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Siddharthnagar News: शोहरतगढ़ और डुमरियागंज में अभ्युदय का सेंटर खोलने की मांग
Wed, 12 Jun 2024 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 12 Jun 2024 11:58 PM IST
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- युवा बोले- तहसील स्तर पर चले कोचिंग, सभी को मिलेगा लाभ
- नाैगढ़ और बांसी में चलता है अभ्युदय कोचिंग सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के तहत प्रवेश फार्म भरा जा रहा है। इसमें प्रवेश लेकर छात्र-छात्रा निशुल्क कोचिंग ले रहे हैं। वहीं शोहरतगढ़ व डुमरियागंज के युवाओं का कहना है कि बांसी व नौगढ़ में स्थित कोचिंग सेंटर दूर है। ऐसे में सभी तहसीलों में कोचिंग सेंटर चलने से युवाओं को लाभ मिलेगा। तहसील में कोचिंग सेंटर नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को होती है।
अभ्युदय केंद्रों में प्रवेश के लिए आठ जून से प्रवेश फार्म मिल रहा है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को विकास भवन में स्थित समाज कल्याण कार्यालय में फाॅर्म लेने के लिए आना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को आने-जाने में ही पूरा समय बीत जा रहा है। छात्राओं का कहना है कि इस स्थिति में प्रतिदिन बांसी व नौगढ़ आकर बेहतर तरीके से पढ़ाई नहीं हाे पाएगी। इसके लिए तहसील स्तर पर सेंटर होने से छात्राओं को कम दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार तहसील स्तर पर अभ्युदय की कोचिंग सेंटर चलानी है। ऐसे में सेंटर तहसील स्तर पर चलने से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी बढ़ जाएगी और छात्रों को निशुल्क कोचिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी बेहतर होगी।
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बोलीं छात्रा
कोचिंग सेंटर दूर होने से पढ़कर आते समय अंधेरा हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई समस्या उत्पन्न होने की संभावना है। तहसील स्तर पर सेंटर चलने से दूरी कम हो जाएगी। जिससे छात्र-छात्राओं की संख्या भी बढ़ेगी।
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- तरंग यादव, छात्रा
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डुमरियागंज से बांसी की दूरी लगभग 40 किमी है, जबकि शाम होते ही यातायात का साधन भी नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन आना-जाना संभव नहीं है। तहसील स्तर पर सेंटर चलने से सुविधा मिलेगी।
- अस्थवी पटेल, छात्रा
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तहसील स्तर पर कोचिंग सेंटर चलाने का नियम है। इस वर्ष सभी तहसीलों में छात्र-छात्राओं के अनुसार सेंटर खोले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थी कम होने से अभी तक सेंटर संचालित नहीं किया गया है।
- डॉ. राहुल गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी
- नाैगढ़ और बांसी में चलता है अभ्युदय कोचिंग सेंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के तहत प्रवेश फार्म भरा जा रहा है। इसमें प्रवेश लेकर छात्र-छात्रा निशुल्क कोचिंग ले रहे हैं। वहीं शोहरतगढ़ व डुमरियागंज के युवाओं का कहना है कि बांसी व नौगढ़ में स्थित कोचिंग सेंटर दूर है। ऐसे में सभी तहसीलों में कोचिंग सेंटर चलने से युवाओं को लाभ मिलेगा। तहसील में कोचिंग सेंटर नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को होती है।
अभ्युदय केंद्रों में प्रवेश के लिए आठ जून से प्रवेश फार्म मिल रहा है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को विकास भवन में स्थित समाज कल्याण कार्यालय में फाॅर्म लेने के लिए आना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को आने-जाने में ही पूरा समय बीत जा रहा है। छात्राओं का कहना है कि इस स्थिति में प्रतिदिन बांसी व नौगढ़ आकर बेहतर तरीके से पढ़ाई नहीं हाे पाएगी। इसके लिए तहसील स्तर पर सेंटर होने से छात्राओं को कम दूरी तय करनी पड़ेगी, जबकि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार तहसील स्तर पर अभ्युदय की कोचिंग सेंटर चलानी है। ऐसे में सेंटर तहसील स्तर पर चलने से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या भी बढ़ जाएगी और छात्रों को निशुल्क कोचिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी बेहतर होगी।
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बोलीं छात्रा
कोचिंग सेंटर दूर होने से पढ़कर आते समय अंधेरा हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई समस्या उत्पन्न होने की संभावना है। तहसील स्तर पर सेंटर चलने से दूरी कम हो जाएगी। जिससे छात्र-छात्राओं की संख्या भी बढ़ेगी।
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- तरंग यादव, छात्रा
डुमरियागंज से बांसी की दूरी लगभग 40 किमी है, जबकि शाम होते ही यातायात का साधन भी नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन आना-जाना संभव नहीं है। तहसील स्तर पर सेंटर चलने से सुविधा मिलेगी।
- अस्थवी पटेल, छात्रा
तहसील स्तर पर कोचिंग सेंटर चलाने का नियम है। इस वर्ष सभी तहसीलों में छात्र-छात्राओं के अनुसार सेंटर खोले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थी कम होने से अभी तक सेंटर संचालित नहीं किया गया है।
- डॉ. राहुल गुप्ता, समाज कल्याण अधिकारी