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Siddharthnagar News: नदियों के उफान से मची तबाही, कई गांव के लोगों के घर में घुसा पानी
Sun, 14 Jul 2024 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:28 AM IST
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खतरे के लाल निशान से पार हुई जिले की राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा और घोघी नदी
: बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरे गांव के लोगों की बढ़ी मुसीबत, आवागमन बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की सभी बड़ी नदियां खतरे के लाल निशान को पार कर कई है, जिससे तीन सौ गांवों में बाढ़ से तबाही मची हुई है। घर में बाढ़ का पानी घुसने से लोग दुर्दशा झेल रहे हैं। सड़कों पर पानी चढ़ने और कुछ सड़कों के पानी की तेज धार से कट जाने के कारण कई गांवों का आवागमन बाधित हो गया है।
नेपाल समेत जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ता रहा है। जिले की सबसे बड़ी नदी राप्ती का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 38 सेमी उपर बह रही है। वही बूढ़ी राप्ती नदी लगातार सातवें दिन भी लाल निशान से 1.92 मीटर ऊपर बह रही है। जबकि कूड़ा नदी 15 सेमी और घोघी नदी 20 सेमी खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही है। सभी बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर बहने के कारण कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। वहीं कई गांव के लोगों के घर में पानी घुस जाने से लोग छत, पड़ोस अथवा ऊंचे स्थान पर शरण ले रहे हैं। जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदियों के किनारे बने बांधों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
गांव के लोग जरूरी कार्य के लिए अथवा सामान खरीदने के लिए जान जोखिम में डालकर घर से निकल रहे हैं। वह प्रशासन की तरफ से मिले नाव अथवा पानी के बीच बाइक, साइकिल व पैदल ही आवागमन करते देखे जा रहे हैं। नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ने के कारण पानी का दबाव बढ़ने से सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बांधों की रखवाली में जुट हुए है।
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कटने लगा तेतरी सोहांस मार्ग
जमुआर नाले में बढ़े जलस्तर से चार माह पहले बना तेतरी सोहांस लोटन मार्ग शहर के निकट पिठनी पुल के पास कटने लगा है। सड़क की पटरी बह जाने के बाद पक्की सड़क भी कटने लगी है। 38 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क पहले बारिश के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब जमुआर नाले में पानी बढ़ने से इस सड़क पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क निर्माण कार्य में अनियमिता की गई है। सड़क निर्माण के साथ ही बाढ़ प्रभावित जगह पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से पत्थर लगाए जाने थे, जो नहीं लगाए गए है। इससे बाढ़ में सड़क बह जाने पर निर्माण में हुई अनियमिता छिप जाएगी। सड़क कटने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र ने बचाव कार्य का निर्देश दिया। जिस पर वहां बांस व बोरे भरकर सड़क का बचाने कार्य किया जा रहा है।
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नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर शुक्रवार शनिवार
राप्ती 84.900 85.07 85.28
बूढ़ी राप्ती 85.650 87.57 87.57
कूड़ा 83.520 83.53 83.67
घोघी 87.00 86.85 87.20
बानगंगा 93.420 93.20 91.45
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: बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिरे गांव के लोगों की बढ़ी मुसीबत, आवागमन बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले की सभी बड़ी नदियां खतरे के लाल निशान को पार कर कई है, जिससे तीन सौ गांवों में बाढ़ से तबाही मची हुई है। घर में बाढ़ का पानी घुसने से लोग दुर्दशा झेल रहे हैं। सड़कों पर पानी चढ़ने और कुछ सड़कों के पानी की तेज धार से कट जाने के कारण कई गांवों का आवागमन बाधित हो गया है।
नेपाल समेत जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ता रहा है। जिले की सबसे बड़ी नदी राप्ती का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 38 सेमी उपर बह रही है। वही बूढ़ी राप्ती नदी लगातार सातवें दिन भी लाल निशान से 1.92 मीटर ऊपर बह रही है। जबकि कूड़ा नदी 15 सेमी और घोघी नदी 20 सेमी खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रही है। सभी बड़ी नदियों का जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर बहने के कारण कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। वहीं कई गांव के लोगों के घर में पानी घुस जाने से लोग छत, पड़ोस अथवा ऊंचे स्थान पर शरण ले रहे हैं। जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदियों के किनारे बने बांधों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।
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गांव के लोग जरूरी कार्य के लिए अथवा सामान खरीदने के लिए जान जोखिम में डालकर घर से निकल रहे हैं। वह प्रशासन की तरफ से मिले नाव अथवा पानी के बीच बाइक, साइकिल व पैदल ही आवागमन करते देखे जा रहे हैं। नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ने के कारण पानी का दबाव बढ़ने से सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बांधों की रखवाली में जुट हुए है।
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कटने लगा तेतरी सोहांस मार्ग
जमुआर नाले में बढ़े जलस्तर से चार माह पहले बना तेतरी सोहांस लोटन मार्ग शहर के निकट पिठनी पुल के पास कटने लगा है। सड़क की पटरी बह जाने के बाद पक्की सड़क भी कटने लगी है। 38 करोड़ की लागत से बनी यह सड़क पहले बारिश के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब जमुआर नाले में पानी बढ़ने से इस सड़क पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क निर्माण कार्य में अनियमिता की गई है। सड़क निर्माण के साथ ही बाढ़ प्रभावित जगह पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से पत्थर लगाए जाने थे, जो नहीं लगाए गए है। इससे बाढ़ में सड़क बह जाने पर निर्माण में हुई अनियमिता छिप जाएगी। सड़क कटने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसडीएम नौगढ़ डॉ. ललित कुमार मिश्र ने बचाव कार्य का निर्देश दिया। जिस पर वहां बांस व बोरे भरकर सड़क का बचाने कार्य किया जा रहा है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर शुक्रवार शनिवार
राप्ती 84.900 85.07 85.28
बूढ़ी राप्ती 85.650 87.57 87.57
कूड़ा 83.520 83.53 83.67
घोघी 87.00 86.85 87.20
बानगंगा 93.420 93.20 91.45