फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   If there is a ban on rice, churning to fill godowns in Nepal

Siddharthnagar News: चावल पर प्रतिबंध लगा तो नेपाल में गोदाम भरने मंथन

Mon, 31 Jul 2023 10:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 31 Jul 2023 10:40 PM IST
विज्ञापन
If there is a ban on rice, churning to fill godowns in Nepal
सिद्धार्थनगर। भारत ने मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए बासमती को छोड़कर अन्य प्रजाति के चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस प्रतिबंध के बाद नेपाल के गोदामों में चावल भंडारण पर मंथन हो रहा है। नेपाल सरकार की चिंता है कि आपूर्ति प्रणाली बाधित हो सकती है। मुख्य सचिव बैकुंठ आर्यल की अध्यक्षता में रविवार देर शाम केंद्रीय निगरानी समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया कि खाद्यान्न की कीमत बढ़ सकती है और कमी भी हो सकती है । इससे लड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन

नेपाल में भारत से बड़ी मात्रा में चावल आयात होता था। चीन के बाद भारत सबसे अधिक चावल पैदा करने वाला देश है। नेपाल में खपत होने वाले कुल चावल का लगभग 20 प्रतिशत आयात भारत के जरिए किया जाता था। नेपाल में लगभग 7 मिलियन मीट्रिक टन चावल की खपत होती है । 1.5 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक चावल की आपूर्ति आयात के माध्यम से की जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में नेपाल में 15 बिलियन से अधिक मूल्य का चावल आयात किया गया था। अब सरकार ने संबंधित मंत्रालयों को इस जोखिम का आकलन करने और आगे बढ़ने के लिए सतर्क कर दिया है।
विज्ञापन


उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत ने चावल निर्यात पर प्रतिबंध के बाजार पर असर को देखते हुए कदम उठाने का फैसला किया है। इसके लिए कृषि और पशुधन विकास मंत्रालय एवं उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि भोजन की कोई कमी न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार निजी क्षेत्र की मदद से गोदामों में खाद्यान्न भंडारण और सरकारी गोदामों को यथासंभव भरा रखने का निर्णय लिया गया है। चावल स्टॉक का रिकॉर्ड रखने के लिए प्रौद्योगिकी और जनशक्ति दोनों का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।


पहले टैक्स लगा, अब बंद हुआ निर्यात
इस वर्ष अच्छी बारिश नहीं होने के कारण कृषि योग्य भूमि में पूरा धान नहीं लगाया गया। यह निश्चित नहीं है कि जलवायु असंतुलन के दौर में रोपे गया धान कितना उत्पादन देगा। अधिकारियों का कहना है कि चावल निर्यात पर प्रतिबंध के बाद यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि इस तरह का प्रतिबंध नेपाल पर लागू न हो । भारत ने पिछले साल से चावल निर्यात पर 20 फीसदी तक टैक्स लगा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed