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Siddharthnagar News: मशीन नई...समस्या पुरानी, राशन के लिए जद्दोजहद जारी
Sat, 23 Mar 2024 03:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 03:06 PM IST
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सिद्धार्थनगर। कोटे की दुकानों पर होने वाली घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने मशीन में बदलाव कर दिया है। नई मशीन लगने के बाद समस्या का समाधान होने की बजाए और बढ़ गई है। कारण फास्ट नेटवर्किंग न होने के कारण मशीन काम नहीं कर रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को अंगूठा लगाने और राशन लेने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कारण जिसका एक बार में अंगूठा नहीं लगा, वह 10 मिनट से आधा घंटे बाद लगा सकता है। वह भी दोबारा लग जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। एक बार अंगूठा लगने में चूक हुई और मशीन ने मैच नहीं किया तो फिर दूसरे ही दिन नंबर आएगा।
राशन वितरण में हो रही समस्या की हकीकत जानने के लिए जब कोटे की दुकानों की पड़ताल की गई तो यह तस्वीर सामने आई। उपभोक्ता के साथ कोटेदार पर इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर व्यवस्था मशीन में बदलाव ही करना था तो ट्रायल के तौर पर पहले कुछ स्थानों पर देखा जाना चाहिए था। पुरानी तकनीकी से अगर बेहतर होती तो करते। लेकिन बिना देखे मशीन लगा दी गई। अब जूझना पड़ता है।
यह हाल एक दो नहीं, बल्कि जिले के शहर से लेकर गांव तक के 1323 कोटे की दुकानों का है और 4.67 लाख कार्डधारक इसे समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार सर्वर की परेशानी का हवाला दे रहे हैं। कह रहे हैं कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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दो-दो घंटे तक नहीं काम कर रही मशीन
शहर के वाल्मीकिनगर में कोटेदार के यहां पहुंचे तो यहां उपभोक्ता मौजूद थे। लेकिन मशीन अंगूठा नहीं लग पा रहा था। राशन लेने के लिए पहुंचे सुनील ने कहा कि आज दूसरा दिन है। कल पहुंचे तो नहीं लगा, आज आए तो नहीं काम कर रहा है। राशन के लिए पूरे दिन की दिहाड़ी कैसे छोड़ें। बहुत समस्या हो रही है। कोटेदार रामधनी ने बताया कि नेटवर्क की दिक्कत है। दो-दो घंटे तक मशीन काम नहीं कर रही है। इसके बारे में अवगत कराया गया है।
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के मल्दा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव डिवलीडीहा मिश्र में सुबह 10 बजे के कोटेदार संदीप मिश्र के यहां पहुंचे, जहां गांव के राशन कार्ड धारकों की भीड़ जमा थी। मौके पर राशन कार्डधारक शेषराम करीब एक घंटे से अंगूठा लगा रहे थे। मगर सरवर डाउन होने के कारण अंगूठा नहीं लग पा रहा था। कोटेदार संदीप मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायत में 326 कुल कार्ड धारक हैं। 15 मार्च से राशन वितरण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन नेटवर्किंग समस्या के कारण अभी तक पूरा वितरण नहीं हो पाया है। वहीं, ग्राम पंचायत अंदुआ शनिचरा में कोटेदार शिव वर्मा राशन का वितरण कर रहे थे। ग्राम पंचायत में 363 कार्ड धारकों के सापेक्ष 170 लोगों को राशन वितरण किया जा चुका है। राशन लेने आई फूलमती ने बताया कि दो दिन से अंगूठा लगाने आती हूं। मगर आज दो घंटे प्रयास के बाद अंगूठा लगा है। इसके पहले आसानी से अंगूठा लगा कर राशन मिल जाता था। मगर अब दो दिन अकाज करना पड़ता है। कोटेदार शिव वर्मा ने बताया कि अंगूठा लगवाने में सबसे बड़ी मुसीबत सर्वर व नेटवर्क बन रही है।
