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Siddharthnagar News: होलाष्टक 17 से 24 तक, नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Thu, 14 Mar 2024 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 14 Mar 2024 12:52 AM IST
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Holashtak from 17th to 24th, no auspicious work will be done
डुमरियागंज। ज्योतिष की दृष्टि से होलाष्टक दोष माना जाता है। इसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। इस वर्ष होलाष्टक 17 से 24 मार्च तक रहेगा। होली के बाद ही शुभ कार्य कर सकेंगे। होलिका दहन इस बार 24 मार्च को है। इससे आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाएगा। आठ दिनों तक विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण, आदि शुभ कार्य नहीं होंगे।
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डुमरियागंज प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि 17 मार्च से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा और 24 मार्च होलिका दहन तक रहेगा। होलाष्टक आठ दिनों का होता है। इस दौरान किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। भारतीय मुहूर्त विज्ञान व ज्योतिष शास्त्र प्रत्येक कार्य के लिए शुभ मुहूर्तों का शोधन कर उसे करने की अनुमति देता है। कोई भी कार्य यदि शुभ मुहूर्त में किया जाता है, तो वह उत्तम फल प्रदान करने वाला होता है। इस धर्म धुरी से भारतीय भूमि में प्रत्येक कार्य को सुसंस्कृत समय में किया जाता है, अर्थात ऐसा समय जो उस कार्य की पूर्णता के लिए उपयुक्त हो। इस प्रकार प्रत्येक कार्य की दृष्टि से उसके शुभ समय का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष की दृष्टि से होलाष्टक दोष माना जाता है। इसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण, आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। इस वर्ष होलाष्टक 17 से 24 मार्च तक रहेगा।
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होलाष्टक में यह काम है वर्जित

होलाष्टक के दौरान विवाह के मुहूर्त नहीं होते, इसीलिए इन दिनों में विवाह जैसा मांगलिक कार्य संपन्न नहीं करना चाहिए। नये घर में प्रवेश भी इन दिनों में नहीं करना चाहिए। भूमि पूजन भी इन दिनों में न ही किया जाए तो बेहतर रहता है। नवविवाहिताओं को इन दिनों में मायके में रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी प्रकार का हवन, यज्ञ कर्म भी इन दिनों में नहीं किये जाते हैं। 16 प्रकार के संस्कारों में से किसी भी संस्कार को संपन्न नहीं करना चाहिए। इन दिनों किसी की मौत होती है, तो उसके अंत्येष्टि संस्कार के लिए भी शांति पूजन करवाया जाता है।
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होलाष्टक का समय

ज्योतिषाचार्य ओम प्रकाश पांडेय ने बताया कि होली से पहले के 8 दिन होलाष्टक कहलाते हैं। पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 16 मार्च को रात 9 बजकर 39 मिनट से होगा। इसका समापन 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 53 मिनट पर होगा। ऐसे में होलाष्टक 17 मार्च से लगेगा और 24 मार्च को समाप्त होगा। इसके बाद 25 मार्च को होली मनाई जाएगी।
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