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असली आजादी का एहसास गणतंत्र दिवस पर हुई थी
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रेडियो से खबरों को सुनने गांवों में उमड़ता था हुजूम
जिले के बुजुर्गों ने साझा की पहले गणतंत्र दिवस की यादें
गणतंत्र दिवस की पहली परेड की खबर से मन में उमंग था
लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली लागू होने पर बंटी थी मिठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। देश को आजादी भले ही 15 अगस्त 1947 को मिली, पर असली आजादी 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के तहत लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू हुआ था। पहली परेड की खबर पर मन में उमंग था। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न-ए-आजादी मनाया गया। ऐसा कहना जिले के बुजुर्गों का है।
विकास खंड उसका बाजार के छितरापार निवासी, 80 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक अरिमर्दन शुक्ल कहते हैं कि गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है। प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। आजादी के समय सिद्धार्थनगर जिला नहीं बना था। इस क्षेत्र का जनपद गोरखपुर था। 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ था, पर असली आजादी तो 26 जनवरी 1950 को एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान लागू किया गया था। उनका कहना है कि लगभग 12 वर्ष की उम्र में जब दिल्ली में परेड होने की जानकारी मिली। इस खबर पर गांव समेत आसपास के लोगों में काफी खुशी थी। जोगिया विकास खंड के सिसवा बुजुुर्ग निवासी रुद्र नारायण त्रिपाठी कहते हैं कि उस समय उम्र काफी कम होने के बाद भी संविधान लागू होने पर असल आजादी का एहसास हुआ था। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था। इस दिन रेडियो के माध्यम से खबरों को सुनने के लिए गांव में कतार लगी थी। लोगों में जश्न-ए-आजादी को लेकर अपार खुशियां थी।
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जिले के बुजुर्गों ने साझा की पहले गणतंत्र दिवस की यादें
गणतंत्र दिवस की पहली परेड की खबर से मन में उमंग था
लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली लागू होने पर बंटी थी मिठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। देश को आजादी भले ही 15 अगस्त 1947 को मिली, पर असली आजादी 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान के तहत लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू हुआ था। पहली परेड की खबर पर मन में उमंग था। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न-ए-आजादी मनाया गया। ऐसा कहना जिले के बुजुर्गों का है।
विकास खंड उसका बाजार के छितरापार निवासी, 80 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक अरिमर्दन शुक्ल कहते हैं कि गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है। प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। आजादी के समय सिद्धार्थनगर जिला नहीं बना था। इस क्षेत्र का जनपद गोरखपुर था। 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ था, पर असली आजादी तो 26 जनवरी 1950 को एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान लागू किया गया था। उनका कहना है कि लगभग 12 वर्ष की उम्र में जब दिल्ली में परेड होने की जानकारी मिली। इस खबर पर गांव समेत आसपास के लोगों में काफी खुशी थी। जोगिया विकास खंड के सिसवा बुजुुर्ग निवासी रुद्र नारायण त्रिपाठी कहते हैं कि उस समय उम्र काफी कम होने के बाद भी संविधान लागू होने पर असल आजादी का एहसास हुआ था। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था। इस दिन रेडियो के माध्यम से खबरों को सुनने के लिए गांव में कतार लगी थी। लोगों में जश्न-ए-आजादी को लेकर अपार खुशियां थी।
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