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पांच और फर्जी शिक्षक चिह्नित, हो सकते हैं बर्खास्त
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पांच और फर्जी शिक्षक चिह्नित, हो सकते हैं बर्खास्त
सिद्धार्थनगर। जिले में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की सूची लंबी होती जा रही है। जिले में पांच और शिक्षकों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई हो सकती है। विभाग की ओर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। एसटीएफ की जांच में ये लोग पकड़ में आए हैं। हालांकि अभी जिम्मेदार कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों का भांडा वर्ष 2017-18 में फूटना शुरू हुआ। एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाल चिह्नित किए गए। फिर कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। अब तक 112 फर्जी शिक्षक बर्खास्त हो किए जा चुके हैं। हालांकि जिस हिसाब से कार्रवाई होनी है, विभागीय स्तर पर उसमें शिथिलता है।
एसटीएफ जांच में पकड़ने के बाद जब लिखा-पढ़ी होती है तो विभाग बर्खास्तगी की कार्रवाई करता है। अब तक जिले में 119 चिह्नित हुए हैं और 112 पर कार्रवाई हो पाई है। सात उसमें भी ऐसे हैं, जिनमें केस दर्ज नहीं हो पाया है। इस बीच पांच और मामले सामने आ रहे हैं। इसमें वर्ष 1995 से 2000 के बीच के बताए जा रहे हैं। इसमें नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जो पकड़ में आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सिद्धार्थनगर। जिले में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की सूची लंबी होती जा रही है। जिले में पांच और शिक्षकों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई हो सकती है। विभाग की ओर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। एसटीएफ की जांच में ये लोग पकड़ में आए हैं। हालांकि अभी जिम्मेदार कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों का भांडा वर्ष 2017-18 में फूटना शुरू हुआ। एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाल चिह्नित किए गए। फिर कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। अब तक 112 फर्जी शिक्षक बर्खास्त हो किए जा चुके हैं। हालांकि जिस हिसाब से कार्रवाई होनी है, विभागीय स्तर पर उसमें शिथिलता है।
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एसटीएफ जांच में पकड़ने के बाद जब लिखा-पढ़ी होती है तो विभाग बर्खास्तगी की कार्रवाई करता है। अब तक जिले में 119 चिह्नित हुए हैं और 112 पर कार्रवाई हो पाई है। सात उसमें भी ऐसे हैं, जिनमें केस दर्ज नहीं हो पाया है। इस बीच पांच और मामले सामने आ रहे हैं। इसमें वर्ष 1995 से 2000 के बीच के बताए जा रहे हैं। इसमें नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जो पकड़ में आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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