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Siddharthnagar News: स्थानांतरण के लिए स्वस्थ शिक्षक भी बन गए असाध्य रोगी
Sat, 01 Jul 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 01 Jul 2023 11:58 PM IST
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सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में गैर जनपद स्थानांतरण के लिए शिक्षकों ने कई खेल खेला है। नौकरी में एकदम स्वस्थ आए और नियमित ड्यूटी भी कर रहे थे, लेकिन स्थानांतरण की बारी आई तो कई शिक्षक असाध्य बीमारी के शिकार हो गए हैं। इसमें कई तो पत्नी और बच्चों को गंभीर बीमारी का शिकार होने का हवाला देकर स्थानांतरण लिया है जबकि खुद के और उनके इलाज के लिए कभी मेडिकल अवकाश ही नहीं लिया। अब जांच समिति यह स्पष्ट करेगी की वाकई में ये रोगी हैं या फिर प्रमाणपत्र गलत बना है।
बेसिक शिक्षा विभाग में जिले में लंबे समय से कार्यरत शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरण के लिए लगे थे। आदेश होता था और निरस्त हो जाता था। इस वर्ष शासन ने गैर जनपद स्थानांतरण पर मुहर लगा दी। जनपद में कार्यरत शिक्षकों के सापेक्ष 10 प्रतिशत शिक्षकों को स्थानांतरण होना था। इस हिसाब से 600 शिक्षकों को गैर जनपद स्थानांतरण होना था। इसमें दिव्यांग और असाध्य बीमारी से ग्रसित शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण होना था। इसमें बीमारी के हिसाब से भारांक दिया गया। जिसके आधार पर स्थानांतरण हुआ है। स्थानांतरण होने के बाद लगातार व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। इसमें कुछ शिक्षकों की एक सूची वायरल हो रही है, जिन्हें बताया जा रहा है कि फर्जी तरीके से असाध्य रोगी होने का प्रमाण पत्र बनवा लिए और स्थानांतरण पा गए हैं। वहीं, दिव्यांगता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। कई शिक्षक ऐसे सामने आए हैं जो वाकई में दिव्यांग हैं। इसके बाद भी वह स्थानांतरण के नियम से बाहर हो चुके हैं। बढ़ती हुई शिकायत के बाद शासन निर्देश पर जांच समिति गठित कर दी गई है। यह टीम जांच करेगी, जांच में सही पाए गए तो ठीक है नहीं तो स्थानांतरण स्वत: निरस्त माना जाएगा।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित हुई है। जांच में जो भी गलत पाया जाएगा, उसका स्थानांतरण स्वत: निरस्त मान लिया जाएगा।
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असाध्य रोग में लीवर की समस्या वाले अधिक
शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों की माने तो अधिक लीवर से जुड़ा रोगी होने का प्रमाण पत्र दिए हैं। इनमें एक जैसी समस्या दिखाया गया है। कुछ तो पत्नी और बच्चे को इसी बीमारी से ग्रसित होना बताए हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मी के मुताबिक लीवर में सिस्ट की समस्या बताई गई है, उसके जानने का सबसे सरल तरीका अल्ट्रासाउंड है। उसकी जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि सही है कि गलत।
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वायरत हो रही है 24 लोगों की सूची
शिक्षक संगठनों के ग्रुप में 24 शिक्षकों की सूची वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि इन शिक्षकों ने असाध्य रोग के फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारांक बढ़ाया और उनका स्थानांतरण हो गया है। आरोप है कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग में सेटिंग से कई शिक्षक अपना स्थानांतरण कराने में सफल हो गए हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग में जिले में लंबे समय से कार्यरत शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरण के लिए लगे थे। आदेश होता था और निरस्त हो जाता था। इस वर्ष शासन ने गैर जनपद स्थानांतरण पर मुहर लगा दी। जनपद में कार्यरत शिक्षकों के सापेक्ष 10 प्रतिशत शिक्षकों को स्थानांतरण होना था। इस हिसाब से 600 शिक्षकों को गैर जनपद स्थानांतरण होना था। इसमें दिव्यांग और असाध्य बीमारी से ग्रसित शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण होना था। इसमें बीमारी के हिसाब से भारांक दिया गया। जिसके आधार पर स्थानांतरण हुआ है। स्थानांतरण होने के बाद लगातार व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। इसमें कुछ शिक्षकों की एक सूची वायरल हो रही है, जिन्हें बताया जा रहा है कि फर्जी तरीके से असाध्य रोगी होने का प्रमाण पत्र बनवा लिए और स्थानांतरण पा गए हैं। वहीं, दिव्यांगता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। कई शिक्षक ऐसे सामने आए हैं जो वाकई में दिव्यांग हैं। इसके बाद भी वह स्थानांतरण के नियम से बाहर हो चुके हैं। बढ़ती हुई शिकायत के बाद शासन निर्देश पर जांच समिति गठित कर दी गई है। यह टीम जांच करेगी, जांच में सही पाए गए तो ठीक है नहीं तो स्थानांतरण स्वत: निरस्त माना जाएगा।
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इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित हुई है। जांच में जो भी गलत पाया जाएगा, उसका स्थानांतरण स्वत: निरस्त मान लिया जाएगा।
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असाध्य रोग में लीवर की समस्या वाले अधिक
शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों की माने तो अधिक लीवर से जुड़ा रोगी होने का प्रमाण पत्र दिए हैं। इनमें एक जैसी समस्या दिखाया गया है। कुछ तो पत्नी और बच्चे को इसी बीमारी से ग्रसित होना बताए हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मी के मुताबिक लीवर में सिस्ट की समस्या बताई गई है, उसके जानने का सबसे सरल तरीका अल्ट्रासाउंड है। उसकी जांच में यह स्पष्ट हो जाएगा कि सही है कि गलत।
वायरत हो रही है 24 लोगों की सूची
शिक्षक संगठनों के ग्रुप में 24 शिक्षकों की सूची वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि इन शिक्षकों ने असाध्य रोग के फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारांक बढ़ाया और उनका स्थानांतरण हो गया है। आरोप है कि स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग में सेटिंग से कई शिक्षक अपना स्थानांतरण कराने में सफल हो गए हैं।