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Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ मंजूषा 2025 प्रदर्शनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में बुधवार को गृह विज्ञान विभाग द्वारा रचनात्मक प्रतिभा, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु मंजूषा 2025 नामक एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभाग की छात्राओं ने हस्तनिर्मित एवं पुनः उपयोग की गई सामग्रियों से तैयार की गई वस्तुओं को प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रमुख उत्पादों विशेष रूप से अपशिष्ट सामग्री से निर्मित इयररिंग्स, कीचेन, डोर तोरण, फोटो फ्रेम, शोपीस, डोर हैंगिंग्स, कोस्टर्स, फूल, फूलदान, बंधेज कार्य वाले दुपट्टे, हाथ से सिले रुमाल, तथा अन्य सजावटी एवं उपयोगी वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। साथ ही, छात्राओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद जैसे अचार, सिरका, नमकीन, केले के चिप्स, माउथ फ्रेशनर, मूंगफली के गिफ्ट हैम्पर्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
इन वस्तुओं को गृह विज्ञान की छात्राओं ने अपनी कक्षा के अभ्यास कार्यों के अंतर्गत पूर्णत: स्वयं तैयार किया गया था । छात्राओं द्वारा लगाए गए खाने के स्टाल गुलाब जामुन , पनकम आदि ने भी खूब तारीफ बटोरी ।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विवि की कुलपति प्रो. कविता शाह ने छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा मंजूषा 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हमारी छात्राओं की प्रतिभा, नवाचार और आत्मनिर्भर सोच का प्रतिबिंब है। यह प्रयास उन्हें शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मक दृष्टि एवं नवाचार के प्रति आकर्षक तो बढ़ता ही है साथ में अन्य विद्यार्थी भी इससे प्रेरित होते हैं और वर्तमान परिवेश में विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मक एवं क्रियात्मक दृष्टि विकसित करना शिक्षण कौशल का महत्वपूर्ण आयाम है। कार्यक्रम की संयोजक एवं गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ रक्षा ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं ने न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि सीमित संसाधनों द्वारा जीवन मे उपयोगी वस्तुओं को बनाया जा सकता है। इस दृष्टि से मंजूषा नवाचार का एक उत्सव के रूप में परिगणित किया जा सकता है। रिसोर्स पर विश्वविद्यालय के वाणिज्य कला एवं विज्ञान के डीन , मुख्य नियन्ता, विभागाध्यक्ष शिक्षक छात्राएं उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में बुधवार को गृह विज्ञान विभाग द्वारा रचनात्मक प्रतिभा, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु मंजूषा 2025 नामक एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभाग की छात्राओं ने हस्तनिर्मित एवं पुनः उपयोग की गई सामग्रियों से तैयार की गई वस्तुओं को प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रमुख उत्पादों विशेष रूप से अपशिष्ट सामग्री से निर्मित इयररिंग्स, कीचेन, डोर तोरण, फोटो फ्रेम, शोपीस, डोर हैंगिंग्स, कोस्टर्स, फूल, फूलदान, बंधेज कार्य वाले दुपट्टे, हाथ से सिले रुमाल, तथा अन्य सजावटी एवं उपयोगी वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। साथ ही, छात्राओं द्वारा तैयार किए गए खाद्य उत्पाद जैसे अचार, सिरका, नमकीन, केले के चिप्स, माउथ फ्रेशनर, मूंगफली के गिफ्ट हैम्पर्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
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इन वस्तुओं को गृह विज्ञान की छात्राओं ने अपनी कक्षा के अभ्यास कार्यों के अंतर्गत पूर्णत: स्वयं तैयार किया गया था । छात्राओं द्वारा लगाए गए खाने के स्टाल गुलाब जामुन , पनकम आदि ने भी खूब तारीफ बटोरी ।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विवि की कुलपति प्रो. कविता शाह ने छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा मंजूषा 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हमारी छात्राओं की प्रतिभा, नवाचार और आत्मनिर्भर सोच का प्रतिबिंब है। यह प्रयास उन्हें शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन के लिए भी तैयार करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम से विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मक दृष्टि एवं नवाचार के प्रति आकर्षक तो बढ़ता ही है साथ में अन्य विद्यार्थी भी इससे प्रेरित होते हैं और वर्तमान परिवेश में विद्यार्थियों के अंदर रचनात्मक एवं क्रियात्मक दृष्टि विकसित करना शिक्षण कौशल का महत्वपूर्ण आयाम है। कार्यक्रम की संयोजक एवं गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ रक्षा ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्राओं ने न केवल अपने कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि सीमित संसाधनों द्वारा जीवन मे उपयोगी वस्तुओं को बनाया जा सकता है। इस दृष्टि से मंजूषा नवाचार का एक उत्सव के रूप में परिगणित किया जा सकता है। रिसोर्स पर विश्वविद्यालय के वाणिज्य कला एवं विज्ञान के डीन , मुख्य नियन्ता, विभागाध्यक्ष शिक्षक छात्राएं उपस्थित रहे।