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नौगढ़ स्टेशन पर मिलीं लापता चार लड़कियां
siddharthnagar
Updated Mon, 18 Jun 2018 11:19 PM IST
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Wikipedia
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कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव से 7 जून को लापता हुईं चार लड़कियों को कपिलवस्तु पुलिस एवं स्वाट टीम के संयुक्त प्रयास से मुखबिर की सूचना पर रविवार को नौगढ़ स्टेशन पर मिलीं।
कोतवाली प्रभारी संजय दूबे ने बताया कि लापता हुई सभी बालिकाओं की बरामदगी हो गई है। कमाने के उद्देश्य से बिना किसी को कुछ बताए घर से चारों लड़कियां चली गई थीं। उन्हें काफी खोजबीन किया गया। इस बीच रविवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि नौगढ़ स्टेशन पर कुछ लड़कियां हैं। मौके पर जाकर पहचान किया गया तो बालिकाएं मिल गईं जिन्हें पुलिस खोज रही थी।
बरामद बालिकाओं में से साधना को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। बाकी सभी छोटी बच्चियों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। टीम में बजहा चौकी इंचार्ज राधारमण यादव, कास्टेबल इंद्रजीत, दिनेश यादव, शैलेंद्र राय, संतोष यादव, शैलेंद्र यादव, इंद्रजीत, अवनीश, स्वाट टीम प्रभारी मनोज सिंह, महिला कास्टेबल मीना शामिल थे।
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पुलिस की कहानी पर उठे सवाल ः पुलिस की ओर से बताई गई कहानी पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि अगर मुख्यालय पर बालिकाएं थीं तो इतने दिनों से आखिर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी। कहीं न कहीं मामले में पुलिस लीपापोती कर रही है।
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कोतवाली प्रभारी संजय दूबे ने बताया कि लापता हुई सभी बालिकाओं की बरामदगी हो गई है। कमाने के उद्देश्य से बिना किसी को कुछ बताए घर से चारों लड़कियां चली गई थीं। उन्हें काफी खोजबीन किया गया। इस बीच रविवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि नौगढ़ स्टेशन पर कुछ लड़कियां हैं। मौके पर जाकर पहचान किया गया तो बालिकाएं मिल गईं जिन्हें पुलिस खोज रही थी।
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बरामद बालिकाओं में से साधना को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। बाकी सभी छोटी बच्चियों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। टीम में बजहा चौकी इंचार्ज राधारमण यादव, कास्टेबल इंद्रजीत, दिनेश यादव, शैलेंद्र राय, संतोष यादव, शैलेंद्र यादव, इंद्रजीत, अवनीश, स्वाट टीम प्रभारी मनोज सिंह, महिला कास्टेबल मीना शामिल थे।
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पुलिस की कहानी पर उठे सवाल ः पुलिस की ओर से बताई गई कहानी पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि अगर मुख्यालय पर बालिकाएं थीं तो इतने दिनों से आखिर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी। कहीं न कहीं मामले में पुलिस लीपापोती कर रही है।