फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   fear of corona in viral fever patients

वायरल बुखार के मरीजों में कोरोना का भय

Wed, 15 Sep 2021 10:26 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Sep 2021 10:26 PM IST
विज्ञापन
fear of corona in viral fever patients
वायरल बुखार के मरीजों में कोरोना का भय
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम के बीच वायरल बुखार भी तेजी से लोगों को चपेट में ले रहा है। बुखार के मरीजों के शरीर का तापमान अधिक होने और कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण के कारण लोगों की चिंता बढ़ रही है, क्योंकि आसपास के कुछ जिलों में कोरोना संक्रमण के केस मिले हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में इस तरह के पांच सौ से ज्यादा मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी के समय मरीजों का आना लगा रहता है। इसके अलावा अस्पतालों में भी दिखाने के लिए सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

मरीज देखने वाले डॉक्टर भी कोरोना संक्रमण के प्रति सतर्कता बरतते हुए नजर आ रहे हैं। मौसम में आए बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। वातावरण में उमस बढ़ने से अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। अस्पताल में चाहे दवा वितरण काउंटर हो या फिर डॉक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा मौसम में बदलाव के साथ ही वायरल फीवर, उल्टी-दस्त, डायरिया और पेटदर्द की बीमारी ने दस्तक दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि ओपीडी में लक्षण के आधार पर मरीजों को करोना जांच का सुझाव दिया जा रहा है। बुखार में दवा से आराम नहीं मिलता है तो कोरोना जांच कराने की नौबत आती है। फिलहाल गनीमत है कि जिले में कोरोना के एक भी पॉजिटिव केस नहीं हैं।

ये बीमारियां भी हैं...
जिला अस्पताल के नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि बुखार, डायरिया के साथ ही बारिश के मौसम में नाक बहना, नाक में खुजली होना, कानों में अजीब सी आवाज गूंजना, आंखों से पानी आना और छींके आना जैसे होते हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए या इसके लक्षणों को पहचानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क न किया जाए तो यह अस्थमा, सूखी खांसी और निमोनिया जैसे रोगों को जन्म दे सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि टाइफाइड बुखार से 10 से 15 साल के बच्चे ज्यादा पीड़ित हैं। बच्चों के बीमार होने से अभिभावकों को परेशानी बढ़ गई है। इन बीमारियों से बचने के लिए अपने बच्चों को बारिश में न सिर्फ भींगने से बचाएं, बल्कि उबले हुए पानी का इस्तेमाल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed