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Siddharthnagar News: बिना प्रशिक्षक एकलव्य बनने की राह पर जिले की बेटियां
Thu, 22 Feb 2024 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 22 Feb 2024 01:37 AM IST
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सिद्धार्थनगर। महाभारत में अर्जुन के पास महान धनुर्धर द्रोणाचार्य गुरु थे। लेकिन एकलव्य मात्र उनकी प्रतिमा के सहारे ही विद्या ग्रहण करके सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर बन गए थे। ठीक उसी तरह जिले की बेटियां भी बिना प्रशिक्षक के एकलव्य की राह चलकर विभिन्न खेलों में अपना मुकाम हासिल करती दिख रही हैं। सांसद खेल महाकुंभ के अंतिम दिन जिला स्टेडियम में उनका जोरदार प्रदर्शन ऐसा साबित करता दिख रहा था। यहां महिला खिलाड़ियों में खेल को लेकर एक अलग ही जुनून नजर आ रहा था।
जिला स्पोर्ट स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महाकुंभ का अंतिम दिन महिला खिलाड़ियों के नाम रहा। तीसरे दिन अलग-अलग खेलों की तीन सौ से अधिक महिला खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। अंतिम दिन इन महिला खिलाड़ियों के चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, वाॅलीबाल खेल का आयोजन किया गया। जिला स्टेडियम में इन चारों खेलों के कोई प्रशिक्षक नहीं है। जिससे खिलाड़ियों की प्रैक्टिस नहीं हो पाती है। लेकिन खेलने की एक अलग जज्बा होने से सांसद खेल महा कुंभ में महिला खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। जिससे खिलाड़ियों में खुद के दम पर एकलव्य बनने की प्रतिभा देखने को मिली। स्टेडियम में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में अनुष्का, एथेलेटिक्स में तृप्ति मिश्रा, वॉलीबाल में पूजा व बैडमिंटन में नेहा के प्रदर्शन से कुछ ऐसा दिख रहा था।
इन खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में खिताबी जंग के लिए खूब संघर्ष करती रही। खिलाड़ियों की खेल के प्रति जुनून देख कर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग उत्साह वर्धन करते रहे। जिले में खेल की व्यवस्थाओं का सुधार हो तो वह दिन दूर नहीं जब जिले से भी साइना नेहवाल, पीटी उषा, मीथाली राज, साक्षी मलिक जैसी खिलाड़ी जिले से भी निकलकर जिले का मान बढ़ाएंगी। जिले में खेल की सुविधाओं का अभाव होने के बाद भी खिलाड़ी अपने दम पर प्रतिभा दिखा रहे है।
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जिला स्पोर्ट स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महाकुंभ का अंतिम दिन महिला खिलाड़ियों के नाम रहा। तीसरे दिन अलग-अलग खेलों की तीन सौ से अधिक महिला खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। अंतिम दिन इन महिला खिलाड़ियों के चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, वाॅलीबाल खेल का आयोजन किया गया। जिला स्टेडियम में इन चारों खेलों के कोई प्रशिक्षक नहीं है। जिससे खिलाड़ियों की प्रैक्टिस नहीं हो पाती है। लेकिन खेलने की एक अलग जज्बा होने से सांसद खेल महा कुंभ में महिला खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। जिससे खिलाड़ियों में खुद के दम पर एकलव्य बनने की प्रतिभा देखने को मिली। स्टेडियम में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में अनुष्का, एथेलेटिक्स में तृप्ति मिश्रा, वॉलीबाल में पूजा व बैडमिंटन में नेहा के प्रदर्शन से कुछ ऐसा दिख रहा था।
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इन खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में खिताबी जंग के लिए खूब संघर्ष करती रही। खिलाड़ियों की खेल के प्रति जुनून देख कर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग उत्साह वर्धन करते रहे। जिले में खेल की व्यवस्थाओं का सुधार हो तो वह दिन दूर नहीं जब जिले से भी साइना नेहवाल, पीटी उषा, मीथाली राज, साक्षी मलिक जैसी खिलाड़ी जिले से भी निकलकर जिले का मान बढ़ाएंगी। जिले में खेल की सुविधाओं का अभाव होने के बाद भी खिलाड़ी अपने दम पर प्रतिभा दिखा रहे है।
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