{"_id":"662fec0ad661eb526f09c054","slug":"hot-season-record-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-116605-2024-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: चिलचिलाती धूप ने अप्रैल में ही तोड़ा रिकार्ड, मई-जून में चरम पर होगी गर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: चिलचिलाती धूप ने अप्रैल में ही तोड़ा रिकार्ड, मई-जून में चरम पर होगी गर्मी
Tue, 30 Apr 2024 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 30 Apr 2024 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-
: सोमवार को एक बार फिर पारा 43 डिग्री के पार हु, उमस बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अप्रैल की गर्मी ने पिछले वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अप्रैल में इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ी थी, जबकि मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मई व जून माह में गर्मी चरम पर पहुंच जाएगी। इससे लोगों को सूर्य के निकलते ही तीखी धूप का अहसास होना शुरू हो जाएगा।
सोमवार को इस सीजन का सर्वाधिक गर्म दिन बीता। अप्रैल में ही गर्मी का रिकॉर्ड टूट रहा है। महीने के आखिरी सोमवार को पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जल रहे डंठल व पेड़ पौधों की कमी से गर्म हवाओं के प्रभाव से तापमान में इतनी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस साल अल नीनों प्रभाव की वजह से भी गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। गर्मी अभी और बढ़ सकती है।
माना जा रहा है कि इस साल गर्मी पिछले कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ सकती है। गर्मी ज्यादा पड़ने की वजह से सड़कें दोपहर में सूनी नजर आईं। पूरे दिन बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा। जिस बाजार में पूरे दिन गुलजार रहता था, वहा पर भी दोपहर में दुकानें बंद थी। कपड़े वाली गली के दुकानदार संजय कसौधन ने बताया कि सुबह शाम में ही ग्राहक आ रहे है। दोपहर में सन्नाटा छा जा रहा है। इससे कई दुकानदार भी दोपहर में दुकान बंद कर दे रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री दर्ज किया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
इस मौसम में सनबर्न का है खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि यदि अधिक समय तक धूप में रहते हैं, तो सनबर्न का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए धूप में निकलने से पहले कुछ सावधानी रखना बहुत जरूरी है।
-आंखों की रक्षा के लिए चश्मा पहनें।
-दोपहर 12 से शाम पार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
-धूप से शरीर को बचाने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
-टोपी जरूर पहने, इसके अलावा गमछा भी रख सकते हैं।
-मौसमी फलों के अलावा अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।
-तेल से बनी चीजों से परहेज करें।
-मांसाहार का प्रयोग कम कर दें।
-- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
: सोमवार को एक बार फिर पारा 43 डिग्री के पार हु, उमस बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अप्रैल की गर्मी ने पिछले वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अप्रैल में इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ी थी, जबकि मौसम वैज्ञानिकों की माने तो मई व जून माह में गर्मी चरम पर पहुंच जाएगी। इससे लोगों को सूर्य के निकलते ही तीखी धूप का अहसास होना शुरू हो जाएगा।
सोमवार को इस सीजन का सर्वाधिक गर्म दिन बीता। अप्रैल में ही गर्मी का रिकॉर्ड टूट रहा है। महीने के आखिरी सोमवार को पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया। शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जल रहे डंठल व पेड़ पौधों की कमी से गर्म हवाओं के प्रभाव से तापमान में इतनी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस साल अल नीनों प्रभाव की वजह से भी गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। गर्मी अभी और बढ़ सकती है।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि इस साल गर्मी पिछले कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ सकती है। गर्मी ज्यादा पड़ने की वजह से सड़कें दोपहर में सूनी नजर आईं। पूरे दिन बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा। जिस बाजार में पूरे दिन गुलजार रहता था, वहा पर भी दोपहर में दुकानें बंद थी। कपड़े वाली गली के दुकानदार संजय कसौधन ने बताया कि सुबह शाम में ही ग्राहक आ रहे है। दोपहर में सन्नाटा छा जा रहा है। इससे कई दुकानदार भी दोपहर में दुकान बंद कर दे रहे हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री दर्ज किया गया।
विज्ञापन
इस मौसम में सनबर्न का है खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि यदि अधिक समय तक धूप में रहते हैं, तो सनबर्न का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए धूप में निकलने से पहले कुछ सावधानी रखना बहुत जरूरी है।
-आंखों की रक्षा के लिए चश्मा पहनें।
-दोपहर 12 से शाम पार बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
-धूप से शरीर को बचाने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें।
-टोपी जरूर पहने, इसके अलावा गमछा भी रख सकते हैं।
-मौसमी फलों के अलावा अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें।
-तेल से बनी चीजों से परहेज करें।
-मांसाहार का प्रयोग कम कर दें।