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खरमास में घाटे में चलने लगीं रोडवेज बसें
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खरमास में घाटे में चलने लगीं रोडवेज बसें
अलीगढ़वा और भारतभारी रूट पर कम मिल रहे यात्री
50 प्रतिशत से कम यात्री मिलने पर बंद हो सकती है बस सेवा
सिद्धार्थनगर। त्योहार और लगन का सीजन समाप्त होते ही परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। खरमास में घाटे से उबरना निगम के लिए चुनौती बन गया है। रोडवेज की बसों में लोड फैक्टर 10 से 15 प्रतिशत कम हो गया है। जबकि बस में नियमित तौर पर 50 प्रतिशत से कम यात्री मिलने पर बस सेवा बंद हो जाती है।
सिद्धार्थनगर डिपो में पहले बसों का लोड फैक्टर 65 से 70 प्रतिशत था। 14 दिसंबर के बाद खरमास शुरू होने पर लोड फैक्टर अचानक कम हो गया। लोड फैक्टर घटकर 50 से 55 प्रतिशत हो गया है। भारत-नेपाल सीमा के अलीगढ़वा और डुमरियागंज के भारतभारी में लोड फैक्टर ज्यादा खराब है। अलीगढ़वा में रोडवेज की बस सीमा पर मुड़ नहीं पाती है, इस कारण ऑटो वाले वहां से यात्री बैठा ले रहे हैं। अलीगढ़वा का लोड फैक्टर 30 प्रतिशत के आसपास है। जबकि भारत भारी रूट पर 50 प्रतिशत सीटों पर सवारी नहीं मिल रही है।
सिद्धार्थनगर से अलीगढ़वा रूट पर भगवान बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु के ऐतिहासिक साक्ष्य हैं। जबकि इसी रूट पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय भी है। इस रूट पर बस बंद हुई तो छात्र-छात्राओं की असुविधा होगी। वहीं भारत भारी में पुरातात्विक अवशेष हैं। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सिद्धार्थनगर डिपो के एआरएम जगदीश प्रसाद ने बताया कि अलीगढ़वा में डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया है। कोशिश की जा रही है कि दो रूट पर बस सेवा बंद करने की नौबत न आए। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर लगातार कम आएगा तो बस बंद करनी पड़ेगी।
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अलीगढ़वा और भारतभारी रूट पर कम मिल रहे यात्री
50 प्रतिशत से कम यात्री मिलने पर बंद हो सकती है बस सेवा
सिद्धार्थनगर। त्योहार और लगन का सीजन समाप्त होते ही परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। खरमास में घाटे से उबरना निगम के लिए चुनौती बन गया है। रोडवेज की बसों में लोड फैक्टर 10 से 15 प्रतिशत कम हो गया है। जबकि बस में नियमित तौर पर 50 प्रतिशत से कम यात्री मिलने पर बस सेवा बंद हो जाती है।
सिद्धार्थनगर डिपो में पहले बसों का लोड फैक्टर 65 से 70 प्रतिशत था। 14 दिसंबर के बाद खरमास शुरू होने पर लोड फैक्टर अचानक कम हो गया। लोड फैक्टर घटकर 50 से 55 प्रतिशत हो गया है। भारत-नेपाल सीमा के अलीगढ़वा और डुमरियागंज के भारतभारी में लोड फैक्टर ज्यादा खराब है। अलीगढ़वा में रोडवेज की बस सीमा पर मुड़ नहीं पाती है, इस कारण ऑटो वाले वहां से यात्री बैठा ले रहे हैं। अलीगढ़वा का लोड फैक्टर 30 प्रतिशत के आसपास है। जबकि भारत भारी रूट पर 50 प्रतिशत सीटों पर सवारी नहीं मिल रही है।
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सिद्धार्थनगर से अलीगढ़वा रूट पर भगवान बुद्ध की क्रीड़ा स्थली कपिलवस्तु के ऐतिहासिक साक्ष्य हैं। जबकि इसी रूट पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय भी है। इस रूट पर बस बंद हुई तो छात्र-छात्राओं की असुविधा होगी। वहीं भारत भारी में पुरातात्विक अवशेष हैं। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सिद्धार्थनगर डिपो के एआरएम जगदीश प्रसाद ने बताया कि अलीगढ़वा में डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया है। कोशिश की जा रही है कि दो रूट पर बस सेवा बंद करने की नौबत न आए। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर लगातार कम आएगा तो बस बंद करनी पड़ेगी।
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