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विद्यालयों में पौधरोपण की जांच शुरू
siddharthnagar
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:49 PM IST
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investigation
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सिद्धार्थनगर। जिले के 2710 परिषदीय स्कूलों में कराए गए पौधरोपण की जांच होगी। शिक्षकों के द्वारा पेश किए गए आंकड़ों और जमीनी स्थिति में अंतर के बाद यह निर्णय लिया गया है। जांच का जिम्मा ब्लॉक के जेई और सचिव को दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए एक से 15 अगस्त तक जिले में विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया था। इसमें ग्राम पंचायत से लेकर सरकारी विभाग भी शामिल थे। पौधरोपण के लिए स्कूलों की खाली जमीन को चुना गया था और इसका जिम्मा विद्यालय के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को सौंपा गया था। जब संबंधित विभागों से पौधों की खरीद और विद्यालयों से रोपे के पौधों का आंकड़ा मांगा गया तो इसमें अंतर आया। इस पर मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम स्थलीय निरीक्षण करके रोपे गए पौधे की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। जांच की जिम्मेदारी संबंधित ब्लॉक के जेई व सेक्रेट्री को सौंपी गई है। डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए निर्देशित किया गया है।
जांच में यह देखा जाएगा
सूत्रों की माने तो जांच में प्रारूप में संबंधित तहसील का नाम, ब्लॉक का नाम, गांव और प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नाम, पौधरोपण स्थल का नाम, रोपे गए पौधों की संख्या, जांच में पाएं गए पौधे की संख्या, कितनी संख्या में रोपे गए थे। मौजूदा समय मेें कितने जीवित हैं। आंकड़ों के मुताबिक पौधे हैं कि नहीं है।
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पर्यावरण संरक्षण के लिए एक से 15 अगस्त तक जिले में विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया था। इसमें ग्राम पंचायत से लेकर सरकारी विभाग भी शामिल थे। पौधरोपण के लिए स्कूलों की खाली जमीन को चुना गया था और इसका जिम्मा विद्यालय के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को सौंपा गया था। जब संबंधित विभागों से पौधों की खरीद और विद्यालयों से रोपे के पौधों का आंकड़ा मांगा गया तो इसमें अंतर आया। इस पर मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम स्थलीय निरीक्षण करके रोपे गए पौधे की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। जांच की जिम्मेदारी संबंधित ब्लॉक के जेई व सेक्रेट्री को सौंपी गई है। डीएम कुणाल सिल्कू ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के लिए निर्देशित किया गया है।
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जांच में यह देखा जाएगा
सूत्रों की माने तो जांच में प्रारूप में संबंधित तहसील का नाम, ब्लॉक का नाम, गांव और प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय का नाम, पौधरोपण स्थल का नाम, रोपे गए पौधों की संख्या, जांच में पाएं गए पौधे की संख्या, कितनी संख्या में रोपे गए थे। मौजूदा समय मेें कितने जीवित हैं। आंकड़ों के मुताबिक पौधे हैं कि नहीं है।
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