फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Farmers take refuge in Shiva in hope of rain, devotees gather at Taulishwar Mahadev Temple

Siddharthnagar News: बारिश की आस में किसानों ने ली शिव की शरण, तौलिश्वर महादेव मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

Thu, 25 Jun 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 25 Jun 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
Farmers take refuge in Shiva in hope of rain, devotees gather at Taulishwar Mahadev Temple

विज्ञापन
खुनुवां। नेपाल के कपिलवस्तु जिले में लगातार बारिश न होने से चिंतित किसानों ने भगवान शिव की शरण ली है। धान की रोपाई का समय बीतने के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से परेशान किसान तौलिहवा स्थित तौलिश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर वर्षा की कामना कर रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रहे हैं।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राम कुमार गुप्ता ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिदिन एक हजार से अधिक भक्त वर्षा की कामना लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से थारू समुदाय की महिलाएं समूह बनाकर शिवलिंग पर दूध अर्पित कर पूजा कर रही हैं।
विज्ञापन

कपिलवस्तु जिले के बाणगंगा नगरपालिका के कोपवा, हथौसा, बुड्ढी, गजेहड़ा, कपिलवस्तु नगरपालिका के तिलौराकोट और निगलीहवा के साथ बुद्धभूमि नगरपालिका के रनगाई और बकड़रिया सहित विभिन्न गांवों से महिलाएं मंदिर पहुंच रही हैं। मंगलवार को बुद्धभूमि नगरपालिका-3 के रनगाई गांव की साहूनी थारू लगभग 300 महिलाओं के साथ मंदिर पहुंचीं और भगवान शिव से वर्षा की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि डेढ़ महीने से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान बीज तक नहीं बो पाए हैं। इसी तरह बुड्ढी गांव की दीपा कुमारी थारू 25 किलोमीटर की यात्रा कर मंदिर पहुंची। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान शंकर उनकी प्रार्थना अवश्य सुनेंगे और जल्द ही बारिश होगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वर्षा न होने पर शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करने की यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। किसानों का कहना है कि सीमित सिंचाई सुविधाओं के कारण खेतों में बोए गए धान के बीज भी सूखने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि विज्ञान कार्यालय के अनुसार लुंबिनी प्रदेश में धान की सबसे अधिक खेती कपिलवस्तु जिले में लगभग 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होती है लेकिन केवल करीब 20 प्रतिशत क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। लंबे समय से सूखे की स्थिति के कारण नदियों, तालाबों और नहरों का जलस्तर भी घट गया है। पिछले वर्ष जहां जेठ माह के अंत से ही धान की बुवाई शुरू हो गई थी, वहीं इस वर्ष पर्याप्त वर्षा न होने से अधिकांश किसान अभी तक बुवाई नहीं कर सके हैं। जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में वर्षा की कामना को लेकर भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूजा-पाठ के बाद भी वर्षा नहीं होती है तो क्षेत्र में पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मेढकों का विवाह कराने और महिलाओं द्वारा हल चलाने जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाते हैं। किसानों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि भगवान शिव उनकी प्रार्थना सुनेंगे और जल्द ही क्षेत्र में अच्छी वर्षा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed