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Siddharthnagar News: घुटने की चोट ने रोक दी संजना की तरक्की की राह... मदद की दरकार
Sat, 03 Jun 2023 10:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 03 Jun 2023 10:51 PM IST
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अपने घर के सामने बैठी वॉलीबॉल खिलाड़ी संजना साहनी।
सिद्धार्थनगर। जिले की उभरती हुई वॉलीबॉल खिलाड़ी संजना साहनी (18) के घुटने में चोट के कारण उसकी तरक्की का सफर थम गया है। लखनऊ के डॉक्टरों के अनुसार डेढ़ लाख रुपये की व्यवस्था हो तो इलाज हो सकेगा, जबकि संजना के पिता दिनेश साहनी मुंबई में पेंटिंग का काम करते हैं और खेती भी नाम मात्र है। ऐसी स्थिति में उसकी मां कुसुम के समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें कि उनकी बेटी फिर से उछलकर बॉल मार सके और फिर माला पहने हुए मुस्कुराते हुए मेडल जीतकर घर आए।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान संजना साहनी के दाहिने पैर के घुटने (लिगामेंट्स) में चोट लग गई। अब सर्जरी ही एक मात्र विकल्प है, जिसके बाद वह फिर खेल सकती है। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि इतना खर्च कर पाए। बेसिक शिक्षा विभाग के खेल अनुदेशक व वॉलीबॉल कोच अरविंद गुप्ता ने बताया कि 11 वर्ष की उम्र में संजना ने प्राथमिक विद्यालय में खेलना शुरू किया था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति के अनुसार उसे पर्याप्त पौष्टिक आहार व संसाधन भी नहीं मिल पाया, लेकिन अपनी परिश्रम व लगन से उसने राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल करके अपने परिवार व जिले का नाम रोशन किया। राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ के डॉक्टरों के अनुसार संजना की सर्जरी हो जाएगी तो वह फिर से खेलने में पूरी तरह सक्षम हो जाएगी। संजना के अंदर खेल का जुनून है। खेल प्रमियों से सहयोग मांगा जा रहा है कि उसकी कामयाबी का कारवां आगे बढ़ता रहे।
सोचा था बेटी कामयाब होगी तो दूर होगी परेशानी
संजना की मां कुसुम बताती हैं कि वह और उनके पति कक्षा आठ पास हैं। दो वक्त रोटी के लिए उनके पति प्रवासी हो गए हैं। बेटी ने खेलना शुरू किया तो सोचा कि वह कामयाब हो जाएगी तो सारी परेशानी दूर हो जाएगी। बेटी ने बहुत मेहनत किया, लेकिन नसीब क्या कहूं।
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शानदार रही संजना की कप्तानी पारी
वह जिले की उभरती हुई खिलाड़ी है। वर्ष 2018 में उड़ीसा व 2019 में महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम से खेला था। उसने 12 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के खेलकर कई पदक जीते हैं।
वर्ष 2022 में संजना ने जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था, जबकि युवा कल्याण विभाग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोरखपुर जोन की बालिका टीम ने रजत पदक जीता था, जिसमें बतौर कप्तान संजना ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने बतौर कप्तान पांच राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
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वर्जन
वॉलीबॉल खिलाड़ी संजना साहनी के घुटने में चोट लगने की जानकारी नहीं है, उसने और उसके परिवार के लोगों ने खेल विभाग में लिखित आवेदन करके मदद नहीं मांगी है। यदि वे मदद मांगेंगे तो खेल निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यदि कोई खेल प्रेमी सहयोग के लिए आगे आएगा तो संजना के परिवार से उनकी मुलाकात कराने में सहयोग किया जाएगा।
आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी
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जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रैक्टिस के दौरान संजना साहनी के दाहिने पैर के घुटने (लिगामेंट्स) में चोट लग गई। अब सर्जरी ही एक मात्र विकल्प है, जिसके बाद वह फिर खेल सकती है। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि इतना खर्च कर पाए। बेसिक शिक्षा विभाग के खेल अनुदेशक व वॉलीबॉल कोच अरविंद गुप्ता ने बताया कि 11 वर्ष की उम्र में संजना ने प्राथमिक विद्यालय में खेलना शुरू किया था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति के अनुसार उसे पर्याप्त पौष्टिक आहार व संसाधन भी नहीं मिल पाया, लेकिन अपनी परिश्रम व लगन से उसने राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल करके अपने परिवार व जिले का नाम रोशन किया। राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ के डॉक्टरों के अनुसार संजना की सर्जरी हो जाएगी तो वह फिर से खेलने में पूरी तरह सक्षम हो जाएगी। संजना के अंदर खेल का जुनून है। खेल प्रमियों से सहयोग मांगा जा रहा है कि उसकी कामयाबी का कारवां आगे बढ़ता रहे।
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सोचा था बेटी कामयाब होगी तो दूर होगी परेशानी
संजना की मां कुसुम बताती हैं कि वह और उनके पति कक्षा आठ पास हैं। दो वक्त रोटी के लिए उनके पति प्रवासी हो गए हैं। बेटी ने खेलना शुरू किया तो सोचा कि वह कामयाब हो जाएगी तो सारी परेशानी दूर हो जाएगी। बेटी ने बहुत मेहनत किया, लेकिन नसीब क्या कहूं।
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शानदार रही संजना की कप्तानी पारी
वह जिले की उभरती हुई खिलाड़ी है। वर्ष 2018 में उड़ीसा व 2019 में महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की टीम से खेला था। उसने 12 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के खेलकर कई पदक जीते हैं।
वर्ष 2022 में संजना ने जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था, जबकि युवा कल्याण विभाग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोरखपुर जोन की बालिका टीम ने रजत पदक जीता था, जिसमें बतौर कप्तान संजना ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने बतौर कप्तान पांच राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
वर्जन
वॉलीबॉल खिलाड़ी संजना साहनी के घुटने में चोट लगने की जानकारी नहीं है, उसने और उसके परिवार के लोगों ने खेल विभाग में लिखित आवेदन करके मदद नहीं मांगी है। यदि वे मदद मांगेंगे तो खेल निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यदि कोई खेल प्रेमी सहयोग के लिए आगे आएगा तो संजना के परिवार से उनकी मुलाकात कराने में सहयोग किया जाएगा।
आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी