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Siddharthnagar News: विकास खंड पर हुई रबी उत्पादकता गोष्ठी
Sat, 11 Nov 2023 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 11 Nov 2023 12:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
उसका बाजार। ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को विकास खंड स्तरीय रबी गोष्ठी हुई। इसमें किसानों को कृषि विभाग से संबंधित योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, बीज शोधन आदि पर विस्तार से बताया गया।
विशेषज्ञ डॉ. राम निवास ने कहा कि खेती में अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग व प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता है। जागरूकता व सावधानी से प्राकृतिक खेती के जरिये कम लागत में अधिक उत्पादकता प्राप्त कर किसान आमदनी बढ़ा सकते हैं। परंपरागत खेती को आधुनिक तरीके से करने के साथ किसानों को बागवानी, सब्जी व सह फसली खेती की ओर अग्रसर होना होगा। इससे उनकी अधिक से अधिक आमदनी हो सकेगी।
बीडीओ श्याम मुरली मनोहर मिश्र ने कहा कि खेती-किसानी यहां की आमदनी का बड़ा जरिया है। देश की सबसे अच्छी उर्वर भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन उत्तर प्रदेश में है। यहां की भूमि की उर्वरता व जल संसाधन की ही देन है कि देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 12 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 20 प्रतिशत का है। इसे अभी तीन गुना तक बढ़ाए जाने की संभावना है। फसल उत्पादन में रबी का सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसमें भी मुख्य फसल गेहूं की होती है। गेहूं उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर एक पर है। हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों से परामर्श, समय पर बीज व पानी की व्यवस्था कर सरकार किसानों की भरपूर मदद कर रही है।
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इस अवसर पर मोहित कुमार सिंह, राजदेव, प्रशांत वर्मा, संजय दुबे आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उसका बाजार। ब्लॉक सभागार में शुक्रवार को विकास खंड स्तरीय रबी गोष्ठी हुई। इसमें किसानों को कृषि विभाग से संबंधित योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, बीज शोधन आदि पर विस्तार से बताया गया।
विशेषज्ञ डॉ. राम निवास ने कहा कि खेती में अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग व प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता है। जागरूकता व सावधानी से प्राकृतिक खेती के जरिये कम लागत में अधिक उत्पादकता प्राप्त कर किसान आमदनी बढ़ा सकते हैं। परंपरागत खेती को आधुनिक तरीके से करने के साथ किसानों को बागवानी, सब्जी व सह फसली खेती की ओर अग्रसर होना होगा। इससे उनकी अधिक से अधिक आमदनी हो सकेगी।
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बीडीओ श्याम मुरली मनोहर मिश्र ने कहा कि खेती-किसानी यहां की आमदनी का बड़ा जरिया है। देश की सबसे अच्छी उर्वर भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन उत्तर प्रदेश में है। यहां की भूमि की उर्वरता व जल संसाधन की ही देन है कि देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 12 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद देश के खाद्यान्न उत्पादन में अकेले उत्तर प्रदेश का योगदान 20 प्रतिशत का है। इसे अभी तीन गुना तक बढ़ाए जाने की संभावना है। फसल उत्पादन में रबी का सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और इसमें भी मुख्य फसल गेहूं की होती है। गेहूं उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में नंबर एक पर है। हर जिले में कृषि विज्ञान केंद्रों से परामर्श, समय पर बीज व पानी की व्यवस्था कर सरकार किसानों की भरपूर मदद कर रही है।
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इस अवसर पर मोहित कुमार सिंह, राजदेव, प्रशांत वर्मा, संजय दुबे आदि मौजूद रहे।