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दहेज हत्या में पति, सास को 10-10 वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 06 Feb 2016 11:41 PM IST
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दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाने वाले पति और सास को कोर्ट ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के परसा महापात्र गांव का है।
तीन वर्ष पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।अभियोजन के अनुसार महराजगंज के ठूठीबारी थाना अंतर्गत राजवीरा गांव निवासी रफीक ने 6 सितंबर 2012 को सिद्धार्थनगर थाने में तहरीर देकर दहेज के लिए बेटी राबिया की हत्या का आरोप लगाया था।
रफीक के मुताबिक पुत्री राबिया का निकाह अप्रैल 2010 में परसा महापात्र निवासी रफीक उर्फ पप्पू के साथ किया था। निकाह के बाद से ही राबिया को बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
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ससुरालीजनों ने व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये की भी डिमांड रखी। मांग पूरी न होने पर 6 सितंबर की सुबह मिट्टी का तेल छिड़ककर राबिया को जिंदा जला दिया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में पति रफीक उर्फ पप्पू व सास नजरुन्निशा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण सिंह ने सात गवाह और आठ अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए। तथ्यों की पड़ताल के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी माना। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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तीन वर्ष पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।अभियोजन के अनुसार महराजगंज के ठूठीबारी थाना अंतर्गत राजवीरा गांव निवासी रफीक ने 6 सितंबर 2012 को सिद्धार्थनगर थाने में तहरीर देकर दहेज के लिए बेटी राबिया की हत्या का आरोप लगाया था।
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रफीक के मुताबिक पुत्री राबिया का निकाह अप्रैल 2010 में परसा महापात्र निवासी रफीक उर्फ पप्पू के साथ किया था। निकाह के बाद से ही राबिया को बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
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ससुरालीजनों ने व्यवसाय के लिए दो लाख रुपये की भी डिमांड रखी। मांग पूरी न होने पर 6 सितंबर की सुबह मिट्टी का तेल छिड़ककर राबिया को जिंदा जला दिया गया।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने इस मामले में पति रफीक उर्फ पप्पू व सास नजरुन्निशा के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण सिंह ने सात गवाह और आठ अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए। तथ्यों की पड़ताल के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी माना। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।