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Siddharthnagar News: पीआईसीयू के अभाव में बच्चों के इलाज में मुश्किल
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में बना नया पीआईसीयू।
देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में पीआईसीयू में बेड की कमी कई बार मुश्किलें पैदा करती है। गर्मी के सीजन में गंभीर रूप से बीमार बच्चों की संख्या में बृद्धि होने से जगह की कमी इलाज में बाधक बनती है।
इसको देखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने नए पीआईसीयू का निर्माण करीब तीन वर्ष पूर्व शुरू किया था। एक साल से यह बनकर तैयार है। फिर भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ने पर इलाज में परेशानी होती है। बेड भर जाने के चलते उन्हें रेफर करना पड़ता है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज में 15 बेड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट है। इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जाता है। यह यूनिट मेडिकल काॅलेज के पुराने भवन में संचालित है। गर्मी के दिनों में बीमार बच्चों की संख्या में वृद्धि होती है। इस दौरान 15 बेड के पीआईसीयू में बेड कम पड़ जाते हैं।
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इसको देखते हुए मेडिकल कालेज प्रशासन ने करीब तीन वर्ष पूर्व एनएचएम के भवन में नए पीआईसीयू के निर्माण का काम शुरू किया। इसमें करीब 66 लाख रुपये खर्च हुए। इस नए वार्ड में पीआईसीयू की क्षमता दोगुनी 30 बेड कर दी गई। आठ बेड एचडीयू के लिए रखा गया। वहीं पांच बेड का आईसीयू बनाया गया। करीब एक वर्ष पूर्व यह बनकर पूरी तरह तैयार हो गया। पर इसको अभी तक शुरू नहीं किया गया। इससे पुराने पीआईसीयू के भर जाने के बाद बाकी के बच्चों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है। गंभीर मरीजों को रेफर करना कालेज प्रशासन के लिए मजबूरी हो जाती है।
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इसको देखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने नए पीआईसीयू का निर्माण करीब तीन वर्ष पूर्व शुरू किया था। एक साल से यह बनकर तैयार है। फिर भी इसे शुरू नहीं किया जा सका है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ने पर इलाज में परेशानी होती है। बेड भर जाने के चलते उन्हें रेफर करना पड़ता है।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज में 15 बेड का पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट है। इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जाता है। यह यूनिट मेडिकल काॅलेज के पुराने भवन में संचालित है। गर्मी के दिनों में बीमार बच्चों की संख्या में वृद्धि होती है। इस दौरान 15 बेड के पीआईसीयू में बेड कम पड़ जाते हैं।
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इसको देखते हुए मेडिकल कालेज प्रशासन ने करीब तीन वर्ष पूर्व एनएचएम के भवन में नए पीआईसीयू के निर्माण का काम शुरू किया। इसमें करीब 66 लाख रुपये खर्च हुए। इस नए वार्ड में पीआईसीयू की क्षमता दोगुनी 30 बेड कर दी गई। आठ बेड एचडीयू के लिए रखा गया। वहीं पांच बेड का आईसीयू बनाया गया। करीब एक वर्ष पूर्व यह बनकर पूरी तरह तैयार हो गया। पर इसको अभी तक शुरू नहीं किया गया। इससे पुराने पीआईसीयू के भर जाने के बाद बाकी के बच्चों का समुचित इलाज नहीं हो पाता है। गंभीर मरीजों को रेफर करना कालेज प्रशासन के लिए मजबूरी हो जाती है।