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बिजली नहीं रहने पर भी रोशन रहेंगे प्रमुख कस्बे
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:23 PM IST
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बर्डपुर के बजहा बाजार में लगी सोलर लाइट।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। बिजली नहीं रहने पर भी जिले के प्रमुख ग्रामीण बाजारों में अब अंधेरा नहीं रहेगा। इन कस्बों को दूधिया रोशनी से जगमगाने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक के दो प्रमुख कस्बों का चयन किया गया है। चिह्नित 28 कस्बों में कुल 238 स्ट्रीट लाइटें लगेंगी।
जिले के कई कस्बे व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा होने के चलते अब तक वहां रात्रि प्रकाश का कोई इंतजाम नहीं है। कुछ कस्बों में सार्वजनिक स्थलों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन वे बिजली पर आधारित हैं। बिजली नहीं रहने पर अंधेरा पसरा रहता है। दुकानदारों को भी सूर्यास्त के साथ ही बाजार समेटना पड़ता है।
रात में इन कस्बों को जगमग रखने के लिए प्रदेश सरकार ने पं. दीनदयाल उपाध्याय स्ट्रीट लाइट योजना लागू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक से दो प्रमुख कस्बों का चयन कर उसके सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना बनाई गई है। खास बात यह है कि योजना के तहत लगने वाली स्ट्रीट लाइटों की पांच वर्ष तक देखरेख की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था की होगी। इस अवधि में खराबी आती है तो संस्था उसे दुरुस्त भी कराएगी।
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जिले के कई कस्बे व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, मगर ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा होने के चलते अब तक वहां रात्रि प्रकाश का कोई इंतजाम नहीं है। कुछ कस्बों में सार्वजनिक स्थलों पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन वे बिजली पर आधारित हैं। बिजली नहीं रहने पर अंधेरा पसरा रहता है। दुकानदारों को भी सूर्यास्त के साथ ही बाजार समेटना पड़ता है।
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रात में इन कस्बों को जगमग रखने के लिए प्रदेश सरकार ने पं. दीनदयाल उपाध्याय स्ट्रीट लाइट योजना लागू की है। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक से दो प्रमुख कस्बों का चयन कर उसके सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना बनाई गई है। खास बात यह है कि योजना के तहत लगने वाली स्ट्रीट लाइटों की पांच वर्ष तक देखरेख की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था की होगी। इस अवधि में खराबी आती है तो संस्था उसे दुरुस्त भी कराएगी।
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