फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Drought relief for farmers is just rattle

किसानों के लिए सिर्फ झुनझुना है सूखा राहत

Sun, 22 Nov 2015 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर Updated Sun, 22 Nov 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने भले ही जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया हो, मगर किसानों को इसका कोई खास लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा। दरअसल, जिला प्रशासन की रिपोर्ट में सूखे से क्षति 30 प्रतिशत से भी कम दर्शाया गया है।
विज्ञापन

केंद्रीय मानकों के तहत सूखा राहत पाने के लिए 33 फीसदी या इससे अधिक की क्षति होनी चाहिए। ऐसे में सूखा राहत को लेकर किसान असमंजस में है।
जिला प्रशासन को अभी शासन के दिशा-निर्देश का इंतजार है। जिले में 1.79 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की खेती हुई थी। इसमें सबसे ज्यादा रकबा धान का है। धान का उत्पादन सितंबर में होने वाली बारिश पर निर्भर करता है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सितंबर में अच्छी बारिश हुई, तभी धान की पैदावार भी संभव है।
विज्ञापन

 जिले के हाल पर गौर करें तो इस बार सितंबर में सिर्फ नाम मात्र की ही बारिश हुई है। पूरे महीने में केवल 5 एमएम वर्षा से फसलों पर बुरा असर पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वही किसान फसल बचाने में कामयाब रहे हैं, जिनके पास सिंचाई के निजी संसाधन थे। इटवा, बांसी, नौगढ़ तहसील के गांवों में स्थिति सबसे खराब है।
जमीनी हकीकत चाहे जो भी हो, मगर प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट इससे अलग है। जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट में सूखे से हुई क्षति 30 फीसदी से भी कम दर्शाई गई है।

हालांकि बारिश के आंकडे़ औसत के 60 फीसदी से भी कम है। किसान समझ नहीं पा रहे कि जब बारिश ही नहीं हुई तो फसल बची कैसे।
किसान बेसब्री से सूखा राहत के रूप में मिलने वाली सहायताओं पर आशान्वित हैं, मगर 30 फीसदी से कम की क्षति की रिपोर्ट से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। सिद्धार्थनगर के अपर जिलाधिकारी पीके जैन ने बताया कि कम वर्षा का असर जिले की खेती पर पड़ा है। प्राथमिक सर्वे में 30 फीसदी से कम की क्षति सामने आई है। इसी की  रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। सूखा राहत के तहत किसानों को क्या लाभ मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। गाइड लाइन आने का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed