{"_id":"698384aa3b3f2415c90c5389","slug":"iit-archaeological-survey-team-surveys-kapilvastu-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-152924-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: आईआईटी की पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने कपिलवस्तु का सर्वे किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: आईआईटी की पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने कपिलवस्तु का सर्वे किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कानपुर आईआईटी की सात सदस्यीय पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने हाल ही में कपिलवस्तु क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। टीम ने मशीन आधारित तकनीक से जमीन का अध्ययन किया और जांच के लिए कंकड़, मिट्टी और धूल के नमूने एकत्र किए।
इसके पश्चात टीम ने चूने की मदद से क्षेत्र का नक्शा तैयार किया। सर्वेक्षण लगभग एक घंटे तक चला। इस दौरान चर्चा यह भी हुई कि क्षेत्र में भगवान बुद्ध का कथित कांच का कुआं और ऐतिहासिक डाक बंगला मौजूद होने की जानकारी हुई है।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शरदेंदु कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कपिलवस्तु का पूरा क्षेत्र पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से पिपरसन टीले का उल्लेख किया और कहा कि मैंने सदैव इसके संरक्षण और व्यापक सर्वेक्षण की मांग उठाई है।
विज्ञापन
यदि यहां का व्यापक उत्खनन किया गया, तो निश्चित ही महत्वपूर्ण पुरावशेष प्राप्त हो सकते हैं और इससे कपिलवस्तु के इतिहास पर नया प्रकाश पड़ सकता है।
डॉ. त्रिपाठी ने यह भी बताया कि यह सर्वेक्षण क्षेत्र में भविष्य में संभावित उत्खनन कार्यों और संरक्षण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय करेगा।े
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। कानपुर आईआईटी की सात सदस्यीय पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने हाल ही में कपिलवस्तु क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। टीम ने मशीन आधारित तकनीक से जमीन का अध्ययन किया और जांच के लिए कंकड़, मिट्टी और धूल के नमूने एकत्र किए।
इसके पश्चात टीम ने चूने की मदद से क्षेत्र का नक्शा तैयार किया। सर्वेक्षण लगभग एक घंटे तक चला। इस दौरान चर्चा यह भी हुई कि क्षेत्र में भगवान बुद्ध का कथित कांच का कुआं और ऐतिहासिक डाक बंगला मौजूद होने की जानकारी हुई है।
विज्ञापन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शरदेंदु कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कपिलवस्तु का पूरा क्षेत्र पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से पिपरसन टीले का उल्लेख किया और कहा कि मैंने सदैव इसके संरक्षण और व्यापक सर्वेक्षण की मांग उठाई है।
विज्ञापन
यदि यहां का व्यापक उत्खनन किया गया, तो निश्चित ही महत्वपूर्ण पुरावशेष प्राप्त हो सकते हैं और इससे कपिलवस्तु के इतिहास पर नया प्रकाश पड़ सकता है।
डॉ. त्रिपाठी ने यह भी बताया कि यह सर्वेक्षण क्षेत्र में भविष्य में संभावित उत्खनन कार्यों और संरक्षण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय करेगा।े