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Siddharthnagar News: पत्नी की मौत पर न्याय के लिए भटक रहा पति
Tue, 12 Mar 2024 10:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 12 Mar 2024 10:35 AM IST
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सिद्धार्थ/लोटन। कुछ दिन पहले प्राइवेट अस्पताल में गलत इलाज से पत्नी की मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद संचालक अस्पताल को बंद करके फरार हो गया। सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए और सीएचसी अधीक्षक लोटन को केस दर्ज कराने के लिए कहा था। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। पति का आरोप है कि वह कई दिनों से चक्कर लगा रहा है, लेकिन केस दर्ज और कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्षेत्र के एकडेंगवा गांव निवासी अर्जुन की पत्नी अंजली को 29 फरवरी को प्रसव पीड़ा हुई, वह एक उपकेंद्र पर ले गया। जहां एक बच्चा जीवित और दूसरा मृत पैदा हुआ। खून बहने के कारण उसे एक निजी अस्पताल पर भेज दिया गया। अर्जुन के मुताबिक निजी अस्पताल में गलत इलाज से उसकी पत्नी की जान चली गई।
लगता है न्याय नहीं मिलेगा : पति
पति अर्जुन का आरोप है कि जांच के नाम पर उसको घुमाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार किस तरह की जांच कर रहे हैं कि हफ्तों बीत गया कुछ पता नहीं चल पा रहा है या इसके पीछे और खेल खेला जा रहा है। उधर पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मेरे मामले में न तो स्वास्थ्य विभाग और न तो तहरीर देने के बाद पुलिस ही कोई कार्रवाई कर रही है। पत्नी को तो खो दिया, लेकिन लगता है न्याय नहीं मिल पाएगा। जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
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जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं
प्रसूता की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया तो डिप्टी सीएमओ ने मौके पर जाकर जांच की। अस्पताल बंद मिलने पर उसे सील कर दिया। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। लेकिन अभी तक जांच में क्या हुआ, यह बाहर नहीं आया। सीएचसी अधीक्षक को केस दर्ज कराने का आदेश था, लेकिन वह थाने तक नहीं पहुंचे। वहीं, पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है।
मामला संज्ञान में है, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच करके सीएचसी अधीक्षक लोटन को केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। पता करवाते हैं कि अबतक केस क्यों दर्ज नहीं करवाया गया।
-डॉ. डीके चौधरी, सीएमओ
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क्षेत्र के एकडेंगवा गांव निवासी अर्जुन की पत्नी अंजली को 29 फरवरी को प्रसव पीड़ा हुई, वह एक उपकेंद्र पर ले गया। जहां एक बच्चा जीवित और दूसरा मृत पैदा हुआ। खून बहने के कारण उसे एक निजी अस्पताल पर भेज दिया गया। अर्जुन के मुताबिक निजी अस्पताल में गलत इलाज से उसकी पत्नी की जान चली गई।
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लगता है न्याय नहीं मिलेगा : पति
पति अर्जुन का आरोप है कि जांच के नाम पर उसको घुमाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार किस तरह की जांच कर रहे हैं कि हफ्तों बीत गया कुछ पता नहीं चल पा रहा है या इसके पीछे और खेल खेला जा रहा है। उधर पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मेरे मामले में न तो स्वास्थ्य विभाग और न तो तहरीर देने के बाद पुलिस ही कोई कार्रवाई कर रही है। पत्नी को तो खो दिया, लेकिन लगता है न्याय नहीं मिल पाएगा। जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया जा रहा है।
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जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं
प्रसूता की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया तो डिप्टी सीएमओ ने मौके पर जाकर जांच की। अस्पताल बंद मिलने पर उसे सील कर दिया। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई। लेकिन अभी तक जांच में क्या हुआ, यह बाहर नहीं आया। सीएचसी अधीक्षक को केस दर्ज कराने का आदेश था, लेकिन वह थाने तक नहीं पहुंचे। वहीं, पुलिस तहरीर मिलने पर कार्रवाई की बात कह रही है।
मामला संज्ञान में है, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच करके सीएचसी अधीक्षक लोटन को केस दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। पता करवाते हैं कि अबतक केस क्यों दर्ज नहीं करवाया गया।
-डॉ. डीके चौधरी, सीएमओ