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राज्यपाल का शिक्षा पर जोर, बच्चों एवं महिलाओं से रहा जुड़ाव
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ करतीं र?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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राज्यपाल का शिक्षा पर जोर, बच्चों एवं महिलाओं से रहा जुड़ाव
सिद्धार्थनगर। जिले के तीन दिवसीय प्रवास में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का शिक्षा, बच्चों एवं महिलाओं से गहरा जुड़ाव दिखा। स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए राजभवन लखनऊ से पुस्तकें, खिलौने व बैग लाकर वितरित करने से उनका बच्चों से लगाव नजर आया। कार्यक्रमों में संबोधन के दौरान भी बार-बार कुपोषण मुक्ति, बच्चों की शिक्षा एवं महिलाओं की उन्नति के लिए उन्होंने सभी के प्रयास करने पर बल दिया।
तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बर्डपुर क्षेत्र के महदेवा कुर्मी प्राथमिक विद्यालय में 10 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री स्कूल किट वितरित की। साथ ही जिले के व्यवसायियों को प्रेरित कर 10 अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट को वितरित कराया। संबोधन के दौरान उन्होंने बार-बार कुपोषण, अशिक्षा एवं महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सामाजिक कलंक बताते हुए लोगों को जागरूक किया। यहां तक कि उन्होंने गांव स्तर पर प्रधानों को सक्रिय होकर कार्य करने की नसीहत दी तो अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को इसमें सहभागिता करने की जिम्मेदारी का एहसास कराया।
उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन के दौरान भी कहा कि गांव के प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह तय करें कि गांव में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं होगा। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि हर बच्चे को शिक्षा मिले। सभी अभिभावक बच्चियों को शिक्षित बनाएं। स्कूल दूर होने से लड़कियों को शिक्षा देने न रोके। सभी क्षेत्र में महिलाएं कार्य कर सकती हैं। देश में 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिलाओं की सहभागिता से ही देश आगे बढ़ सकता है। संवाद
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हाथ जोड़कर की अपील
बच्चों से लगाव का नतीजा ही रहा कि परंपरा से हटकर राज्यपाल ने कई कार्य किए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में कहा कि 20 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री स्कूल किट वितरित की गई। इसी तरह आप लोगों से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि जिले के नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित सभी 56 गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऐसी ही किट के वितरण की व्यवस्था अपने स्तर से करें। उन्होंने दीक्षांत समारोह के मंच पर परिषदीय स्कूल के बच्चों को बैग वितरित किया। शिक्षकों से कहा कि जो पुस्तकें दी जा रही हैं, उनको विद्यालय के पुस्तकालय में सुरक्षित रखें तथा बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाएं। इन्हें पढ़कर बच्चों को प्रस्तुति करा उन्हें अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करें।
‘गोल्ड पाने वाले गोल्ड न मांगे’
दहेज प्रथा को अभिशाप बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि जो छात्र गोल्ड पाए हैं, वे अपने विवाह में गोल्ड न मांगे। दहेज समाज के लिए अपराध है। इसे समाप्त करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। यहीं इस शिक्षा का उद्देश्य है। दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है। इसको समाप्त करने के लिए सभी आगे बढ़कर कार्य करें।
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सिद्धार्थनगर। जिले के तीन दिवसीय प्रवास में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का शिक्षा, बच्चों एवं महिलाओं से गहरा जुड़ाव दिखा। स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए राजभवन लखनऊ से पुस्तकें, खिलौने व बैग लाकर वितरित करने से उनका बच्चों से लगाव नजर आया। कार्यक्रमों में संबोधन के दौरान भी बार-बार कुपोषण मुक्ति, बच्चों की शिक्षा एवं महिलाओं की उन्नति के लिए उन्होंने सभी के प्रयास करने पर बल दिया।
तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बर्डपुर क्षेत्र के महदेवा कुर्मी प्राथमिक विद्यालय में 10 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री स्कूल किट वितरित की। साथ ही जिले के व्यवसायियों को प्रेरित कर 10 अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट को वितरित कराया। संबोधन के दौरान उन्होंने बार-बार कुपोषण, अशिक्षा एवं महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सामाजिक कलंक बताते हुए लोगों को जागरूक किया। यहां तक कि उन्होंने गांव स्तर पर प्रधानों को सक्रिय होकर कार्य करने की नसीहत दी तो अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को इसमें सहभागिता करने की जिम्मेदारी का एहसास कराया।
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उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में संबोधन के दौरान भी कहा कि गांव के प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह तय करें कि गांव में कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं होगा। हम सबका प्रयास होना चाहिए कि हर बच्चे को शिक्षा मिले। सभी अभिभावक बच्चियों को शिक्षित बनाएं। स्कूल दूर होने से लड़कियों को शिक्षा देने न रोके। सभी क्षेत्र में महिलाएं कार्य कर सकती हैं। देश में 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिलाओं की सहभागिता से ही देश आगे बढ़ सकता है। संवाद
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हाथ जोड़कर की अपील
बच्चों से लगाव का नतीजा ही रहा कि परंपरा से हटकर राज्यपाल ने कई कार्य किए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत समारोह में कहा कि 20 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री स्कूल किट वितरित की गई। इसी तरह आप लोगों से हाथ जोड़कर अनुरोध है कि जिले के नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित सभी 56 गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऐसी ही किट के वितरण की व्यवस्था अपने स्तर से करें। उन्होंने दीक्षांत समारोह के मंच पर परिषदीय स्कूल के बच्चों को बैग वितरित किया। शिक्षकों से कहा कि जो पुस्तकें दी जा रही हैं, उनको विद्यालय के पुस्तकालय में सुरक्षित रखें तथा बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाएं। इन्हें पढ़कर बच्चों को प्रस्तुति करा उन्हें अच्छे कार्य के लिए प्रेरित करें।
‘गोल्ड पाने वाले गोल्ड न मांगे’
दहेज प्रथा को अभिशाप बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि जो छात्र गोल्ड पाए हैं, वे अपने विवाह में गोल्ड न मांगे। दहेज समाज के लिए अपराध है। इसे समाप्त करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें। यहीं इस शिक्षा का उद्देश्य है। दहेज प्रथा समाज के लिए अभिशाप है। इसको समाप्त करने के लिए सभी आगे बढ़कर कार्य करें।