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फजीहतवा नाला के उफान से 40 गांवों की फसल बर्बाद

Mon, 23 Aug 2021 10:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 10:24 PM IST
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Crops of 40 villages ruined due to the boom of Fajihatwa Nala
फजीहतवा नाला के उफान से 40 गांवों की फसल बर्बाद
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बांसी। फजिहतवा नाले में उफान से 40 से अधिक गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हो गई। कोरोना संक्रमण में दो वर्ष से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों के लिए फसल बर्बाद होने से दोहरी मार पड़ी है। पीड़ित किसानों को सरकारी मदद की दरकार है।
लगातार बारिश से चंवर ताल के आसपास और फजिहतवा नाले के दोनों तरफ हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई है। एक दशक से औसत बारिश होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को धान की फसल मिल जाती थी, परंतु दो वर्षों से अधिक बारिश होने से पूरी फसल जलमग्न हो गई। इस क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लॉकडाउन का कष्ट झेलने के बाद खाने के लाले पड़ गए थे। किसी तरह कर्ज लेकर धान की फसल की बुआई इस उम्मीद से की गई कि फसल तैयार होने पर उनका कष्ट कुछ दूर होगा, लेकिन बदनसीबी हमारी किस्मत बन गई है। हालत यह है कि 10 दिन से चंवर ताल और फजिहतवा नाले के दोनों तरफ सिर्फ जल ही जल नजर आ रहा है।
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क्षेत्रीय किसान राम प्रसाद लोधी गनवरिया, अमरेंद्र लोधी, सर्वजीत, रामदास, हीरालाल, अजीत, दिलीप, मोहनलाल, मोबीन, शाहआलम, शिव कुमार आदि ने कहा कि पहले लॉकडाउन का दंश झेला, जिससे सभी लोग एक-एक रुपया के लिए मोहताज हो गए थे। इसके बाद किसी तरह रुपये का इंतजाम कर फसल की बुआई की थी। वह भी जलभराव हो जाने से बर्बाद हो गई। अब हम सबके सामने बेबसी व बीमारी के सिवा कुछ नहीं बचा है। यही नहीं पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है।
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दरअसल राप्ती व बूढ़ी राप्ती के नदी के बीच में चंवर ताल है और इसी से निकलकर फजिहतवा नाला निकला है, जो आगे जाकर बूढ़ी राप्ती में मिलता है। इस वर्ष नेपाल की पहाड़ियों व क्षेत्र में हुई लगातार बारिश शुरू हो जाने से बूढ़ी राप्ती व राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ गया। मजबूरन फजिहतवा नाले का बूढ़ी राप्ती नदी पर बना रेग्युलेटर बंद करना पड़ा। इसका परिणाम हुआ कि यह क्षेत्र जलमग्न हो गया और चंद दिनो में हुए जलभराव से हाहाकार मच गया है।

जिला पंचायत सदस्य कृष्ण मुरारी यादव, सबका दल यूनाइटेड के जिला उपाध्यक्ष राम सिंह लोधी, महंत लोधी, एडवोकेट विनोद पासवान, विश्वनाथ लोधी ने जिला प्रशासन व सरकार से किसानों की फसल के हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अधिकतर छोटे और मझोले किसान हैं, जिनकी संपूर्ण फसल पानी मे डूबने से बर्बाद हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दे, जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।
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