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कब्जा हटाने गई टीम के सामने जलीं झोपिड़यां
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के चंदई गांव में अवैध कब्जा हटाने के दौरान पांच झोपड़ी जलकर राख हो गई। संवाद न्य
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
कब्जा हटाने गई टीम के सामने जलीं झोपिड़यां
कब्जा हटवाने गए तहसीलदार और राजस्वकर्मी को दौड़ाया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कब्जा हटवाने गई थी टीम
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव की है घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव में अवैध कब्जा हटाने गई प्रशासन की टीम के सामने पांच झोपड़ियां जल उठीं। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को जमीन से कब्जा हटवाने गई टीम के सामने विवाद खड़ा हो गया। अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। आग किसने लगाई, यह पता नहीं चल सका। देखते ही देखते पांच झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा तो तहसीलदार और राजस्व कर्मियों को दौड़ा लिया। हालांकि, पुलिस की सक्रियता से दोनों अधिकारियों को बचा लिया गया। किसी तरह से आग पर काबू पाया गया। गांव में एएसपी, दो सीओ और शोहरतगढ़ के अलावा ढेबरुआ, चिल्हिया थाने की पुलिस पहुंच गई। ग्रामीणों ने तहसीलदार और कानूनगो पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर शोहरतगढ़ तहसीलदार धर्मवीर भारती पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। उनके सामने ही अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई। देवीशरण, राजेंद्र, गम्मल की चाय की दुकान, हरिहर, मुन्नीलाल की झोपड़ियां जल गईं। आग लगने से नाराज ग्रामीणों ने शोहरतगढ़ तहसीलदार धर्मवीर सिंह व कानूनगो अंकित जायसवाल को घेर लिया। किसी तरह से दोनों ने भागकर जान बचाई। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र चंद्र रावत व शोहरतगढ़ एसडीएम शिवमूर्ति सिंह, शोहरतगढ़ सीओ प्रदीप यादव, इटवा सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, सदर सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह गांव में पहुंचे। सूचना मिलते ही दमकल भी मौके पर पहुंचा। किसी तरह से आग पर काबू पाया गया। इस मौके पर शोहरतगढ़ एसएचओ आरबी सिंह, एसएचओ ढेबरुआ तहसीलदार सिंह, एसएचओ चिल्हिया डीसी चौधरी, एसएचओ इटवा वीपी श्रीवास्तव, एसएचओ मिश्रौलिया अजय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी कोटिया सूर्य प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे। एसडीएम शोहरतगढ़ शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को राहत राशि दी जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार कब्जा हटाने गए थे। उसी में आग लग गई।
हियुवा नेता ने लगाया आरोप
आग की घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह ने तहसीलदार और कानूनगो पर धनउगाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार पैसा लेकर अवैध कब्जा हटाने आते हैं। उन्होंने मांग की कि आग में नुकसान की भरपाई तहसीलदार व कानूनगो से कराई जाए। तहसीलदार धर्मवीर भारती ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा हटवाने के लिए गया था।
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जलता रहा अशियाना बेबस रहे लोग
देखते ही देखते देवीशरण, राजेंद्र, गम्मल चाय की दुकान, हरिहर, मुन्नीलाल की झोपड़ियां आग की लपटों से घिर गईं। सामान समेटने का भी समय नहीं मिला और आंखों के सामने सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। मगर बेबस होकर वह खड़े थे। क्योंकि रोने और किस्मत को कोसने के अलावा उनके पास कोई दूसरा उपाय नहीं था।
छावनी में तब्दील हुआ गांव
अगलगी की घटना और तहसीलदार पर ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के कई थानों की फोर्स लगा दी गई है, जिससे अशांति न फैले। फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था कायम थी। क्योंकि हर स्थानों पर पुलिस टीम को लगा दिया गया था।
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कब्जा हटवाने गए तहसीलदार और राजस्वकर्मी को दौड़ाया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद कब्जा हटवाने गई थी टीम
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव की है घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव में अवैध कब्जा हटाने गई प्रशासन की टीम के सामने पांच झोपड़ियां जल उठीं। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को जमीन से कब्जा हटवाने गई टीम के सामने विवाद खड़ा हो गया। अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। आग किसने लगाई, यह पता नहीं चल सका। देखते ही देखते पांच झोपड़ियां आग की भेंट चढ़ गईं। ग्रामीणों का गुस्सा फूटा तो तहसीलदार और राजस्व कर्मियों को दौड़ा लिया। हालांकि, पुलिस की सक्रियता से दोनों अधिकारियों को बचा लिया गया। किसी तरह से आग पर काबू पाया गया। गांव में एएसपी, दो सीओ और शोहरतगढ़ के अलावा ढेबरुआ, चिल्हिया थाने की पुलिस पहुंच गई। ग्रामीणों ने तहसीलदार और कानूनगो पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के चंदई गांव में हाईकोर्ट के आदेश पर शोहरतगढ़ तहसीलदार धर्मवीर भारती पुलिस फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। उनके सामने ही अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई। देवीशरण, राजेंद्र, गम्मल की चाय की दुकान, हरिहर, मुन्नीलाल की झोपड़ियां जल गईं। आग लगने से नाराज ग्रामीणों ने शोहरतगढ़ तहसीलदार धर्मवीर सिंह व कानूनगो अंकित जायसवाल को घेर लिया। किसी तरह से दोनों ने भागकर जान बचाई। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र चंद्र रावत व शोहरतगढ़ एसडीएम शिवमूर्ति सिंह, शोहरतगढ़ सीओ प्रदीप यादव, इटवा सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव, सदर सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह गांव में पहुंचे। सूचना मिलते ही दमकल भी मौके पर पहुंचा। किसी तरह से आग पर काबू पाया गया। इस मौके पर शोहरतगढ़ एसएचओ आरबी सिंह, एसएचओ ढेबरुआ तहसीलदार सिंह, एसएचओ चिल्हिया डीसी चौधरी, एसएचओ इटवा वीपी श्रीवास्तव, एसएचओ मिश्रौलिया अजय कुमार सिंह, चौकी प्रभारी कोटिया सूर्य प्रकाश सिंह आदि मौजूद थे। एसडीएम शोहरतगढ़ शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को राहत राशि दी जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश पर तहसीलदार कब्जा हटाने गए थे। उसी में आग लग गई।
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हियुवा नेता ने लगाया आरोप
आग की घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे हियुवा के जिला महामंत्री अजय सिंह ने तहसीलदार और कानूनगो पर धनउगाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार पैसा लेकर अवैध कब्जा हटाने आते हैं। उन्होंने मांग की कि आग में नुकसान की भरपाई तहसीलदार व कानूनगो से कराई जाए। तहसीलदार धर्मवीर भारती ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा हटवाने के लिए गया था।
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जलता रहा अशियाना बेबस रहे लोग
देखते ही देखते देवीशरण, राजेंद्र, गम्मल चाय की दुकान, हरिहर, मुन्नीलाल की झोपड़ियां आग की लपटों से घिर गईं। सामान समेटने का भी समय नहीं मिला और आंखों के सामने सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। मगर बेबस होकर वह खड़े थे। क्योंकि रोने और किस्मत को कोसने के अलावा उनके पास कोई दूसरा उपाय नहीं था।
छावनी में तब्दील हुआ गांव
अगलगी की घटना और तहसीलदार पर ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव के कई थानों की फोर्स लगा दी गई है, जिससे अशांति न फैले। फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था कायम थी। क्योंकि हर स्थानों पर पुलिस टीम को लगा दिया गया था।