{"_id":"5722467c4f1c1b6330a9177f","slug":"inspector-attack-convict-five-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरोगा पर हमले के दोषी को पांच साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दरोगा पर हमले के दोषी को पांच साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 28 Apr 2016 10:51 PM IST
विज्ञापन
अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दरोगा पर हमले और सरकारी जीप क्षतिग्रस्त करने के दोषी को कोर्ट ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर विभिन्न धाराओं में 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसी मामले में आरोपी 25 अन्य लोगों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। मामला मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा कस्बे का है।
अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायन श्रीवास्तव के अनुसार ककरहवा निवासी दिलीप पांडेय के खिलाफ मोहाना थाने में मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज था। इसकी जांच के लिए तत्कालीन एसओ ददन सिंह 29 दिसंबर 2010 को ककरहवा कस्बे में पहुंचे थे।
इस दौरान दर्जनों लोगों ने लामबंद होकर एसओ पर हमला बोल दिया था। हमलावरों ने पुलिस की सरकारी जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया। एसओ ने किसी तरह भागकर जान बचाई। एसओ की तहरीर पर दिलीप पांडेय समेत 26 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विभिन्न तिथियों पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से चार गवाह व 13 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। गवाहों के बयान व पत्रावली अवलोकन के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य आरोपी दिलीप पांडेय को घटना में दोषी करार दिया।
25 अन्य लोगों को दोषमुक्त ठहराया। गुरुवार को फैसला सुनाते हुए दोषी दिलीप पांडेय को 5 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड देने का आदेश दिया। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त कारावास भी भुगतनी पड़ेगी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायन श्रीवास्तव के अनुसार ककरहवा निवासी दिलीप पांडेय के खिलाफ मोहाना थाने में मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज था। इसकी जांच के लिए तत्कालीन एसओ ददन सिंह 29 दिसंबर 2010 को ककरहवा कस्बे में पहुंचे थे।
विज्ञापन
इस दौरान दर्जनों लोगों ने लामबंद होकर एसओ पर हमला बोल दिया था। हमलावरों ने पुलिस की सरकारी जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया। एसओ ने किसी तरह भागकर जान बचाई। एसओ की तहरीर पर दिलीप पांडेय समेत 26 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विभिन्न तिथियों पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से चार गवाह व 13 अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए। गवाहों के बयान व पत्रावली अवलोकन के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य आरोपी दिलीप पांडेय को घटना में दोषी करार दिया।
25 अन्य लोगों को दोषमुक्त ठहराया। गुरुवार को फैसला सुनाते हुए दोषी दिलीप पांडेय को 5 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड देने का आदेश दिया। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त कारावास भी भुगतनी पड़ेगी।