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Siddharthnagar News: सजा चर्च, हषोल्लास के साथ मनाया जाएगा क्रिसमस-डे
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संवाद न्यूज एजेंसी
उसका बाजार। क्षेत्र के कटका स्थित चर्च में क्रिसमस-डे काफी उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पादरी सैम एसजे व सैमुअल राज ने बताया कि ईसाई मान्यताओं के अनुसार क्रिसमस के दिन ही प्रभु यीशु ने धरती पर जन्म लिया था। इनका जन्म जोसफ और मैरी के घर में हुआ। ऐसे तो प्रभु यीशु को जन्म के ठीक समय और महीने की सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन चौथी शताब्दी में ईसाई चर्चों ने 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे के रूप में मनाने की शुरुआत की।
अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर क्रिसमस के दिन अवकाश की शुरुआत की। इसके बाद से ही दुनियाभर के ईसाई समुदाय इस खास दिन को प्रभु यीशु के जन्मदिवस के रूप मनाना शुरू किया है। क्रिसमस का त्योहार भारत समेत पूरी दुनिया में बहुत हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन ईसाई समुदाय के लोग रात 12 बजे चर्च में प्रभु यीशु का जन्मदिवस मनाते हैं। इन धर्मावलंबियों का मानना है कि ईश्वर ने धरती के मनुष्यों के पाप को खत्म करने और लोगों की रक्षा के लिए अपने बेटे को धरती पर भेजा था।
इस मौके पर लोग सांता बनकर सभी को उपहार बांटते हैं, और घरों में क्रिसमस ट्री सजाते हैं। कटका मिशन में सैमसम इब्राहीम, ऐनम मगन कुमार, रोहित बनर्जी, प्रदीप मैसी, शिलाश मैसी, सुनीलनाथ, सैमसम अजित दयाल, मधुबाला, नीलम दयाल, नम्रता इब्राहीम, अंकिता इब्राहीम, इवान मैसी, त्रिशा दयाल, कुशाग्र आदि कटका स्थित चर्च पर क्रिसमस-डे को धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रखी है।
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उसका बाजार। क्षेत्र के कटका स्थित चर्च में क्रिसमस-डे काफी उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। पादरी सैम एसजे व सैमुअल राज ने बताया कि ईसाई मान्यताओं के अनुसार क्रिसमस के दिन ही प्रभु यीशु ने धरती पर जन्म लिया था। इनका जन्म जोसफ और मैरी के घर में हुआ। ऐसे तो प्रभु यीशु को जन्म के ठीक समय और महीने की सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन चौथी शताब्दी में ईसाई चर्चों ने 25 दिसंबर को क्रिसमस-डे के रूप में मनाने की शुरुआत की।
अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर क्रिसमस के दिन अवकाश की शुरुआत की। इसके बाद से ही दुनियाभर के ईसाई समुदाय इस खास दिन को प्रभु यीशु के जन्मदिवस के रूप मनाना शुरू किया है। क्रिसमस का त्योहार भारत समेत पूरी दुनिया में बहुत हर्ष और उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन ईसाई समुदाय के लोग रात 12 बजे चर्च में प्रभु यीशु का जन्मदिवस मनाते हैं। इन धर्मावलंबियों का मानना है कि ईश्वर ने धरती के मनुष्यों के पाप को खत्म करने और लोगों की रक्षा के लिए अपने बेटे को धरती पर भेजा था।
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इस मौके पर लोग सांता बनकर सभी को उपहार बांटते हैं, और घरों में क्रिसमस ट्री सजाते हैं। कटका मिशन में सैमसम इब्राहीम, ऐनम मगन कुमार, रोहित बनर्जी, प्रदीप मैसी, शिलाश मैसी, सुनीलनाथ, सैमसम अजित दयाल, मधुबाला, नीलम दयाल, नम्रता इब्राहीम, अंकिता इब्राहीम, इवान मैसी, त्रिशा दयाल, कुशाग्र आदि कटका स्थित चर्च पर क्रिसमस-डे को धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रखी है।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।

सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
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