमीन की प्लाटिंग करके निर्माण कराने के लिए जिला पंचायत से शहरी क्षेत्र की तरह से नक्शा पास करवाना होगा। तभी निर्माण कार्य करवा सकेंगे। इसके लिए जमीन संबंधित पूरे कागजात साक्ष्य के रूप में आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे, तभी नक्शा से पास हो पाएगा। इसके साथ ही गांव की आबादी से बाहर खेत अन्य नंबर की जमीन में मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराना होगा। अगर ऐसा नहीं करे हैं तो वह अवैध माना जाएगा। जिला पंचायत की ओर से कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत के बाइलॉज में बदलाव से ग्रामीण क्षेत्र भी उनके दायरे में शामिल हुआ है। नियम जिले में प्रभावी हो गया है।
शहरी क्षेत्र में मकान और प्रतिष्ठान निर्माण के लिए नगर पालिका और नगर पंचायत से नक्शा पास कराने सहित अन्य कागजी कोरम पूरा करने के बाद मकान और होटल निर्माण की प्रकिया आगे बढ़ती थी। बिना नक्शा पास हुए निर्माण अवैध श्रेणी में आता था, जिस पर प्रशासन की ओर से कभी भी कार्रवाई की जा सकती थी। लेकिन अब यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिला पंचायत के नियमावली में बदलाव हुआ है। अब ग्रामीण क्षेत्र उसके दायरे में आए हैं। इसमें आबादी से हटकर खेत और नंबर की अन्य भूमि पर मकान बनवाने के लिए गृहस्वामी को नक्शा पास करवाना होगा। वहीं, प्रशासन के बिना जाने किसी कागजी कार्रवाई के अवैध रूप से प्लाटिंग करके भवन निर्माण करके बेचने वाले दायरे में आएंगे। क्योंकि बिना नक्शा पास हुए निर्माण करवाया तो अवैध घोषित करते हुए जिला पंचायत की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इस नियम के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा।
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भू- माफियों पर कड़ा प्रहार
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र में सड़क के किनारे और अन्य स्थान पर एक छोटा से नंबर लेकर भू-माफिया आसपास कब्जा करके मकान बनवा देते हैं और मिट्टी के भाव जमीन खरीद कर करोड़ों में बेचते हैं। यहां कब्जे को लेकर लगातार विवाद भी होते हैं। कारण कब्जा करने के बाद निर्माण करने तक उन्हें कोई कागजी कोरम पूरा नहीं करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद मकान का नक्शा पास कराने के लिए भूमि संबंधित कागजात देना होगा। जांच होगी इसके बाद रकबे के हिसाब से ही निर्माण करवा सकेंगे। ऐसे में जबरिया और विवाद जमीन खरीदकर करोड़ों में बेचने के धंधे पर विराम लग जाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से हो रहा है प्लाटिंग का कार्य
ग्रामीण क्षेत्र में आबादी से दूर सड़क किनारे और चौराहोंं के पास जिले में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग करने का कार्य चल रहा है। अब भू- माफियाओं को मिट्टी में सोना नजर आने लगा है। जिस भूमि की कीमत दो लाख रुपये मंडी है, प्लाटिंग होने के बाद सीधे 10 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। जमीन दूसरे की अनुबंध पर लेकर भू-माफिया करोड़ों कमा रहे हैं। जिसका कोई हिसाब ही नहीं है। लेकिन अब प्लाटिंग करते ही भूमि का पूरा हिसाब देना होगा। तभी नक्शा पास हो पाएगा। ऐसे में जहां सरकार राजस्व का फायदा होगा। वहीं भू-माफिया जमीन में हेरफेर नहीं कर सकेंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले रास्ते के विवाद पर लगेगा अंकुश
ग्रामीण क्षेत्र में कस्बों और बाहर खेत की भूमि पर बसने वाली नई आबादी में भी रास्ते को लेकर विवाद लगातार बना रहता है। आए दिन मारपीट और तहसीलों में भूमि विवाद के मामले में पहुंचते हैं। जब ग्रामीण क्षेत्र में खेत और अन्य नंबर के जमीन पर मकान बनेगा तो नक्शा पास होगा। जिसमें चौहद्दी दर्ज होगी। इसमें रास्ते के जिक्र होगा किस तरफ है और चौड़ाई कितनी है। उसे छोड़कर ही निर्माण होगा। ऐसे में रास्ते पर कब्जा और अन्य विवाद खत्म हो जाएगा।
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तेजी से बढ़ रहा होटल और लॉज का कारोबार
जिले में शहर से दूर हटकर चौराहे पर लिंक रोड पर होटल और बड़े-बड़े मैरिज हाल खुल रहे हैं। इसके साथ ही अन्य प्रतिष्ठान और रोजगार के केंद्र लग रहे हैं। जिससे इन्हें भारी भरकम लाभ होता है। अब यह भी जिला पंचायत के दायरे में आए गए हैं। निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना होगा। तभी निर्माण कार्य करवा सकेंगे। अगर मनमानी से होटल, लॉज बनवा रहे हैं तो प्रशासन अवैध घोषित करते हुए कार्रवाई कर सकता है।
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बोले जिम्मेदार
