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Siddharthnagar News: तापमान में गिरावट, निमोनिया और अस्थमा का खतरा
Sun, 27 Oct 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 27 Oct 2024 11:33 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मौसम करवट लेने लगा है और धीरे-धीरे बदलाव शुरू हो रहा है। सुबह और शाम का तापमान कम होने और ठंडी हवाओं से लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा है। इसको देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों में बीमारियों की समस्या बढ़ने लगी है। खासतौर पर बच्चों में निमोनिया के लक्षणों वाले बच्चे पहुंचने लगे हैं। डॉक्टरों को माने यह मौसम बच्चों व बुजुर्गों के लिए सबसे समस्यात्मक होता है। इस मौसम में निमोनिया का खतरा बढ़ने की समस्या बढ़ जाती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों व बुजुर्गाें में निमोनिया का खतरा बढ़ रहा है। रोजाना 10 से 15 बच्चों के चेकअप के निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। रात-दिन के तापमान में गिरावट आ रही है। सुबह-शाम को हवाओं के साथ हल्की ठंड शुरू हो गई। ऐसे में इस समय इसका खतरा बढ़ गया है। बुखार, सर्दी, जुकाम समेत कई अन्य बीमारियां हमलावर हो रही हैं। ऐसे में उपचार के साथ-साथ ठंड से बचाव की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। खान-पान में ठंडी चीजों से परहेज रखने की सलाह दी गई है।
मेडिकल काॅलेज की बॉल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता चौधरी ने बताया कि मौसम बदलाव की वजह से यह असर देखने को मिल रहा है। बताया कि सूरज की रोशनी ठंड में ज्यादा नहीं मिल पाती, जिससे बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ जाते हैं जो श्वास के जरिए प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन करते हैं। इसको सही होने छह से सात दिन लग जाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े जरूर पहने, ठंड से बचाव रखना बेहद जरूरी, गुनगुने पानी का सेवन करते रहें। उन्होंने बताया कि घरेलू तौर पर अदरक, काली मिर्च, तुलसी, हल्का नमक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, यह बलगम को पतला करता है। लेकिन इसमें बच्चों और बड़ों की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लेकिन तबीयत ज्यादा खराब हो तो तुरंत डॉक्टर के पास बच्चों को लाएं।
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ये हैं निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने में दिक्कत होना।
- बुखार का आना।
- बलगम वाली खांसी होना।
- बच्चे का दूध कम पीना।
- सीना में दर्द होना।
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बचाव के उपाय
- सर्दी से बचाव के लिए बच्चे को गर्म कपड़े पहनाएं।
- सर्दी व जुकाम पीड़ित मरीज से दूरी बनाकर रखें।
- लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- नियमित टीकाकरण जरूर कराएं।
- प्रोटीन युक्त एवं मौसमी फल खाएं।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। बच्चों व बुजुर्गाें में निमोनिया का खतरा बढ़ रहा है। रोजाना 10 से 15 बच्चों के चेकअप के निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। रात-दिन के तापमान में गिरावट आ रही है। सुबह-शाम को हवाओं के साथ हल्की ठंड शुरू हो गई। ऐसे में इस समय इसका खतरा बढ़ गया है। बुखार, सर्दी, जुकाम समेत कई अन्य बीमारियां हमलावर हो रही हैं। ऐसे में उपचार के साथ-साथ ठंड से बचाव की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को सुबह-शाम गर्म कपड़े जरूर पहनाएं। खान-पान में ठंडी चीजों से परहेज रखने की सलाह दी गई है।
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मेडिकल काॅलेज की बॉल रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता चौधरी ने बताया कि मौसम बदलाव की वजह से यह असर देखने को मिल रहा है। बताया कि सूरज की रोशनी ठंड में ज्यादा नहीं मिल पाती, जिससे बैक्टीरिया ज्यादा बढ़ जाते हैं जो श्वास के जरिए प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन करते हैं। इसको सही होने छह से सात दिन लग जाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को गर्म कपड़े जरूर पहने, ठंड से बचाव रखना बेहद जरूरी, गुनगुने पानी का सेवन करते रहें। उन्होंने बताया कि घरेलू तौर पर अदरक, काली मिर्च, तुलसी, हल्का नमक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, यह बलगम को पतला करता है। लेकिन इसमें बच्चों और बड़ों की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। लेकिन तबीयत ज्यादा खराब हो तो तुरंत डॉक्टर के पास बच्चों को लाएं।
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ये हैं निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने में दिक्कत होना।
- बुखार का आना।
- बलगम वाली खांसी होना।
- बच्चे का दूध कम पीना।
- सीना में दर्द होना।
बचाव के उपाय
- सर्दी से बचाव के लिए बच्चे को गर्म कपड़े पहनाएं।
- सर्दी व जुकाम पीड़ित मरीज से दूरी बनाकर रखें।
- लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- नियमित टीकाकरण जरूर कराएं।
- प्रोटीन युक्त एवं मौसमी फल खाएं।