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Siddharthnagar News: एक बोरी डीएपी के लिए घंटों लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर किसान
Sun, 19 Nov 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Nov 2023 12:45 AM IST
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इटवा क्षेत्र में खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। रबी की बुआई समय शुरू हुई खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सहकारी समितियों पर डीएपी की किल्लत से किसान पहले से ही हलकान थे। अब प्राइवेट दुकानों पर पर भी डीएपी की अनुलपब्धता ने उनकी मुसीबत और भी बढ़ा दी है। जिन समितियों पर खाद पहुंच भी रही है। वह इतनी कम मात्रा में है कि किसानों की भीड़ देखकर समिति संचालकों को डीएपी की बोरियां बांटने में पसीना छूट रहा है। पुलिस की मौजूदगी में ही डीएपी किसानों को दी जा रही है। इसके चलते एक बोरी खाद के लिए किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
गेहूं की बुआई में डीएपी खाद के प्रयोग से इसकी मांग रबी के सीजन काफी बढ़ गई है। सहकारी समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों पर डीएपी की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। एक-एक बोरी खाद के लिए क्षेत्र के किसान दर-दर भटक रहे हैं। समितियों पर भोर से ही लाइन में लग जाते हैं। बावजूद इसके सभी को खाद नहीं मिल पा रही है।
स्थानीय किसान करम हुसैन, शिव कुमार, सत्यनारायण, सुखदेव, कल्लू आदि ने बताया कि पैसा लेकर घूमने पर भी खाद नहीं मिल रही है। जिन प्राइवेट दुकानों पर डीएपी है, वहां मनमाना पैसा वसूला जा रहा है।
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इस संबंध में विकास खंड इटवा के एडीओ सभाजीत यादव ने बताया कि ब्लाॅक क्षेत्र की 12 साधन सहकारी समितियाें में से अधिकतर पर डीएपी उपलब्ध है। मांग के हिसाब से स्टॉक कम होने से किसानों को परेशानी हो रही है। एक-दो दिन में डीएपी की और बोरियां समितियों पर पहुंच जाएंगी। इसके बाद किसानों को राहत मिल जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। रबी की बुआई समय शुरू हुई खाद की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सहकारी समितियों पर डीएपी की किल्लत से किसान पहले से ही हलकान थे। अब प्राइवेट दुकानों पर पर भी डीएपी की अनुलपब्धता ने उनकी मुसीबत और भी बढ़ा दी है। जिन समितियों पर खाद पहुंच भी रही है। वह इतनी कम मात्रा में है कि किसानों की भीड़ देखकर समिति संचालकों को डीएपी की बोरियां बांटने में पसीना छूट रहा है। पुलिस की मौजूदगी में ही डीएपी किसानों को दी जा रही है। इसके चलते एक बोरी खाद के लिए किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
गेहूं की बुआई में डीएपी खाद के प्रयोग से इसकी मांग रबी के सीजन काफी बढ़ गई है। सहकारी समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों पर डीएपी की किल्लत से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। एक-एक बोरी खाद के लिए क्षेत्र के किसान दर-दर भटक रहे हैं। समितियों पर भोर से ही लाइन में लग जाते हैं। बावजूद इसके सभी को खाद नहीं मिल पा रही है।
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स्थानीय किसान करम हुसैन, शिव कुमार, सत्यनारायण, सुखदेव, कल्लू आदि ने बताया कि पैसा लेकर घूमने पर भी खाद नहीं मिल रही है। जिन प्राइवेट दुकानों पर डीएपी है, वहां मनमाना पैसा वसूला जा रहा है।
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इस संबंध में विकास खंड इटवा के एडीओ सभाजीत यादव ने बताया कि ब्लाॅक क्षेत्र की 12 साधन सहकारी समितियाें में से अधिकतर पर डीएपी उपलब्ध है। मांग के हिसाब से स्टॉक कम होने से किसानों को परेशानी हो रही है। एक-दो दिन में डीएपी की और बोरियां समितियों पर पहुंच जाएंगी। इसके बाद किसानों को राहत मिल जाएगी।