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उपाधि प्राप्त विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में निभाएं भूमिका : राज्यपाल
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
उपाधि प्राप्त विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में निभाएं भूमिका : राज्यपाल
सिद्धार्थनगर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करें। वह जीविका के साथ ही देश, दुनिया व समाज को क्या देंगे, यह तय करें। यह देखना होगा कि वे अनीति व अन्याय नहीं करेंगे और न ही करने देंगे। भगवान बुद्ध से सीख लेते हुए समाज में शांति और करुणा के पथ पर चलने का संकल्प लें। वह सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के पांचवें दीक्षांत समारोह में लोगों को संबोधित कर रही थीं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह विद्वत पदयात्रा के बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव की ओर से द्वीप जलाया गया। फिर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद विद्यार्थियों की ओर से वंदे मातरम गीत तथा सरस्वती वंदना गीत प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जिस भूमि पर महात्मा गौतम बुद्ध ने जीवन के 29 वर्ष व्यतीत किए, वहां आकर विशेष अनुभूति हो रही है। इस पवित्र भूमि पर महात्मा बुद्ध के बचपन के सिद्धार्थ नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। राज्यपाल ने कहा कि जहां निवास करते हैं, वहां की प्रकृति, संस्कृति का हमारे मन पर प्रभाव पड़ता है। इस लिए इस पवित्र भूमि से उपाधि प्राप्त कर निकले विद्यार्थी अपना ज्ञान पूरी दुनिया में फैलाएं, यह उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पदमश्री उपाधि पाने वाले लोगों के जीवन एवं उनके कार्यों से संबंधित जानकारियों जुटाकर एक पुस्तक तैयार करें और उसे यहां के विद्यार्थियों को जरूर पढ़ाएं, जिससे उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा मिले। इस दौरान 33 विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, प्रो. सुरेंद्र दुबे, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीएम दीपक मीणा, एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एडीएम उमाशंकर, कुल सचिव राकेश कुमार, एएसपी सुरेश चंद्र रावत, एसडीएम नौगढ़ विकास कश्यप आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करें। वह जीविका के साथ ही देश, दुनिया व समाज को क्या देंगे, यह तय करें। यह देखना होगा कि वे अनीति व अन्याय नहीं करेंगे और न ही करने देंगे। भगवान बुद्ध से सीख लेते हुए समाज में शांति और करुणा के पथ पर चलने का संकल्प लें। वह सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के पांचवें दीक्षांत समारोह में लोगों को संबोधित कर रही थीं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह विद्वत पदयात्रा के बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, कुलपति प्रो. हरि बहादुर श्रीवास्तव की ओर से द्वीप जलाया गया। फिर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद विद्यार्थियों की ओर से वंदे मातरम गीत तथा सरस्वती वंदना गीत प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जिस भूमि पर महात्मा गौतम बुद्ध ने जीवन के 29 वर्ष व्यतीत किए, वहां आकर विशेष अनुभूति हो रही है। इस पवित्र भूमि पर महात्मा बुद्ध के बचपन के सिद्धार्थ नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाएगा। राज्यपाल ने कहा कि जहां निवास करते हैं, वहां की प्रकृति, संस्कृति का हमारे मन पर प्रभाव पड़ता है। इस लिए इस पवित्र भूमि से उपाधि प्राप्त कर निकले विद्यार्थी अपना ज्ञान पूरी दुनिया में फैलाएं, यह उनकी जिम्मेदारी है।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पदमश्री उपाधि पाने वाले लोगों के जीवन एवं उनके कार्यों से संबंधित जानकारियों जुटाकर एक पुस्तक तैयार करें और उसे यहां के विद्यार्थियों को जरूर पढ़ाएं, जिससे उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा मिले। इस दौरान 33 विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, प्रो. सुरेंद्र दुबे, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीएम दीपक मीणा, एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एडीएम उमाशंकर, कुल सचिव राकेश कुमार, एएसपी सुरेश चंद्र रावत, एसडीएम नौगढ़ विकास कश्यप आदि मौजूद रहे।
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