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Siddharthnagar News: भोटेकोशी की बाढ़ में 934 हाइड्रोपावर कर्मियों से संपर्क टूटा, रेस्क्यू के लिए हेलीकॉप्टर की जरूरत
Fri, 28 Aug 2026 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 28 Aug 2026 11:21 PM IST
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- भयानक बाढ़ में 934 हाइड्रोपावर कर्मियों से संपर्क टूटा, 254 का रेस्क्यू
कपिलवस्तु। नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने हाइड्रोपावर परियोजनाओं के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। बाढ़ के कारण अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 934 लोगों से संपर्क टूट गया है। इनमें निर्माणाधीन और संचालित दोनों तरह की परियोजनाओं के कर्मचारी और श्रमिक शामिल हैं। सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में भी मुश्किल आ रही है।
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट में निर्माणाधीन व संचालित 13 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से 11 परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। प्रभावित परियोजनाओं में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रसुवा जिले में स्थिति सबसे गंभीर है। यहां छह हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले 730 लोग संपर्क से बाहर हैं। अकेले निर्माणाधीन 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 परियोजना में 576 लोगों की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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इसी तरह संचालित 111 मेगावाट रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर परियोजना के 93 लोग संपर्क से बाहर हैं। 20 मेगावाट लांगटांग खोला परियोजना में 42, 22 मेगावाट चिलिमे में आठ और 5 मेगावाट मैलुंग खोला में सात लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं निर्माणाधीन 120 मेगावाट रसुवा-भोटेकोशी परियोजना के चार लोग भी संपर्क से बाहर हैं।
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नुवाकोट में 204 लोग फंसे
- बाढ़ का असर नुवाकोट जिले की जलविद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ा है। यहां पांच परियोजनाओं में काम करने वाले 204 लोगों से संपर्क टूट गया है। निर्माणाधीन 37 मेगावाट अपर त्रिशूली-3बी परियोजना में सबसे अधिक लोग संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा संचालित 60 मेगावाट अपर त्रिशूली-3ए परियोजना के 42 कर्मचारी और श्रमिक संपर्क में नहीं हैं। निर्माणाधीन मिडिल त्रिशूली गंगा परियोजना के दो, त्रिशूली हाइड्रोपावर परियोजना का एक और देवीघाट हाइड्रोपावर परियोजना का एक व्यक्ति भी संपर्क से बाहर बताया गया है।
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254 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
- बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक अपर त्रिशूली-1 परियोजना से 254 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया है। बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी और मलबे ने कई सड़क मार्गों को बाधित कर दिया है। ऐसे में लांगटांग, अपर त्रिशूली-1, अपर त्रिशूली-3ए और चिलिमे हाइड्रोपावर परियोजनाओं में फंसे लोगों तक जमीनी रास्ते से पहुंचना मुश्किल है। प्रभावित कर्मियों तक जल्द पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाने की तत्काल जरूरत बताई जा रही है।
भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर की संवेदनशीलता भी सामने ला दी है। कई परियोजनाएं नदी घाटियों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के दौरान सड़क और संचार व्यवस्था सबसे पहले प्रभावित होती है। ऐसे में संपर्क से बाहर लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाना भी बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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कपिलवस्तु। नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने हाइड्रोपावर परियोजनाओं के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। बाढ़ के कारण अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 934 लोगों से संपर्क टूट गया है। इनमें निर्माणाधीन और संचालित दोनों तरह की परियोजनाओं के कर्मचारी और श्रमिक शामिल हैं। सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित होने के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में भी मुश्किल आ रही है।
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट में निर्माणाधीन व संचालित 13 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें से 11 परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। प्रभावित परियोजनाओं में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।
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उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रसुवा जिले में स्थिति सबसे गंभीर है। यहां छह हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले 730 लोग संपर्क से बाहर हैं। अकेले निर्माणाधीन 216 मेगावाट अपर त्रिशूली-1 परियोजना में 576 लोगों की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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इसी तरह संचालित 111 मेगावाट रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर परियोजना के 93 लोग संपर्क से बाहर हैं। 20 मेगावाट लांगटांग खोला परियोजना में 42, 22 मेगावाट चिलिमे में आठ और 5 मेगावाट मैलुंग खोला में सात लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं निर्माणाधीन 120 मेगावाट रसुवा-भोटेकोशी परियोजना के चार लोग भी संपर्क से बाहर हैं।
नुवाकोट में 204 लोग फंसे
- बाढ़ का असर नुवाकोट जिले की जलविद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ा है। यहां पांच परियोजनाओं में काम करने वाले 204 लोगों से संपर्क टूट गया है। निर्माणाधीन 37 मेगावाट अपर त्रिशूली-3बी परियोजना में सबसे अधिक लोग संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा संचालित 60 मेगावाट अपर त्रिशूली-3ए परियोजना के 42 कर्मचारी और श्रमिक संपर्क में नहीं हैं। निर्माणाधीन मिडिल त्रिशूली गंगा परियोजना के दो, त्रिशूली हाइड्रोपावर परियोजना का एक और देवीघाट हाइड्रोपावर परियोजना का एक व्यक्ति भी संपर्क से बाहर बताया गया है।
254 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
- बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। अब तक अपर त्रिशूली-1 परियोजना से 254 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हालांकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण हो गया है। बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी और मलबे ने कई सड़क मार्गों को बाधित कर दिया है। ऐसे में लांगटांग, अपर त्रिशूली-1, अपर त्रिशूली-3ए और चिलिमे हाइड्रोपावर परियोजनाओं में फंसे लोगों तक जमीनी रास्ते से पहुंचना मुश्किल है। प्रभावित कर्मियों तक जल्द पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चलाने की तत्काल जरूरत बताई जा रही है।
भोटेकोशी में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर की संवेदनशीलता भी सामने ला दी है। कई परियोजनाएं नदी घाटियों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं, जहां प्राकृतिक आपदा के दौरान सड़क और संचार व्यवस्था सबसे पहले प्रभावित होती है। ऐसे में संपर्क से बाहर लोगों की सही संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाना भी बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।