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डीएम ने पूछा, अब तक क्यों खर्च नहीं हुआ बजट
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डीएम ने पूछा, अब तक क्यों खर्च नहीं हुआ बजट
सिद्धार्थनगर। विभागों को मिले बजट का शत-प्रतिशत उपभोग किए जाने को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रूख अपनाया है। प्राप्त बजट का उपभोग न किए जाने को लेकर विभागाध्यक्षों के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को मिले बजट में खर्च धनराशि का ब्योरा के साथ ही अब तक खर्च न होने के कारणों की जानकारी ली। वित्तीय वर्ष समाप्ति तक बजट खर्च करने की हिदायत दी।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से विभागों को कार्यालय मद समेत योजनाओं, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर वित्तीय वर्ष 2019-20 अंतर्गत प्राप्त बजट का उपभोग होने और शेष बजट का उपभोग न होने के कारणों को जानने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अभियान शुरू कर दिया है। कोषागार कार्यालय से सभी विभागों को मिले बजट का ब्योरा ले लिया है। इसके तहत रविवार को अवकाश के बाद भी उन्होंने बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में पहुंचकर बजट से संबंधित जानकारी ली। प्रत्येक पटल लिपिक को फाइल के साथ प्रस्तुत होने का निर्देश दिया। बाद में गहनता से छानबीन की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित योजनाओं, कार्यक्रमों पर विशेष जांच-पड़ताल की। वित्तीय वर्ष समाप्ति में महज 15 दिन होने के बाद बजट का उपभोग अपेक्षाकृत कम किए जाने पर संबंधित विभागाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग भी साथ रहे। बीएसए कार्यालय के निरीक्षण में बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, सीएमओ कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा राय समेत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश शर्मा आदि की मौजूदगी रही।
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सिद्धार्थनगर। विभागों को मिले बजट का शत-प्रतिशत उपभोग किए जाने को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रूख अपनाया है। प्राप्त बजट का उपभोग न किए जाने को लेकर विभागाध्यक्षों के पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को मिले बजट में खर्च धनराशि का ब्योरा के साथ ही अब तक खर्च न होने के कारणों की जानकारी ली। वित्तीय वर्ष समाप्ति तक बजट खर्च करने की हिदायत दी।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से विभागों को कार्यालय मद समेत योजनाओं, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर वित्तीय वर्ष 2019-20 अंतर्गत प्राप्त बजट का उपभोग होने और शेष बजट का उपभोग न होने के कारणों को जानने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अभियान शुरू कर दिया है। कोषागार कार्यालय से सभी विभागों को मिले बजट का ब्योरा ले लिया है। इसके तहत रविवार को अवकाश के बाद भी उन्होंने बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में पहुंचकर बजट से संबंधित जानकारी ली। प्रत्येक पटल लिपिक को फाइल के साथ प्रस्तुत होने का निर्देश दिया। बाद में गहनता से छानबीन की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित योजनाओं, कार्यक्रमों पर विशेष जांच-पड़ताल की। वित्तीय वर्ष समाप्ति में महज 15 दिन होने के बाद बजट का उपभोग अपेक्षाकृत कम किए जाने पर संबंधित विभागाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग भी साथ रहे। बीएसए कार्यालय के निरीक्षण में बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, सीएमओ कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा राय समेत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश शर्मा आदि की मौजूदगी रही।
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