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Siddharthnagar News: मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
Tue, 14 Jul 2026 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
बारिश के बाद जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मलेरिया रोधी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और गांवों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य आशा वर्कर और निचले स्तर पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे है।
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जिले में हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगता है।
इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। जहां-जहां जलभराव की संभावना है, वहां एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और जरूरत पड़ने पर फॉगिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सीएमओ स्तर से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को पर्याप्त मात्रा में मलेरिया रोधी दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बुखार के मरीजों की तत्काल जांच कर मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज शुरू किया जाएगा। वहीं, उल्टी-दस्त और अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की भी निगरानी की जाएगी। वहीं, मलेरिया अधिकारी गांव के लेबल पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही फील्ड में भ्रमण करके जरूरत के हिसाब दवा के छिड़काव आदि के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
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सिद्धार्थनगर। बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
बारिश के बाद जलभराव और गंदगी से मच्छरों के पनपने की आशंका को देखते हुए जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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मलेरिया रोधी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और गांवों में निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य आशा वर्कर और निचले स्तर पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे है।
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जिले में हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगता है।
इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। जहां-जहां जलभराव की संभावना है, वहां एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और जरूरत पड़ने पर फॉगिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सीएमओ स्तर से सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को पर्याप्त मात्रा में मलेरिया रोधी दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बुखार के मरीजों की तत्काल जांच कर मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज शुरू किया जाएगा। वहीं, उल्टी-दस्त और अन्य संक्रामक रोगों के मरीजों की भी निगरानी की जाएगी। वहीं, मलेरिया अधिकारी गांव के लेबल पर काम करने वाली स्वास्थ्य इकाई की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही फील्ड में भ्रमण करके जरूरत के हिसाब दवा के छिड़काव आदि के बारे में जानकारी ले रहे हैं।