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काठमांडू जा बैठा जाली नोट का मुख्य आरोपी

Mon, 25 Apr 2016 11:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Mon, 25 Apr 2016 11:22 PM IST
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Kathmandu sat counterfeit accused
हत्या - फोटो : amar ujala
जाली नोट रैकेट का खुलासा पुलिस ने कर दिया। पांच धंधेबाज पकड़ में आ गए। मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से सरक कर दूर काठमांडू में कहीं जा बैठा है। अब पुलिस के हाथ वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले भी कई जाली नोट के मामले पकड़ में आ चुके हैं। दरोगा केवल कैरियर (वाहक या माध्यम) तक ही पहुंच पा रहे हैं। पुलिस के सामने हर मामले में इसी मुख्य आरोपी का नाम सामने आया है। मास्टर मांइड को पकड़ने के लिए मामला केंद्रीय खुफिया एजेंसी व एटीएस को सौंप दिया गया है। 
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बैंकों में जाली नोट चलाने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध को पकड़ पुलिस ने नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया। पुलिस अधिकारियों ने यह भी माना कि इनका नेटवर्क अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित है। एसपी अजय कुमार साहनी ने कहा था कि जाली नोट से संबधित मामले की जांच एटीएस व केंद्रीय खुफिया एजेंसी करती है।
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उनके संज्ञान में दे दिया गया है।
उधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि कोतवाली कपिलवस्तु में पकड़े गए संदिग्ध ने पूछताछ में बताया था कि वह पहले से इस धंधे में रहा है। धंधे में आने से पहले वह दो बार काठमांडू घूम कर आया था। इसके बाद आकाओं ने धीरे-धीरे विश्वास किया और सीमा पर धंधे की कमान को सौंपा।
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सूत्र कहते हैं कि पूछताछ में उसने यह भी बताया था कि पकड़े गए माल की डिलेवरी गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर किया गया था। डिलेवरी देने वाले शख्स से पूर्व में कोई जान-पहचान नहीं रही। पकड़े गए संदिग्ध ने कई राज पुलिस के सामने उगले।
जांच एजेंसियों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि कभी-कभार जिला मुख्यालय पर कदम रखने वाले इस मुख्य आरोपी को कैसे धर दबोचे। कम दिनों में कुबेर बना ये मुख्य आरोपी स्थानीय स्तर पर नेताओं की फौज को वित्तीय मदद करने के कारण सुर्खियों में भी रहता है।

एएसपी मंशाराम गौतम ने बताया कि जाली नोट मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई है। पकड़े गए नोटों की गड्डी को आरबीआई कलकत्ता भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की टीम जांच करने के बाद ही बताएगी कि जाली नोट को कहां पर छापा गया था। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार नेपाल के काठमांडू से नोट की खेप उठाई जाती है। जाली नोट की छपाई कहीं अन्य स्थान पर किया जाता है।
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