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Siddharthnagar News: आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
Thu, 23 Apr 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Apr 2026 02:37 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश दिए। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को क्षेत्र भ्रमण कर निगरानी बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गर्भवतियों का प्रसव अस्पताल में ही हो और घर पर डिलीवरी की स्थिति में संबंधित एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो आशा कार्यकर्ता डिलीवरी सुनिश्चित नहीं करा रही हैं, उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी की जाए।
बैठक में एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने, वार रूम की नियमित निगरानी करने और वीएचएसएनडी दिवस पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध कराने और संयुक्त रूप से कार्य करने पर भी जोर दिया गया। टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और डेटा फीडिंग में शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। गलत मोबाइल नंबर या अपूर्ण डेटा पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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इसके अलावा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, परिवार नियोजन, पीसीपीएनडीटी, टीबी मरीजों की पहचान, हेल्थ वेलनेस सेंटर और रोगी कल्याण समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
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उन्होंने उप मुख्य चिकित्साधिकारी को क्षेत्र भ्रमण कर निगरानी बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी गर्भवतियों का प्रसव अस्पताल में ही हो और घर पर डिलीवरी की स्थिति में संबंधित एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो आशा कार्यकर्ता डिलीवरी सुनिश्चित नहीं करा रही हैं, उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी की जाए।
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बैठक में एनबीएसयू को 24 घंटे सक्रिय रखने, वार रूम की नियमित निगरानी करने और वीएचएसएनडी दिवस पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध कराने और संयुक्त रूप से कार्य करने पर भी जोर दिया गया। टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने और डेटा फीडिंग में शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। गलत मोबाइल नंबर या अपूर्ण डेटा पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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इसके अलावा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने, परिवार नियोजन, पीसीपीएनडीटी, टीबी मरीजों की पहचान, हेल्थ वेलनेस सेंटर और रोगी कल्याण समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई।