{"_id":"601445fd8ebc3e56936e03e2","slug":"dom-raja-s-bridge-could-not-withstand-the-weight-of-renovation-siddharthnagar-news-gkp3827110171","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीर्णोद्धार का वजन नहीं झेल सका डोम राजा का पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीर्णोद्धार का वजन नहीं झेल सका डोम राजा का पुल
विज्ञापन
पुल के दूसरे छोर के पिलर में भी आई दरार।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीर्णोद्धार का वजन नहीं झेल सका डोम राजा का पुल
14 जनवरी को शुरू हुआ था जीर्णोद्धार, पचास लाख रुपये खर्च कर रहा नगर पालिका प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जमुआर नदी पर करीब 135 वर्ष पूर्व निर्मित डोम राजा पुल का जीर्णोद्धार का बोझ सहन नहीं कर पाया। पुल पर आरसीसी ढाली गई तो इसकी बोझ से दोनों ओर के पिलर में दरार आ गई। अन्य विकास कार्यों पर जर्जर और बेकार हो चुके पुल के जीर्णोद्धार को तरजीह दिए जाने पर नगर पालिका प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
बस्ती गजेटियर के अनुसार बनारस के डोम राजा मिताहू डोम ने 1883 में पुल का निर्माण शुरू करवाया था। वर्ष 1885 में गर्डर और लकड़ी का यह पुल बनकर तैयार हुआ। सौ साल होने पर इसकी आयु पूर्ण मानकर शासन ने 1985 में इसके समानांतर नया पुल बनवाने का निर्णय लिया। वर्ष 1990 में नया पुल बन कर तैयार हुआ तो डोम राजा के पुल का परित्याग कर दिया गया। तीन दशक से यह पुल निष्प्रयोज्य पड़ा था। इस्तेमाल न होने के कारण इसका रखरखाव और मरम्मत भी बंद कर दी गई थी। रखरखाव नहीं होने के कारण गर्डर जंग लगने से कमजोर हो गए और फर्श की लकड़ियां भी गलने लग गईं। नगर पालिका की ओर से इस पुल का जीर्णोद्धार 14 जनवरी को शुरू कराया गया। लकड़ी फर्श वाले पुल पर आरसीसी की ढलाई कराई गई। जर्जर हालत में पहुंच चुका पुल आरसीसी का बोझ नहीं सहन कर पाया और इसके दोनों छोर के पिलरों में दरार आ गई। लोहे के गर्डर भी जंग लगने के कारण काफी कमजोर हो चुके हैं। लोगों में आशंका हैं कि अधिक वजन होने पर यह पुल भहरा सकता है। पर्यटन और टहलने के लिए शुरू किए जाने से पहले इसके 135 साल पुराने ईंट के खंभों और अप्रोच रोड के पिलर को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
नपा बोर्ड की बैठक में डोम राजा पुल के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव सभी सभासदों की सम्मति से पास हुआ था। प्रस्ताव के आधार पर ही पुल का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
-शैलेंद्र कुमार, ईओ नगर पालिका सिद्धार्थनगर
करीब डेढ़ सौ साल पहले निर्मित पुल की धरोहर को सहेजने का काम किया जा रहा है। लोगों की आशंका बेबुनियाद है। सारा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के मानक के अनुसार कराया जा रहा है। अभी निर्माण कार्य शुरू हुआ है। पूर्ण होने दीजिए, हमारा काम सबको दिखेगा।
-शक्ति जायसवाल, प्रतिनिधि, अध्यक्ष नगर पालिका
पचास लाख रुपये में होगा जीर्णोद्धार
डोम राजा पुल के जीर्णोद्धार पर नगर पालिका प्रशासन पचास लाख रुपये खर्च करेगा। पुल पर केवल पैदल यात्री ही चल सकेंगे। वाहन रोकने के लिए दोनों ओर बैरिकेड लगाए जाएंगे ताकि लोग सुबह-शाम चहलकदमी कर सकें। इसके लिए पुल पर रात्रि प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी।
विज्ञापन
14 जनवरी को शुरू हुआ था जीर्णोद्धार, पचास लाख रुपये खर्च कर रहा नगर पालिका प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जमुआर नदी पर करीब 135 वर्ष पूर्व निर्मित डोम राजा पुल का जीर्णोद्धार का बोझ सहन नहीं कर पाया। पुल पर आरसीसी ढाली गई तो इसकी बोझ से दोनों ओर के पिलर में दरार आ गई। अन्य विकास कार्यों पर जर्जर और बेकार हो चुके पुल के जीर्णोद्धार को तरजीह दिए जाने पर नगर पालिका प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
बस्ती गजेटियर के अनुसार बनारस के डोम राजा मिताहू डोम ने 1883 में पुल का निर्माण शुरू करवाया था। वर्ष 1885 में गर्डर और लकड़ी का यह पुल बनकर तैयार हुआ। सौ साल होने पर इसकी आयु पूर्ण मानकर शासन ने 1985 में इसके समानांतर नया पुल बनवाने का निर्णय लिया। वर्ष 1990 में नया पुल बन कर तैयार हुआ तो डोम राजा के पुल का परित्याग कर दिया गया। तीन दशक से यह पुल निष्प्रयोज्य पड़ा था। इस्तेमाल न होने के कारण इसका रखरखाव और मरम्मत भी बंद कर दी गई थी। रखरखाव नहीं होने के कारण गर्डर जंग लगने से कमजोर हो गए और फर्श की लकड़ियां भी गलने लग गईं। नगर पालिका की ओर से इस पुल का जीर्णोद्धार 14 जनवरी को शुरू कराया गया। लकड़ी फर्श वाले पुल पर आरसीसी की ढलाई कराई गई। जर्जर हालत में पहुंच चुका पुल आरसीसी का बोझ नहीं सहन कर पाया और इसके दोनों छोर के पिलरों में दरार आ गई। लोहे के गर्डर भी जंग लगने के कारण काफी कमजोर हो चुके हैं। लोगों में आशंका हैं कि अधिक वजन होने पर यह पुल भहरा सकता है। पर्यटन और टहलने के लिए शुरू किए जाने से पहले इसके 135 साल पुराने ईंट के खंभों और अप्रोच रोड के पिलर को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
नपा बोर्ड की बैठक में डोम राजा पुल के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव सभी सभासदों की सम्मति से पास हुआ था। प्रस्ताव के आधार पर ही पुल का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
-शैलेंद्र कुमार, ईओ नगर पालिका सिद्धार्थनगर
करीब डेढ़ सौ साल पहले निर्मित पुल की धरोहर को सहेजने का काम किया जा रहा है। लोगों की आशंका बेबुनियाद है। सारा निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के मानक के अनुसार कराया जा रहा है। अभी निर्माण कार्य शुरू हुआ है। पूर्ण होने दीजिए, हमारा काम सबको दिखेगा।
-शक्ति जायसवाल, प्रतिनिधि, अध्यक्ष नगर पालिका
पचास लाख रुपये में होगा जीर्णोद्धार
डोम राजा पुल के जीर्णोद्धार पर नगर पालिका प्रशासन पचास लाख रुपये खर्च करेगा। पुल पर केवल पैदल यात्री ही चल सकेंगे। वाहन रोकने के लिए दोनों ओर बैरिकेड लगाए जाएंगे ताकि लोग सुबह-शाम चहलकदमी कर सकें। इसके लिए पुल पर रात्रि प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी।