{"_id":"648b5762a26a77f5d509a673","slug":"listeners-were-delighted-to-hear-about-the-marriage-of-shri-krishna-rukmini-siddharthnagar-news-c-7-1-208352-2023-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुन हर्षित हुए श्रोता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुन हर्षित हुए श्रोता
Thu, 15 Jun 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 15 Jun 2023 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के एकघरवा गांव मेें आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञानयज्ञ के आठवें दिन बुधवार रात कथा वाचक लक्ष्मीकांत शास्त्री ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह की कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान बीच-बीच में झांकियां प्रस्तुत की गईं। जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा और पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा।
कथा वाचक ने श्रीमद्भागवत कथा की गणेश वंदना से शुभारंभ कराया। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कथावाचक ने कहा कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। मथुरा गमन प्रसंग में अकरूर जी भगवान को लेने आए, जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं। कहने लगीं- हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया, गोपी उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान श्री कृष्ण रुक्मिणी जी के विवाह का भक्तजनों ने आनंद लिया। इस दौरान अंगद प्रसाद त्रिपाठी, गंगा प्रसाद त्रिपाठी, मंगला प्रसाद, अमरेंद्र त्रिपाठी, पिंगल प्रसाद, शंभू यादव, भगवंत, दिनेश, सोनू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कथा वाचक ने श्रीमद्भागवत कथा की गणेश वंदना से शुभारंभ कराया। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए कथावाचक ने कहा कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। मथुरा गमन प्रसंग में अकरूर जी भगवान को लेने आए, जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गईं। कहने लगीं- हे कन्हैया जब आपको हमें छोड़कर ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया, गोपी उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। भगवान श्री कृष्ण रुक्मिणी जी के विवाह का भक्तजनों ने आनंद लिया। इस दौरान अंगद प्रसाद त्रिपाठी, गंगा प्रसाद त्रिपाठी, मंगला प्रसाद, अमरेंद्र त्रिपाठी, पिंगल प्रसाद, शंभू यादव, भगवंत, दिनेश, सोनू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन