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सिद्धार्थनगर: मंत्री जी! भूमि की है दिक्कत, कैसे पनपेगा उद्योग
Thu, 16 Feb 2023 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:18 PM IST
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उद्यमियों से संवाद करते हुए नगर विकास मंत्री एके शर्मा। संवाद
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चार वर्ष से बैंक लोन के लिए लगा रहे दौड़, कैसे करें उद्यम स्थापित
उर्जा एवं नगर विकास मंत्री से उद्यमियों के संवाद उठी समस्या समाधान की बात
: व्यापारियों ने बताया बिजली कनेक्शन नहीं मिलने, भूमि उपलब्धता में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धाथनगर। जिले के प्रभारी एवं उर्जा व नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बृहस्पतिवार को उद्यमियों से संवाद किया तो उद्योग को धरातल पर नहीं उठने की तस्वीर सामने आई। उद्यमियों ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट के बाद कुछ उम्मीद जगी है, लेकिन बिजली कनेक्शन और बैंक ऋण की मंजूरी में भी दो-दो साल बीत गए थे। ऐसी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उद्योग कैसे पनपेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा के साथ जनप्रतिनिधि, उद्योगपतियों व व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम शाम तीन बजे की जगह सवा घंटे देर से 4.15 मिनट पर शुरू हुआ। उद्यमियों ने समस्याएं गिनाईं तो अधिकारी सन्न रह गए। हालांकि, प्रभारी मंत्री ने किसी अधिकारी को फटकार नहीं लगाई। व्यापारी संजीव जायसवाल ने कहा कि वे और उनके साथ कई व्यापारी उद्यम स्थापित करने को चार वर्ष से बैंक ऋण के लिए दौड़ रहे हैं। अब फिर से अनुबंध कर बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू किए हैं? व्यापारी अशोक ने कहा कि उन्होंने उद्यम स्थापित करने को बिजली कनेक्शन लेने के लिए दो वर्ष से परेशान हैं, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल पाया। व्यापारी सुमित अग्रहरि ने कहा कि डुमरियागंज स्थित यूपी सीडको का एक इंडस्ट्रियल एरिया दो एकड़ में स्थापित है, लेकिन पांच वर्ष से वहां न तो रास्ता बन पाया है और न ही कामर्शियल बिजली कनेक्शन मिल सका है। इस कारण वहां उद्यम लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भूमि उपलब्धता में आड़े रही समस्या गिनाते हुए जिले में भूमि चिन्हित कर इंडस्ट्रीयल स्टेट बनाने की मांग की। उर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि समस्याएं तो है अब उसके निदान के लिए कार्य करेंगे। जिले में उद्यम स्थापित करने वाले प्रत्येक उद्यमि की समस्याओं के निदान के लिए अधिकारी नियुक्त होगा। बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह व श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविंद माधव, एसपी अग्रवाल, विपिन सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद, मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार मौजूद थे।
मर्ज सबको मालूम है, अब दवा खोजनी है
पत्रकारों से बात करते हुए प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों ने विकास की दिशा में काम किया होता तो यह नौबत नहीं आती, मर्ज तो सबको मालूम है अब दवा खोजने का समय है। उन्होंने कहा कि उद्यम स्थापित करने के हुए अनुबंध को अब धरातल पर उतारने के लिए जुटना होगा। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से उन्हें प्रशासनिक मशीनरी दुरूस्त कर उद्यम के रास्ते में आड़े आ रही समस्याएं दूर करने के लिए भेजा गया है, एक वर्ष तक इस पर लगातार कार्य किया जाएगा। उन्होंने जिले में उद्यम स्थापना का अनुबंध कर चुके 141 उद्यमी में प्रत्येक के संपर्क में अधिकारी रहेंगे। उन्होंने एक अधिकारी एक से पांच उद्यमी के संपर्क में रहेगा। इसके साथ ही विभागवार नोडल अधिकारी होंगे, जो जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों की समस्याओं का निदान कराएंगे। जिले में 9986 करोड़ रुपये से उद्योग लगने की संभावना है।
