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धान खरीद में जिला अब तक थर्ड डिवीजन

Sun, 11 Feb 2018 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Sun, 11 Feb 2018 10:40 PM IST
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District Third Party Division in Paddy Purchase
किसान विजय नाथ। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। किसानों का एक-एक दाना धान खरीदने के सरकारी दावों की जिले में हवा निकल गई है। कड़ी मशक्कत के बावजूद धान खरीद में जिला थर्ड डिवीजन से पास हो पाया है। साढ़े तीन माह में महज 33.75 प्रतिशत ही धान खरीदा जा सका है। वैसे तो सरकारी रिकार्ड में खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलनी है, लेकिन राइस मिल मालिकों के इनकार के बाद केंद्र प्रभारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे हाल में सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने की आस में बैठे किसान मायूस हो गए हैं। अब उन्हें बिचौलियों के हाथ धान बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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किसानों को उपज का वाजिब दाम दिलाने व उनकी आय दोगुना करने का सरकार बार-बार दावा करती रही है। शत-प्रतिशत खरीद के तमाम कवायदें की, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से खरीद की स्थिति निराशा जनक ही है। जिले में नौ फरवरी तक 85000 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 28683.40 मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई है। यानि लक्ष्य का महज 33.75 प्रतिशत। खरीद की इस स्थिति का कारण विभागीय लापरवाही है। पहले तो धान में नमी व कचरा होने की बात कहकर किसानों को लौटा दिया गया और अब राइस मिल वालों के इनकार करने से केंद्र संचालकों ने हाथ खड़ा कर दिया है। जोगिया ब्लाक के सिसवा बुजुर्ग गांव निवासी किसान रुद्र नरायन तिवारी ने बताया कि 70 कुंतल से अधिक धान था। धान को बेचने के लिए दो क्रय केंद्रों का कई बार चक्कर लगाया कभी नमी तो कभी गोदाम में जगह नहीं होने का हवाला देकर लौट दिया गया।
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धान नहीं खरीदा गया है। वहीं, किसान विजय नाथ ने बताया कि धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा दिया था। कई बार क्रय केंद्रों का चक्कर लगाया, लेकिन हर बार गोदाम खाली नहीं होने के बात कहकर लौटा दिया गया। अब राइस मिल द्वारा इनकार कर देने की बात कहते हुए धान लेने से मना कर रहे हैं। मजबूर होकर अढ़तिया के हाथ धान बेचना पड़ेगा। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी एसके पांडेय ने बताया कि अभी तो खरीद फरवरी माह पूरा होगा जो किसान ला रहे हैं, उनका धान खरीदा जा रहा है। अभी तक राइस मिल द्वारा धान उठान नहीं किए जाने का मामला नहीं आया है।
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