मशीन में हो रही है यह परेशानी
एक कोटेदार के मुताबिक नई मशीन में अंगूठा लगाने के लिए जबकि तौल के लिए अलग-अलग मशीन है। मशीन को नेटवर्क के जरिये कनेक्ट किया गया है। अंगूठा यहां लगे, डिसप्ले मशीन पर करेगी। राशन रखने से तौल पूरी करने के बीच में अगर तकनीकी दिक्कत हुई तो निरस्त हो जाता है। इसके बाद फिर 10 मिनट से आधे घंटे बाद अंगूठा लगा सकते हैं। जिसका एक बार में नहीं लगा उसका दोबारा लगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। दो से तीन बार ही लगा भी रहे हैं, कारण तीन बार में लंबा समय हो जा रहा है। इस मशीन में यही समस्या हो रही है।
पुरानी मशीन इस प्रकार करती थी काम
पुरानी व्यवस्था में जो मशीन थी। वह ई पॉश मशीन थी। उसपर अंगूठा लगने के बाद उपभोक्ता का नाम और यूनिट के हिसाब से राशन की मात्रा डिस्प्ले होता था और पर्ची निकल जाती थी। अगर नेटवर्क सही चले तो एक मिनट इस मशीन के लिए काफी था। एक बार नहीं काम किया तो दोबारा तत्काल लगाएं। एक नहीं अनेक बार अंगूठा मैच न होते तक लगा सकते थे। मशीन से अंगूठा लगता था। कोटेदार राशन अलग इलेक्ट्रॉनिक मशीन से तौल करता था। जबकि नई मशीन में सारी व्यवस्था अलग है।
जिले में हैं इतने राशन कार्डधारक
पूर्ति विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक पात्र गृहस्थी कार्डधारक 388228 है। जबकि अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 82450 है। यूनिट की बात करें तो कुल 1997707 यूनिट है। एक यूनिट पर प्रतिमाह पांच किलो ग्राम राशन निर्धारित है।
जिले में हैं इतने कोटे की दुकान
आंकड़ों के मुताबिक जनपद में नगर पालिका और नगर पंचायत में कुल 45 कोटे की दुकान है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 1278 कोटे की दुकान है। शहर और देहात सहित कुल कोटे की दुकानों की संख्या 1323 है, जहां हर माह उपभोक्ताओं को राशन मिलता है।
नई मशीन में सर्वर की समस्या आ रही है। एनआईसी से उसे सही किया जा रहा है। काफी हद तक सुधार हुआ है। जल्द ही व्यवस्था सही हो जाएगी। हर उपभोक्ता को राशन मिलेगा।
-कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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राशन वितरण में हो रही समस्या की हकीकत जानने के लिए जब कोटे की दुकानों की पड़ताल की गई तो यह तस्वीर सामने आई। उपभोक्ता के साथ कोटेदार पर इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर व्यवस्था मशीन में बदलाव ही करना था तो ट्रायल के तौर पर पहले कुछ स्थानों पर देखा जाना चाहिए था। पुरानी तकनीकी से अगर बेहतर होती तो करते। लेकिन बिना देखे मशीन लगा दी गई। अब जूझना पड़ता है।
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यह हाल एक दो नहीं, बल्कि जिले के शहर से लेकर गांव तक के 1323 कोटे की दुकानों का है और 4.67 लाख कार्डधारक इसे समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार सर्वर की परेशानी का हवाला दे रहे हैं। कह रहे हैं कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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दो-दो घंटे तक नहीं काम कर रही मशीन
शहर के वाल्मीकिनगर में कोटेदार के यहां पहुंचे तो यहां उपभोक्ता मौजूद थे। लेकिन मशीन अंगूठा नहीं लग पा रहा था। राशन लेने के लिए पहुंचे सुनील ने कहा कि आज दूसरा दिन है। कल पहुंचे तो नहीं लगा, आज आए तो नहीं काम कर रहा है। राशन के लिए पूरे दिन की दिहाड़ी कैसे छोड़ें। बहुत समस्या हो रही है। कोटेदार रामधनी ने बताया कि नेटवर्क की दिक्कत है। दो-दो घंटे तक मशीन काम नहीं कर रही है। इसके बारे में अवगत कराया गया है।
