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Siddharthnagar News: तपिश का कहर... 41 डिग्री पार, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा
Wed, 22 Apr 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 22 Apr 2026 02:36 AM IST
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लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल, अस्पतालों में बढ़े मरीज, पानी-बिजली संकट गहराया, दिहाड़ी मजदूरों पर दोहरी मार
सिद्धार्थनगर। जिले में भीषण गर्मी ने अप्रैल में ही जून जैसी स्थिति पैदा कर दी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर चल रही तेज गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जबकि ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी और सेहत के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बन गया है। अस्पतालों में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चक्कर, उल्टी, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
चिकित्सकों के अनुसार, लू लगने के मामले भी सामने आने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट भी गहराने लगा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं, बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। कूलर और पंखे भी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।
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कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 76 प्रतिशत और न्यूनतम 30 प्रतिशत रही जबकि हवा की गति 4.5 किमी प्रति घंटा दक्षिण-पश्चिम दिशा से दर्ज की गई। अगले 24 घंटे में मौसम शुष्क रहने और तापमान सामान्य से अधिक बने रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी दिशा से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अभी अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि इस तरह की गर्मी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों की नियमित सिंचाई करें और दोपहर में खेतों में काम करने से बचें। भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक विद्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें और जरूरी होने पर सिर ढककर तथा पर्याप्त पानी पीकर ही बाहर जाएं।
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लू से बचाव के उपाय
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
हल्के और सूती कपड़े पहनें
अधिक से अधिक पानी व तरल पदार्थ का सेवन करें
धूप में निकलते समय सिर ढकें
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किसानों के लिए सलाह
फसलों की नियमित सिंचाई करें
सुबह-शाम के समय ही खेतों में कार्य करें
पशुओं को छांव और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं
खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करें
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सिद्धार्थनगर। जिले में भीषण गर्मी ने अप्रैल में ही जून जैसी स्थिति पैदा कर दी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर चल रही तेज गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जबकि ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी और सेहत के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बन गया है। अस्पतालों में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चक्कर, उल्टी, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
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चिकित्सकों के अनुसार, लू लगने के मामले भी सामने आने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट भी गहराने लगा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं, बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। कूलर और पंखे भी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।
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कृषि मौसम विज्ञान विभाग, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 76 प्रतिशत और न्यूनतम 30 प्रतिशत रही जबकि हवा की गति 4.5 किमी प्रति घंटा दक्षिण-पश्चिम दिशा से दर्ज की गई। अगले 24 घंटे में मौसम शुष्क रहने और तापमान सामान्य से अधिक बने रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी दिशा से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अभी अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
कृषि अधिकारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि इस तरह की गर्मी फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों की नियमित सिंचाई करें और दोपहर में खेतों में काम करने से बचें। भीषण गर्मी को देखते हुए प्राथमिक विद्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें और जरूरी होने पर सिर ढककर तथा पर्याप्त पानी पीकर ही बाहर जाएं।
लू से बचाव के उपाय
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
हल्के और सूती कपड़े पहनें
अधिक से अधिक पानी व तरल पदार्थ का सेवन करें
धूप में निकलते समय सिर ढकें
किसानों के लिए सलाह
फसलों की नियमित सिंचाई करें
सुबह-शाम के समय ही खेतों में कार्य करें
पशुओं को छांव और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं
खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करें