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मेले में उमड़ी भीड़ तो पांच घंटे तक लगा जाम
Updated Sun, 12 Feb 2017 10:28 PM IST
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बांसी में माघ मेला के चलते लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला
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बांसी। नगर में चल रहे माघ मेले में रविवार को इस कदर भीड़ उमड़ी कि पांच घंटे नेशनल हाईवे जाम रहा। जाम हटाने में पुलिस को काफी जद्दोजहद करना पड़ा। जाम में फंसे बच्चे रोते-बिलखते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की हालत बिगड़ गई। उसे किसी तरह जाम से निकालकर डॉक्टर के पास पहुंचाया गया। इन दिनों मेला अपने पूरे शबाब पर है। ऊपर से रविवार होने के कारण मेले में सुबह 10 बजे से ही भीड़ बढ़ने लगी। हालत यह हुआ कि 12 बजते-बजते काफी भीड़ जमा हो गई। हनुमानगढ़ी मंदिर से माघ मेला को जाने वाली सड़क पर भीड़ बढ़ने से लुंबिनी-दुद्धी एनएच पर भी भीड़ लग गई।
सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। यह जाम शाम पांच बजे के बाद तक लगा रहा। घंटों भीड़ में फंसे बच्चे बिलबिलाते रहे। काफी देर से जाम में फंसे प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक असरफ अजीज की हालत खराब हो गई। लोगों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से जाम से बाहर निकाल कर डॉक्टर के पास पहुंचाया, तब जाकर उनकी हालत सामान्य हुई। नगर में राप्ती नदी तट पर चल रहे माघ मेला में रविवार को उमड़ी भीड़ ने दो दशक पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। मेले में आने वाले दुकानदार व स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दशक पूर्व इतनी भीड़ देखने को मिलती थी। मेले में झूला लगाए बाले, कटलरी के दुकानदार मकसूद, खजला के दुकानदार सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसी भीड़ 1990 के दशक के पूर्व देखने को मिलती थी। मेला प्रभारी बरकत अली राईनी व करीम ने बताया कि मेले में बढ़ी भीड़ से मेले में आए दुकानदार व शो मैन काफी खुश हैं।
दुकानदार मकसूद का कहना है कि इसके पूर्व उन्होंने बलिया व गोविंद साहब का मेला किया, जहां नोटबंदी के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। मेले में भीड़ तो होती थी परंतु जेब खाली होने के कारण लोग खरीदारी नहीं करते थे, लेकिन यहां भीड़ भी बढ़ी है और लोग खरीदारी भी कर रहे हैं।
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सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। यह जाम शाम पांच बजे के बाद तक लगा रहा। घंटों भीड़ में फंसे बच्चे बिलबिलाते रहे। काफी देर से जाम में फंसे प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक असरफ अजीज की हालत खराब हो गई। लोगों ने उन्हें बड़ी मुश्किल से जाम से बाहर निकाल कर डॉक्टर के पास पहुंचाया, तब जाकर उनकी हालत सामान्य हुई। नगर में राप्ती नदी तट पर चल रहे माघ मेला में रविवार को उमड़ी भीड़ ने दो दशक पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। मेले में आने वाले दुकानदार व स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दशक पूर्व इतनी भीड़ देखने को मिलती थी। मेले में झूला लगाए बाले, कटलरी के दुकानदार मकसूद, खजला के दुकानदार सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसी भीड़ 1990 के दशक के पूर्व देखने को मिलती थी। मेला प्रभारी बरकत अली राईनी व करीम ने बताया कि मेले में बढ़ी भीड़ से मेले में आए दुकानदार व शो मैन काफी खुश हैं।
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दुकानदार मकसूद का कहना है कि इसके पूर्व उन्होंने बलिया व गोविंद साहब का मेला किया, जहां नोटबंदी के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। मेले में भीड़ तो होती थी परंतु जेब खाली होने के कारण लोग खरीदारी नहीं करते थे, लेकिन यहां भीड़ भी बढ़ी है और लोग खरीदारी भी कर रहे हैं।
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