जिला पंचायत के बाइलाज में बदलाव हुआ है। अब ग्रामीण क्षेत्र में नंबर में बनने वाले मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठान का नक्शा बनेगा। शहरी तर्ज पर यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में लागू हुई। अब प्लाटिंग और आबादी से बाहर निर्माण पर व्यवस्था लागू हो गई है। बिना नक्शा के निर्माण अवैध माना जाएगा।
-लालता प्रसाद, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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शहरी क्षेत्र में मकान और प्रतिष्ठान निर्माण के लिए नगर पालिका और नगर पंचायत से नक्शा पास कराने सहित अन्य कागजी कोरम पूरा करने के बाद मकान और होटल निर्माण की प्रकिया आगे बढ़ती थी। बिना नक्शा पास हुए निर्माण अवैध श्रेणी में आता था, जिस पर प्रशासन की ओर से कभी भी कार्रवाई की जा सकती थी। लेकिन अब यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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जिला पंचायत के नियमावली में बदलाव हुआ है। अब ग्रामीण क्षेत्र उसके दायरे में आए हैं। इसमें आबादी से हटकर खेत और नंबर की अन्य भूमि पर मकान बनवाने के लिए गृहस्वामी को नक्शा पास करवाना होगा। वहीं, प्रशासन के बिना जाने किसी कागजी कार्रवाई के अवैध रूप से प्लाटिंग करके भवन निर्माण करके बेचने वाले दायरे में आएंगे। क्योंकि बिना नक्शा पास हुए निर्माण करवाया तो अवैध घोषित करते हुए जिला पंचायत की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इस नियम के लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में बड़ा बदलाव होगा।
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भू- माफियों पर कड़ा प्रहार
दरअसल, ग्रामीण क्षेत्र में सड़क के किनारे और अन्य स्थान पर एक छोटा से नंबर लेकर भू-माफिया आसपास कब्जा करके मकान बनवा देते हैं और मिट्टी के भाव जमीन खरीद कर करोड़ों में बेचते हैं। यहां कब्जे को लेकर लगातार विवाद भी होते हैं। कारण कब्जा करने के बाद निर्माण करने तक उन्हें कोई कागजी कोरम पूरा नहीं करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद मकान का नक्शा पास कराने के लिए भूमि संबंधित कागजात देना होगा। जांच होगी इसके बाद रकबे के हिसाब से ही निर्माण करवा सकेंगे। ऐसे में जबरिया और विवाद जमीन खरीदकर करोड़ों में बेचने के धंधे पर विराम लग जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से हो रहा है प्लाटिंग का कार्य
ग्रामीण क्षेत्र में आबादी से दूर सड़क किनारे और चौराहोंं के पास जिले में बड़े पैमाने पर प्लाटिंग करने का कार्य चल रहा है। अब भू- माफियाओं को मिट्टी में सोना नजर आने लगा है। जिस भूमि की कीमत दो लाख रुपये मंडी है, प्लाटिंग होने के बाद सीधे 10 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। जमीन दूसरे की अनुबंध पर लेकर भू-माफिया करोड़ों कमा रहे हैं। जिसका कोई हिसाब ही नहीं है। लेकिन अब प्लाटिंग करते ही भूमि का पूरा हिसाब देना होगा। तभी नक्शा पास हो पाएगा। ऐसे में जहां सरकार राजस्व का फायदा होगा। वहीं भू-माफिया जमीन में हेरफेर नहीं कर सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले रास्ते के विवाद पर लगेगा अंकुश
ग्रामीण क्षेत्र में कस्बों और बाहर खेत की भूमि पर बसने वाली नई आबादी में भी रास्ते को लेकर विवाद लगातार बना रहता है। आए दिन मारपीट और तहसीलों में भूमि विवाद के मामले में पहुंचते हैं। जब ग्रामीण क्षेत्र में खेत और अन्य नंबर के जमीन पर मकान बनेगा तो नक्शा पास होगा। जिसमें चौहद्दी दर्ज होगी। इसमें रास्ते के जिक्र होगा किस तरफ है और चौड़ाई कितनी है। उसे छोड़कर ही निर्माण होगा। ऐसे में रास्ते पर कब्जा और अन्य विवाद खत्म हो जाएगा।
तेजी से बढ़ रहा होटल और लॉज का कारोबार
जिले में शहर से दूर हटकर चौराहे पर लिंक रोड पर होटल और बड़े-बड़े मैरिज हाल खुल रहे हैं। इसके साथ ही अन्य प्रतिष्ठान और रोजगार के केंद्र लग रहे हैं। जिससे इन्हें भारी भरकम लाभ होता है। अब यह भी जिला पंचायत के दायरे में आए गए हैं। निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना होगा। तभी निर्माण कार्य करवा सकेंगे। अगर मनमानी से होटल, लॉज बनवा रहे हैं तो प्रशासन अवैध घोषित करते हुए कार्रवाई कर सकता है।
बोले जिम्मेदार
जिला पंचायत के बाइलाज में बदलाव हुआ है। अब ग्रामीण क्षेत्र में नंबर में बनने वाले मकान, दुकान और अन्य प्रतिष्ठान का नक्शा बनेगा। शहरी तर्ज पर यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में लागू हुई। अब प्लाटिंग और आबादी से बाहर निर्माण पर व्यवस्था लागू हो गई है। बिना नक्शा के निर्माण अवैध माना जाएगा।
-लालता प्रसाद, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत