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Siddharthnagar News: सरकारी नल से आ रहा गंदा पानी, छात्र-छात्राएं पीने को हैं विवश

Fri, 15 Sep 2023 11:07 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:07 PM IST
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Dirty water coming from government tap, students are forced to drink it
तपानाथ सरस्वती इंटर कॉलेज धनौरा के परिसर में लगे हैंडपंप से निकल रहा दूषित पानी। संवाद
समस्याओं के मकड़ जाल में तपानाथ सरस्वती इंटर कॉलेज धमौरा विद्यालय, कैसे सुधरे शिक्षा व्यवस्था
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प्रवक्ता के पद रिक्त होने से घट रही छात्र संख्या, अनुचर न होने से विद्यालय की सफाई व्यवस्था राम भरोसे

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के तपानाथ सरस्वती इंटर कॉलेज धमौरा समस्याओं के मकड़जाल में इस तरह उलझा है कि वहां की शैक्षिक व्यवस्था राम भरोसे हो गई है। कारण कि विद्यालय में प्रवक्ता के तीन पद रिक्त हैं, अनुचर की तैनाती नहीं होने से साफ-सफाई ठीक से नहीं हो पा रही है। और तो और परिसर में लगे सरकारी नलों से पीला पानी आ रहा है। शिक्षक तो घर से बोतल में पानी लाते हैं। लेकिन बच्चे दूषित पानी पीने को विवश हैं।


खेसरहा ब्लॉक के धमौरा में 1963 में तपानाथ सरस्वती इंटर कॉलेज की स्थापना की गई। जिसे 1971 में हाईस्कूल और 1974 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली। क्षेत्र का एकमात्र वित्त पोषित विद्यालय होने के नाते 50 गांवों के बच्चों का शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ। समय बीतने के साथ पुराने स्टाफ के रिटायरमेंट के बाद प्रवक्ता व अनुचर की नियुक्ति नहीं होने से बच्चों की शिक्षा और साफ-सफाई का कार्य बाधित हो रहा है। पिछले वर्ष कुल छात्र संख्या 412 थी, जो इस वर्ष घटकर 365 हो गई है। इसी के साथ कक्षा 11 व 12 के छात्रों की संख्या केवल 35 रह गई है। कारण विद्यालय में केवल साहित्य वर्ग की मान्यता है और प्रवक्ता के सभी पद रिक्त हैं। शुद्ध पेयजल और सफाई व्यवस्था बदहाल है। जिसकी वजह से बच्चे स्कूल में आना नहीं चाह रहे हैं। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य रामनिवास कुशवाह का कहना है कि अनुचर की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से होनी है। विद्यालय में प्रवक्ता के पद रिक्त हैं, जो आयोग से भरे जाएंगे। विद्यालय में लगे दोनों हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। जिसकी शिकायत जल निगम में की गई थी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजदूर से विद्यालय की साफ-सफाई कराई जाती है।
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