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Siddharthnagar News: बाढ़ के दौरान चार माह अंधेरे में रहते हैं ग्रामीण

Sun, 27 Apr 2025 11:07 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 11:07 PM IST
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During floods, villagers live in darkness for four months
खैरी शीतल प्रसाद के मुरव्वनडीह में लकड़ी की बल्लियों की सहायता से हो रही विद्युत आपूर्ति। स्रोत
संवाद न्यूज एजेंसी
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तुलसियापुर। बढ़नी व शोहरतगढ़ ब्लॉक में जहां सीमेंट या लोहे के खंभों की जगह बांस व बल्लियों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
इसमें एक जगह तो विद्युत आपूर्ति रेलवे के ट्रांसफॉर्मर से की जा रही है, और हमेशा रेलवे के कर्मचारियों की ओर से केबल काटने की बात भी कही जाती है। दोनों जगहों के लोगों ने कई बार पीवीवीएनएल के अधिकारियों से ट्रांसफाॅर्मर व खंभे लगवाने की मांग की, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बाढ़ के समय एक गांव में तीन माह तक बिजली की किल्लत रहती है। हर वर्ष सुधार करने का दावा किया जाता है, लेकिन काम नहीं होता है। आने वाली बारिश को देखते हुए यहां के निवासी अभी से चिंतित हैं।
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बढ़नी ब्लाॅक के खैरी शीतल प्रसाद के मुरव्वनडीह टोला वासियों मनबहाल मौर्य, कोदई मौर्य, रामकिशोर, जितेन्द्र आदि ने बताया कि मुरव्वनडीह लगभग हर साल बाढ़ से प्रभावित रहता है।
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गांव में आवागमन के लिए पक्की सड़क भी नहीं है। केवल मिट्टी का चकरोड है। टोले के बाहर पश्चिम तरफ खंभा लगा है, लेकिन वहां से गांव में आपूर्ति के लिए पोल नहीं लगाए गए हैं। बाढ़ जब आती है तो बल्लियां व बांस टूटकर गिर जाते हैं और बाढ़ में अक्सर टोले में बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाती है।
ग्रामीणों के मुताबिक शिवदुलारेडीह में पन्नापुर जाने वाली सड़क पर लगे बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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