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Siddharthnagar News: आते ही खत्म हो जा रही डीएपी, किसान मायूस
Tue, 12 Nov 2024 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:19 PM IST
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सहकारी समिति अलीदापुर में खाद के लिए कतार में खडे किसान।
सिद्धार्थनगर। जिले में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई चरम पर है। ऐसे समय में डीएपी संकट किसानों पर भारी पड़ रही है। प्रर्याप्त मात्रा डीएपी समितियों पर नहीं पहुंच पाई है।
इसके कारण किसानों खाद नहीं मिल पा रहा है। एक बोरी डीएपी के लिए किसान दर-दर भटकने के लिए विवश है। जिनकी खेती में मौसम की मार से नुकसान हुआ है, वे लोग भी रूपये लेकर खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ रहा है।
तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार बढ़नी ब्लाॅक डीएपी केवल समितियों पर ही आ रही है। प्राइवेट दुकानों पर डीएपी के न आने से खाद की किल्लत हो गई है। किसानों के मुताबिक समितियों पर 300 से 600 बोरी डीएपी आ रही है, जो कि किसानों के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
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1710 एमटी डीएपी खाद को 114 समिति पर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन वह किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। प्राइवेट दुकानों पर डीएपी ना आने से लोगों का भरोसा केवल समितियों पर रह गया है। समितियों पर आ रही 300 से 600 बोरियों को लेने के लिए 500 से 1000 किसान लाइन लगा कर खड़े रहते हैं।
समिति के सचिव दो से तीन बोरी दे रहे हैं। इसलिए खाद सभी को मिल नहीं पा रही है। किसान खाद मिलने की आशा में पूरे दिन खड़े होकर समय बिता रहे हैं।
धेंसा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्रीय सहकारी समिति धेंसा पर शनिवार को डीएपी आ गई है, लेकिन आज तक वितरित नहीं किया गया। खाद की आस में किसान सुबह 5 बजे से ही, बिना कुछ खाये ही समिति पर पहुंच गए। लेकिन दो बजे तक खाद वितरित नहीं होने निराश लौटने के लिए विवश हो गए।
क्षेत्र के पारा नानकार, पलिया निधि, साहा, सिरवंत,कपिया रावत , धेंसा, आदि गांवों के सैकड़ों किसान सहकारी समिति धेंसा पर पहुंच गये, लेकिन अंगूठा न लगने व नेटवर्क की समस्या का हवाला देकर डीएपी खाद नहीं बांटी गई। ग्राम कपिया राऊत के उदय राज ने कहा कि सुबह 5 बजे ही पहुंच गए थे, लेकिन खाद नहीं मिला।
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इसके कारण किसानों खाद नहीं मिल पा रहा है। एक बोरी डीएपी के लिए किसान दर-दर भटकने के लिए विवश है। जिनकी खेती में मौसम की मार से नुकसान हुआ है, वे लोग भी रूपये लेकर खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ रहा है।
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तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार बढ़नी ब्लाॅक डीएपी केवल समितियों पर ही आ रही है। प्राइवेट दुकानों पर डीएपी के न आने से खाद की किल्लत हो गई है। किसानों के मुताबिक समितियों पर 300 से 600 बोरी डीएपी आ रही है, जो कि किसानों के लिए नाकाफी साबित हो रही है।
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1710 एमटी डीएपी खाद को 114 समिति पर आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन वह किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। प्राइवेट दुकानों पर डीएपी ना आने से लोगों का भरोसा केवल समितियों पर रह गया है। समितियों पर आ रही 300 से 600 बोरियों को लेने के लिए 500 से 1000 किसान लाइन लगा कर खड़े रहते हैं।
समिति के सचिव दो से तीन बोरी दे रहे हैं। इसलिए खाद सभी को मिल नहीं पा रही है। किसान खाद मिलने की आशा में पूरे दिन खड़े होकर समय बिता रहे हैं।
धेंसा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्रीय सहकारी समिति धेंसा पर शनिवार को डीएपी आ गई है, लेकिन आज तक वितरित नहीं किया गया। खाद की आस में किसान सुबह 5 बजे से ही, बिना कुछ खाये ही समिति पर पहुंच गए। लेकिन दो बजे तक खाद वितरित नहीं होने निराश लौटने के लिए विवश हो गए।
क्षेत्र के पारा नानकार, पलिया निधि, साहा, सिरवंत,कपिया रावत , धेंसा, आदि गांवों के सैकड़ों किसान सहकारी समिति धेंसा पर पहुंच गये, लेकिन अंगूठा न लगने व नेटवर्क की समस्या का हवाला देकर डीएपी खाद नहीं बांटी गई। ग्राम कपिया राऊत के उदय राज ने कहा कि सुबह 5 बजे ही पहुंच गए थे, लेकिन खाद नहीं मिला।