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चार वर्ष से बैंक लोन के लिए लगा रहे दौड़, कैसे करें उद्यम स्थापित
उर्जा एवं नगर विकास मंत्री से उद्यमियों के संवाद उठी समस्या समाधान की बात
: व्यापारियों ने बताया बिजली कनेक्शन नहीं मिलने, भूमि उपलब्धता में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धाथनगर। जिले के प्रभारी एवं उर्जा व नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बृहस्पतिवार को उद्यमियों से संवाद किया तो उद्योग को धरातल पर नहीं उठने की तस्वीर सामने आई। उद्यमियों ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट के बाद कुछ उम्मीद जगी है, लेकिन बिजली कनेक्शन और बैंक ऋण की मंजूरी में भी दो-दो साल बीत गए थे। ऐसी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उद्योग कैसे पनपेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा के साथ जनप्रतिनिधि, उद्योगपतियों व व्यापारियों से संवाद कार्यक्रम शाम तीन बजे की जगह सवा घंटे देर से 4.15 मिनट पर शुरू हुआ। उद्यमियों ने समस्याएं गिनाईं तो अधिकारी सन्न रह गए। हालांकि, प्रभारी मंत्री ने किसी अधिकारी को फटकार नहीं लगाई। व्यापारी संजीव जायसवाल ने कहा कि वे और उनके साथ कई व्यापारी उद्यम स्थापित करने को चार वर्ष से बैंक ऋण के लिए दौड़ रहे हैं। अब फिर से अनुबंध कर बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू किए हैं? व्यापारी अशोक ने कहा कि उन्होंने उद्यम स्थापित करने को बिजली कनेक्शन लेने के लिए दो वर्ष से परेशान हैं, लेकिन कनेक्शन नहीं मिल पाया। व्यापारी सुमित अग्रहरि ने कहा कि डुमरियागंज स्थित यूपी सीडको का एक इंडस्ट्रियल एरिया दो एकड़ में स्थापित है, लेकिन पांच वर्ष से वहां न तो रास्ता बन पाया है और न ही कामर्शियल बिजली कनेक्शन मिल सका है। इस कारण वहां उद्यम लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। वहीं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भूमि उपलब्धता में आड़े रही समस्या गिनाते हुए जिले में भूमि चिन्हित कर इंडस्ट्रीयल स्टेट बनाने की मांग की। उर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि समस्याएं तो है अब उसके निदान के लिए कार्य करेंगे। जिले में उद्यम स्थापित करने वाले प्रत्येक उद्यमि की समस्याओं के निदान के लिए अधिकारी नियुक्त होगा। बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह व श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविंद माधव, एसपी अग्रवाल, विपिन सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद, मुख्य विकास अधिकारी जयेंद्र कुमार मौजूद थे।
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मर्ज सबको मालूम है, अब दवा खोजनी है
पत्रकारों से बात करते हुए प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने कहा कि पिछली सरकारों ने विकास की दिशा में काम किया होता तो यह नौबत नहीं आती, मर्ज तो सबको मालूम है अब दवा खोजने का समय है। उन्होंने कहा कि उद्यम स्थापित करने के हुए अनुबंध को अब धरातल पर उतारने के लिए जुटना होगा। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से उन्हें प्रशासनिक मशीनरी दुरूस्त कर उद्यम के रास्ते में आड़े आ रही समस्याएं दूर करने के लिए भेजा गया है, एक वर्ष तक इस पर लगातार कार्य किया जाएगा। उन्होंने जिले में उद्यम स्थापना का अनुबंध कर चुके 141 उद्यमी में प्रत्येक के संपर्क में अधिकारी रहेंगे। उन्होंने एक अधिकारी एक से पांच उद्यमी के संपर्क में रहेगा। इसके साथ ही विभागवार नोडल अधिकारी होंगे, जो जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उद्यमियों की समस्याओं का निदान कराएंगे। जिले में 9986 करोड़ रुपये से उद्योग लगने की संभावना है।
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