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Siddharthnagar News: निमोनिया के साथ टौंसिल दे रहा बच्चों के गले में दर्द
Fri, 24 Nov 2023 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Nov 2023 11:22 PM IST
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दिन में धूप और सुबह ठंड से बिगड़ रही सेहत
बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या अधिक
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की संख्या, निमोनिया के शिकार प्रतिदिन पहुंचे रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दिन में धूप और रात की ठंड लोगों को बीमार बना रहा है। मौसम से होने वाली बीमारी की चपेट में सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। बच्चों में निमोनिया के साथ ही गले का टौंसिल बढ़ने के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही गले में दर्द से परेशानी हो रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले कई दिनों से निमोनिया और तेज बुखार के साथ जकड़न और गला में दर्द से पीड़ित 100 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा लिखने के साथ ही ठंड से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम के बदलाव का असर हर उम्र के लोगों पर होता है। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों पर कुछ अधिक रहता है। जैसा कि पिछले एक सप्ताह से देखा जा रहा है। सुबह घने कोहरे के साथ ठंड और दिन में कड़ी धूप, फिर रात में ठंड लोगों को सर्दी बुखार और खांसी जैसी बीमारी दे रही है। शायद ही कोई परिवार हो जो इससे अछूता हो।
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सबसे अधिक वे लोग परेशान हैं, जिनके यहां बच्चे हैं। क्योंकि जरा सी ठंड लगते ही बुखार, जुकाम और खांसी से बच्चे ग्रसित हो जा रहे हैं। अस्पताल पहुंचाने में जरा सी चूक हुई तो निमोनिया के शिकार हो जा रहे हैं।
शुक्रवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। कक्ष में पहुंचे तो हर किसी के गोद में बच्चा था, कोई बुखार तो कोई खांसते हुए रो रहा था। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता चौधरी ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 62 बच्चे जा चुके हैं। इसमें सर्दी, बुखार, खांसी के साथ निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। सर्दी से होने वाले एलर्जी के कारण गले का टौंसिल बढ़ रहा है, जो बच्चों को दर्द दे रहा है। यह मौसम का असर है।
दिन में धूप और रात में ठंड हो रही है। लोग बच्चों को कपड़े कम पहना रहे हैं। इसी वजह से ऐसी परेशानी हो रही है। नाक जाम से बचने के लिए नेजल ड्रॉप डालने की सलाह दी जा रही है। साथ ही दिन में भी गर्म कपड़े पहनाने की सलाह देकर भेज रहे हैं।
वहीं, जनरल मेडिकल विभाग में चिकित्सक डॉ. सीबी चौधरी ऑनलाइन और ऑफलाइन पर्ची के 70 मरीजों को दोपहर 12 बजे तक देख चुके हैं। इसमें 50 मरीज बुखार, जुकाम के साथ सीने और बदन दर्द के थे। यह ठंड के कारण हो रहा है। मौसम के अनुकूल होने तक शरीर की यही स्थिति रहेगी। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग गर्म कपड़े पहनेंगे तो बीमार कम होंगे। मरीजों को ठंड से बचाव और बीमार होने पर समय से दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
बोले जिम्मेदार
मौसम की बीमारी से जुड़ीं सभी दवाएं उपलब्ध हैं। यह मरीजों में वितरित की जा रही है। निमोनिया के शिकार बच्चों को भर्ती करके इलाज करने की पूरी व्यवस्था है। मौजूदा सुविधाओं में बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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दिन में धूप और सुबह ठंड से बिगड़ रही सेहत
बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या अधिक
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बढ़ी मरीजों की संख्या, निमोनिया के शिकार प्रतिदिन पहुंचे रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दिन में धूप और रात की ठंड लोगों को बीमार बना रहा है। मौसम से होने वाली बीमारी की चपेट में सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। बच्चों में निमोनिया के साथ ही गले का टौंसिल बढ़ने के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही गले में दर्द से परेशानी हो रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में पिछले कई दिनों से निमोनिया और तेज बुखार के साथ जकड़न और गला में दर्द से पीड़ित 100 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। चिकित्सक दवा लिखने के साथ ही ठंड से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
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मौसम के बदलाव का असर हर उम्र के लोगों पर होता है। लेकिन बच्चों और बुजुर्गों पर कुछ अधिक रहता है। जैसा कि पिछले एक सप्ताह से देखा जा रहा है। सुबह घने कोहरे के साथ ठंड और दिन में कड़ी धूप, फिर रात में ठंड लोगों को सर्दी बुखार और खांसी जैसी बीमारी दे रही है। शायद ही कोई परिवार हो जो इससे अछूता हो।
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सबसे अधिक वे लोग परेशान हैं, जिनके यहां बच्चे हैं। क्योंकि जरा सी ठंड लगते ही बुखार, जुकाम और खांसी से बच्चे ग्रसित हो जा रहे हैं। अस्पताल पहुंचाने में जरा सी चूक हुई तो निमोनिया के शिकार हो जा रहे हैं।
शुक्रवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। कक्ष में पहुंचे तो हर किसी के गोद में बच्चा था, कोई बुखार तो कोई खांसते हुए रो रहा था। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता चौधरी ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक 62 बच्चे जा चुके हैं। इसमें सर्दी, बुखार, खांसी के साथ निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। सर्दी से होने वाले एलर्जी के कारण गले का टौंसिल बढ़ रहा है, जो बच्चों को दर्द दे रहा है। यह मौसम का असर है।
दिन में धूप और रात में ठंड हो रही है। लोग बच्चों को कपड़े कम पहना रहे हैं। इसी वजह से ऐसी परेशानी हो रही है। नाक जाम से बचने के लिए नेजल ड्रॉप डालने की सलाह दी जा रही है। साथ ही दिन में भी गर्म कपड़े पहनाने की सलाह देकर भेज रहे हैं।
वहीं, जनरल मेडिकल विभाग में चिकित्सक डॉ. सीबी चौधरी ऑनलाइन और ऑफलाइन पर्ची के 70 मरीजों को दोपहर 12 बजे तक देख चुके हैं। इसमें 50 मरीज बुखार, जुकाम के साथ सीने और बदन दर्द के थे। यह ठंड के कारण हो रहा है। मौसम के अनुकूल होने तक शरीर की यही स्थिति रहेगी। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग गर्म कपड़े पहनेंगे तो बीमार कम होंगे। मरीजों को ठंड से बचाव और बीमार होने पर समय से दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
बोले जिम्मेदार
मौसम की बीमारी से जुड़ीं सभी दवाएं उपलब्ध हैं। यह मरीजों में वितरित की जा रही है। निमोनिया के शिकार बच्चों को भर्ती करके इलाज करने की पूरी व्यवस्था है। मौजूदा सुविधाओं में बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज