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नवजात का शव मिलने के प्रकरण में पुलिस ने तहरीर लेने से किया मना, बोली-कोई केस नहीं बनता
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नवजात का शव मिलने के प्रकरण में पुलिस ने तहरीर लेने से किया मना, बोली-कोई केस नहीं बनता
परसा (सिद्धार्थनगर)। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के गडरखा गांव में नवजात का शव मिलने के मामले में मंगलवार को तहरीर देने गए युवक को पुलिस ने लौटा दिया। युवक के मुताबिक, पुलिस का कहना था कि इस मामले में केस नहीं बनता है। गांव और क्षेत्र के लोग, इस मामले में शुरू से ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही नवजात के शव को दफन करा दिया था।
क्षेत्र के मोहनकोली गांव में सोमवार सुबह छह बजे एक घर के सामने गड्ढे में नवजात का शव मिला था। उसके दोनों हाथ कटे थे। सिर का हिस्सा क्षत-विक्षत था। गांव की महिला ने यह देखने के बाद मामले की जानकारी ग्रामप्रधान को दी। ढेबरुआ के एसएचओ ब्रह्मा गौड़ के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव को दफन करा दिया। बताया जाता है कि पुलिस के घटनास्थल से लौटने के बाद दो परिवारों में इस मामले के चलते मारपीट तक की नौबत आ गई थी।
गडरखा गांव के मोहनकोली टोले के लोग एक परिवार पर नवजात की हत्या का आरोप भी लगा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने कहा कि इस मामले में केस नहीं दर्ज किया जा सकता है। लोगों ने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर पर्दाफाश करने की मांग की है। वहीं, पुलिस पर आरोप लगा रहे है कि वह पहले ही दिन से मामले की तह तक जाने के बजाय उसे दबाने की कोशिश में लगी है। इस संबंध में शोहरतगढ़ सीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि मामले की जानकारी है।
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युवक की तहरीर पर केस दर्ज करके कार्रवाई जाएगी। हालांकि प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभाशंकर यादव ने किसी युवक का थाने में तहरीर देने के लिए पहुंचने की जानकारी से इनकार कर दिया। इस बारे में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने नवजात का शव मिलने के केस को जीडी में दाखिल किया है। पुलिस जांच कर रही है। युवक की तहरीर नहीं लेने के मामले में जानकारी मांगी जाएगी। शिकायतकर्ता सीधे मेरे कार्यालय में आकर मुझसे मुलाकात कर सकता है।
सुराग लगाने के लिए सक्रिय नहीं हुई पुलिस
घटनास्थल के आसपास के लोगों के अनुसार, शव दफन करने के दूसरे दिन मामले का सुराग लगाने के लिए पुलिस सक्रिय नहीं हुई। गांव के लोगों को उम्मीद थी कि नवजात का शव मिलने के मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी, लेकिन उनके इंतजार के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची।
वायरल हो रही है वीडियो
नवजात का शव मिलने के बाद रविवार को गांव में हलचल मच गई थी। उस दौरान लोगों की बातचीत का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो वायरल हो गया। गांव के लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे आकार के कई वीडियो में बातों को सुनने-देखने के बाद पुलिस आरोपितों तक पहुंच सकती है।
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परसा (सिद्धार्थनगर)। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के गडरखा गांव में नवजात का शव मिलने के मामले में मंगलवार को तहरीर देने गए युवक को पुलिस ने लौटा दिया। युवक के मुताबिक, पुलिस का कहना था कि इस मामले में केस नहीं बनता है। गांव और क्षेत्र के लोग, इस मामले में शुरू से ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। सोमवार को पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही नवजात के शव को दफन करा दिया था।
क्षेत्र के मोहनकोली गांव में सोमवार सुबह छह बजे एक घर के सामने गड्ढे में नवजात का शव मिला था। उसके दोनों हाथ कटे थे। सिर का हिस्सा क्षत-विक्षत था। गांव की महिला ने यह देखने के बाद मामले की जानकारी ग्रामप्रधान को दी। ढेबरुआ के एसएचओ ब्रह्मा गौड़ के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव को दफन करा दिया। बताया जाता है कि पुलिस के घटनास्थल से लौटने के बाद दो परिवारों में इस मामले के चलते मारपीट तक की नौबत आ गई थी।
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गडरखा गांव के मोहनकोली टोले के लोग एक परिवार पर नवजात की हत्या का आरोप भी लगा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने कहा कि इस मामले में केस नहीं दर्ज किया जा सकता है। लोगों ने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर पर्दाफाश करने की मांग की है। वहीं, पुलिस पर आरोप लगा रहे है कि वह पहले ही दिन से मामले की तह तक जाने के बजाय उसे दबाने की कोशिश में लगी है। इस संबंध में शोहरतगढ़ सीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि मामले की जानकारी है।
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युवक की तहरीर पर केस दर्ज करके कार्रवाई जाएगी। हालांकि प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभाशंकर यादव ने किसी युवक का थाने में तहरीर देने के लिए पहुंचने की जानकारी से इनकार कर दिया। इस बारे में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने नवजात का शव मिलने के केस को जीडी में दाखिल किया है। पुलिस जांच कर रही है। युवक की तहरीर नहीं लेने के मामले में जानकारी मांगी जाएगी। शिकायतकर्ता सीधे मेरे कार्यालय में आकर मुझसे मुलाकात कर सकता है।
सुराग लगाने के लिए सक्रिय नहीं हुई पुलिस
घटनास्थल के आसपास के लोगों के अनुसार, शव दफन करने के दूसरे दिन मामले का सुराग लगाने के लिए पुलिस सक्रिय नहीं हुई। गांव के लोगों को उम्मीद थी कि नवजात का शव मिलने के मामले में उनसे पूछताछ की जाएगी, लेकिन उनके इंतजार के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची।
वायरल हो रही है वीडियो
नवजात का शव मिलने के बाद रविवार को गांव में हलचल मच गई थी। उस दौरान लोगों की बातचीत का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो वायरल हो गया। गांव के लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे आकार के कई वीडियो में बातों को सुनने-देखने के बाद पुलिस आरोपितों तक पहुंच सकती है।