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के मल्दा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव डिवलीडीहा मिश्र में सुबह 10 बजे के कोटेदार संदीप मिश्र के यहां पहुंचे, जहां गांव के राशन कार्ड धारकों की भीड़ जमा थी। मौके पर राशन कार्डधारक शेषराम करीब एक घंटे से अंगूठा लगा रहे थे। मगर सरवर डाउन होने के कारण अंगूठा नहीं लग पा रहा था। कोटेदार संदीप मिश्र ने बताया कि ग्राम पंचायत में 326 कुल कार्ड धारक हैं। 15 मार्च से राशन वितरण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन नेटवर्किंग समस्या के कारण अभी तक पूरा वितरण नहीं हो पाया है। वहीं, ग्राम पंचायत अंदुआ शनिचरा में कोटेदार शिव वर्मा राशन का वितरण कर रहे थे। ग्राम पंचायत में 363 कार्ड धारकों के सापेक्ष 170 लोगों को राशन वितरण किया जा चुका है। राशन लेने आई फूलमती ने बताया कि दो दिन से अंगूठा लगाने आती हूं। मगर आज दो घंटे प्रयास के बाद अंगूठा लगा है। इसके पहले आसानी से अंगूठा लगा कर राशन मिल जाता था। मगर अब दो दिन अकाज करना पड़ता है। कोटेदार शिव वर्मा ने बताया कि अंगूठा लगवाने में सबसे बड़ी मुसीबत सर्वर व नेटवर्क बन रही है।
मशीन में हो रही है यह परेशानी
एक कोटेदार के मुताबिक नई मशीन में अंगूठा लगाने के लिए जबकि तौल के लिए अलग-अलग मशीन है। मशीन को नेटवर्क के जरिये कनेक्ट किया गया है। अंगूठा यहां लगे, डिसप्ले मशीन पर करेगी। राशन रखने से तौल पूरी करने के बीच में अगर तकनीकी दिक्कत हुई तो निरस्त हो जाता है। इसके बाद फिर 10 मिनट से आधे घंटे बाद अंगूठा लगा सकते हैं। जिसका एक बार में नहीं लगा उसका दोबारा लगे इसकी कोई गारंटी नहीं है। दो से तीन बार ही लगा भी रहे हैं, कारण तीन बार में लंबा समय हो जा रहा है। इस मशीन में यही समस्या हो रही है।
पुरानी मशीन इस प्रकार करती थी काम
पुरानी व्यवस्था में जो मशीन थी। वह ई पॉश मशीन थी। उसपर अंगूठा लगने के बाद उपभोक्ता का नाम और यूनिट के हिसाब से राशन की मात्रा डिस्प्ले होता था और पर्ची निकल जाती थी। अगर नेटवर्क सही चले तो एक मिनट इस मशीन के लिए काफी था। एक बार नहीं काम किया तो दोबारा तत्काल लगाएं। एक नहीं अनेक बार अंगूठा मैच न होते तक लगा सकते थे। मशीन से अंगूठा लगता था। कोटेदार राशन अलग इलेक्ट्रॉनिक मशीन से तौल करता था। जबकि नई मशीन में सारी व्यवस्था अलग है।
जिले में हैं इतने राशन कार्डधारक
पूर्ति विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक पात्र गृहस्थी कार्डधारक 388228 है। जबकि अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 82450 है। यूनिट की बात करें तो कुल 1997707 यूनिट है। एक यूनिट पर प्रतिमाह पांच किलो ग्राम राशन निर्धारित है।
जिले में हैं इतने कोटे की दुकान
आंकड़ों के मुताबिक जनपद में नगर पालिका और नगर पंचायत में कुल 45 कोटे की दुकान है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 1278 कोटे की दुकान है। शहर और देहात सहित कुल कोटे की दुकानों की संख्या 1323 है, जहां हर माह उपभोक्ताओं को राशन मिलता है।
नई मशीन में सर्वर की समस्या आ रही है। एनआईसी से उसे सही किया जा रहा है। काफी हद तक सुधार हुआ है। जल्द ही व्यवस्था सही हो जाएगी। हर उपभोक्ता को राशन मिलेगा।
-कुंवर देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी