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Siddharthnagar News: सीमा पर लगाए जाएंगे खुफिया कैमरे
Thu, 09 Nov 2023 02:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 09 Nov 2023 02:31 AM IST
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भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती तस्करी और देश विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए शुरू की गई कवायद
गोपनीय कैमरे में कैद होगी तस्करी, बाइक चोरी, बार-बार सीमा लांघने वालों की हरकतें
संदिग्ध दिखने वालों का पता कर सुरक्षा एजेंसी करेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तस्करी और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त खुफिया कैमरे का प्रयोग करेगी। खुफिया कैमरे किसी को दिखेंगे नहीं। लेकिन सीमा लांघने वाले हर व्यक्ति की गतिविधि को कैद करेंगे। इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी और संदिग्ध गतिविधि वालों का पता करके कार्रवाई होगी। एडीजी जोन गोरखपुर की ओर से नेपाल सीमा से लगने वाले सभी जनपदों के लिए यह आदेश लागू किया गया है।
नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। दोनों देशों के लोग बिना रोक-टोक के आते-जाते हैं। संदिग्ध दिखने वालों की सुरक्षा एजेंसी के लोग चेकिंग करते हैं। इसके बावजूद तस्कर खुली सीमा का खूब लाभ उठाते हैं।
सीमा से खाद्य पदार्थ के साथ ही उर्वरक, अनाज, सोना और चांदी, चरस सहित अन्य प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। लगातार तस्करों के पकड़े जाने के मामले में सामने आते हैं। सीमा पर तस्करों का रैकेट काम करता है। जो दोनों देशों में जिस हिसाब से मांग बढ़ती है, उसके अनुसार इधर का माल उधर और उधर का माल इधर करने का कार्य करते हैं।
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कुल मिलाकर बाॅर्डर तस्करी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। इस पर जितनी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है। बाॅर्डर पर कई एजेंसियां कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही सीमा पर मुख्य स्थानों पर सीसी कैमरे लगवाए गए हैं। अब खुफिया कैमरे लगाए जाने की कवायद एडीजी जोन गोरखपुर ने शुरू की है। ये कैमरे दिखेंगे नहीं और न ही यह लिखा मिलेगा कि सावधान आप कैमरे की नजर में हैं।
ये कैमरे तस्करी, देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों और चोरी के वाहन नेपाल में बेचने वाले अपराधियों की धरपकड़ और कार्रवाई के लिए लगाए जा रहे हैं। ये दिखेंगे नहीं, लेकिन सारी हरकत कैद करेंगे। कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग होगी और संदिग्ध गतिविधि के लोगों को ट्रेस करके कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल सीमा से सटे गोरखपुर जोन के सभी जनपदों के लिए एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने आदेश किया है। जल्द ही ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कैमरे से लैस किया गया है। आदेश के अनुसार कैमरे लगाने का कार्य किया जाएगा।
नेपाल में खपते हैं चोरी के 90 प्रतिशत वाहन
सीमावर्ती जिलों में वाहन चोरी के मामले अधिक हैं। चोरी होने वाले वाहन नेपाल पहुंच रहे हैं यह पुलिस भी मान रही है। पुलिस के हर खुलासे में वाहन चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य यही बताते हैं कि बाइक चोरी करने के बाद उसे वे लोग सीमा पार करके नेपाल में पहुंचा देते हैं। गाड़ी नेपाल चली जाने के बाद कोई पकड़ नहीं पाता है।
इस प्रकार से होगी मॉनीटरिंग
पुलिस विभाग से जुड़े लोगों की माने तो सीमा पर लगने वाले खुफिया कैमरे की निगरानी अलग प्रकार से होगी। एक तो तत्काल सीमा से गुजरने वाले संदिग्ध के दिखने पर पूछताछ की जाएगी। दूसरे अगर कोई बार-बार सीमा पार कर रहा है तो उससे पूछताछ की जाएगी। तीसरा ऐसा व्यक्ति जो हर बार बाइक बदल कर आता-जाता दिखेगा। इसके साथ ही अन्य प्रकार से भी तस्कर, देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी।
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गोपनीय कैमरे में कैद होगी तस्करी, बाइक चोरी, बार-बार सीमा लांघने वालों की हरकतें
संदिग्ध दिखने वालों का पता कर सुरक्षा एजेंसी करेगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तस्करी और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त खुफिया कैमरे का प्रयोग करेगी। खुफिया कैमरे किसी को दिखेंगे नहीं। लेकिन सीमा लांघने वाले हर व्यक्ति की गतिविधि को कैद करेंगे। इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी और संदिग्ध गतिविधि वालों का पता करके कार्रवाई होगी। एडीजी जोन गोरखपुर की ओर से नेपाल सीमा से लगने वाले सभी जनपदों के लिए यह आदेश लागू किया गया है।
नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। दोनों देशों के लोग बिना रोक-टोक के आते-जाते हैं। संदिग्ध दिखने वालों की सुरक्षा एजेंसी के लोग चेकिंग करते हैं। इसके बावजूद तस्कर खुली सीमा का खूब लाभ उठाते हैं।
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सीमा से खाद्य पदार्थ के साथ ही उर्वरक, अनाज, सोना और चांदी, चरस सहित अन्य प्रकार के मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। लगातार तस्करों के पकड़े जाने के मामले में सामने आते हैं। सीमा पर तस्करों का रैकेट काम करता है। जो दोनों देशों में जिस हिसाब से मांग बढ़ती है, उसके अनुसार इधर का माल उधर और उधर का माल इधर करने का कार्य करते हैं।
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कुल मिलाकर बाॅर्डर तस्करी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। इस पर जितनी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए वह नहीं हो पा रही है। बाॅर्डर पर कई एजेंसियां कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही सीमा पर मुख्य स्थानों पर सीसी कैमरे लगवाए गए हैं। अब खुफिया कैमरे लगाए जाने की कवायद एडीजी जोन गोरखपुर ने शुरू की है। ये कैमरे दिखेंगे नहीं और न ही यह लिखा मिलेगा कि सावधान आप कैमरे की नजर में हैं।
ये कैमरे तस्करी, देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों और चोरी के वाहन नेपाल में बेचने वाले अपराधियों की धरपकड़ और कार्रवाई के लिए लगाए जा रहे हैं। ये दिखेंगे नहीं, लेकिन सारी हरकत कैद करेंगे। कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग होगी और संदिग्ध गतिविधि के लोगों को ट्रेस करके कार्रवाई की जाएगी।
नेपाल सीमा से सटे गोरखपुर जोन के सभी जनपदों के लिए एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने आदेश किया है। जल्द ही ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत कैमरे से लैस किया गया है। आदेश के अनुसार कैमरे लगाने का कार्य किया जाएगा।
नेपाल में खपते हैं चोरी के 90 प्रतिशत वाहन
सीमावर्ती जिलों में वाहन चोरी के मामले अधिक हैं। चोरी होने वाले वाहन नेपाल पहुंच रहे हैं यह पुलिस भी मान रही है। पुलिस के हर खुलासे में वाहन चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य यही बताते हैं कि बाइक चोरी करने के बाद उसे वे लोग सीमा पार करके नेपाल में पहुंचा देते हैं। गाड़ी नेपाल चली जाने के बाद कोई पकड़ नहीं पाता है।
इस प्रकार से होगी मॉनीटरिंग
पुलिस विभाग से जुड़े लोगों की माने तो सीमा पर लगने वाले खुफिया कैमरे की निगरानी अलग प्रकार से होगी। एक तो तत्काल सीमा से गुजरने वाले संदिग्ध के दिखने पर पूछताछ की जाएगी। दूसरे अगर कोई बार-बार सीमा पार कर रहा है तो उससे पूछताछ की जाएगी। तीसरा ऐसा व्यक्ति जो हर बार बाइक बदल कर आता-जाता दिखेगा। इसके साथ ही अन्य प्रकार से भी तस्कर, देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी।